दिग्गज संगीतकार देवा के निधन पर एआईसीडब्ल्यूए की भावभीनी श्रद्धांजलि, 400 फिल्मों की विरासत को नमन
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के दिग्गज संगीतकार और गायक देवा (देवनेसन चोक्कलिंगम) के निधन पर ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 'गाना किंग' और 'थेनिसाई थेंड्रल' के नाम से विख्यात देवा ने 400 से अधिक फिल्मों में अपनी संगीत प्रतिभा का लोहा मनवाया था। एसोसिएशन ने उनके जाने को भारतीय फिल्म और संगीत उद्योग के लिए एक अपूरणीय क्षति करार दिया।
एआईसीडब्ल्यूए की श्रद्धांजलि
एआईसीडब्ल्यूए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत श्रद्धांजलि-नोट साझा किया, जिसमें देवा की कला और उनके व्यक्तित्व की मुक्त कंठ से प्रशंसा की गई। एसोसिएशन ने लिखा, 'थेनिसाई थेंड्रल' के नाम से प्रसिद्ध देवा को तमिल सिनेमा में 'गाना के जनक' के रूप में भी सम्मान दिया जाता है — एक ऐसी शैली जिसे उन्होंने लोकप्रिय बनाकर मुख्यधारा की फिल्म संगीत का अभिन्न अंग बनाया।
तमिल से मलयालम तक — विरासत की गहराई
एआईसीडब्ल्यूए के अनुसार, देवा के संगीत ने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम सिनेमा में दर्शकों के दिलों को छुआ। 'आसई', 'कादल कोट्टई' और 'खुशी' जैसी फिल्मों ने उन्हें करोड़ों श्रोताओं का चहेता बनाया। सुपरस्टार रजनीकांत के साथ अन्नामलाई, बाशा और अरुणाचलम में उनकी जुगलबंदी ने भारतीय सिनेमा को कुछ सबसे यादगार गाने और बैकग्राउंड स्कोर दिए। इसके अलावा, कमल हासन की 'अव्वई शनमुघी' के लिए उनका संगीत आज भी श्रोताओं में उतनी ही ताज़गी से गूंजता है।
उद्योग में शोक की लहर
एसोसिएशन ने कहा कि इस क्षति ने संगीत उद्योग के साथ-साथ पूरी तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ा दी है। एआईसीडब्ल्यूए ने अपने शोक संदेश में लिखा — 'उनकी कालजयी धुनें और अविस्मरणीय रचनाएँ हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी।' एसोसिएशन ने देवा के परिवार, मित्रों और अनगिनत चाहने वालों के प्रति गहरी संवेदना भी अर्पित की।
एक युग का अंत
एआईसीडब्ल्यूए ने देवा के निधन को 'एक युग का अंत' बताया। 400 से ज्यादा फिल्मों में संगीत देने वाले देवा की विनम्रता और उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा — ऐसा एसोसिएशन का कहना है। गौरतलब है कि दक्षिण भारतीय सिनेमा में 'गाना' शैली को मुख्यधारा तक पहुँचाने का श्रेय बड़े पैमाने पर देवा को ही दिया जाता है, जो उनकी स्थायी विरासत का सबसे बड़ा प्रमाण है।