भारतीराजा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार आज, थेनी के फार्महाउस में होगा अंतिम विदाई
सारांश
मुख्य बातें
तमिल सिनेमा के दिग्गज फिल्म निर्देशक भारतीराजा का गुरुवार, 12 जून 2025 को थेनी जिले के वथलागुंडु के निकट स्थित उनके फार्महाउस में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। ग्रामीण जीवन को तमिल सिनेमा के केंद्र में स्थापित करने वाले इस फिल्मकार का बुधवार, 11 जून को चेन्नई में उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण निधन हो गया।
श्रद्धांजलि का सिलसिला
भारतीराजा के निधन की खबर फैलते ही फिल्म जगत, राजनीतिक हलकों और उनके करोड़ों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। चेन्नई स्थित उनके आवास पर बुधवार को दिनभर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उनके आवास पहुँचकर पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया और शोक संतप्त परिवार से मिलकर संवेदनाएँ व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने तमिल सिनेमा और संस्कृति में भारतीराजा के अतुलनीय योगदान को देखते हुए राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार का ऐलान किया।
किन्होंने दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ नेता एम.के. स्टालिन, उदयनिधि स्टालिन, मंत्री एन. आनंद, आर. निर्मल कुमार और राजमोहन शामिल रहे।
फिल्म जगत की ओर से अभिनेता रजनीकांत, कमल हासन, शिवकुमार, विजयकुमार और राधा रवि ने अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। संगीतकार इलैयाराजा, कवि-गीतकार वैरामुथु तथा निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर और के. भाग्यराज भी उपस्थित रहे।
अंतिम यात्रा का विवरण
कवि-गीतकार वैरामुथु ने पत्रकारों को बताया कि भारतीराजा का पार्थिव शरीर गुरुवार को थेनी जिले के वथलागुंडु के पास स्थित उनके फार्महाउस में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में फिल्मकार ने अपना अधिकांश समय इसी फार्महाउस में बिताया था। वैरामुथु ने तमिलनाडु सरकार के राजकीय सम्मान के फैसले के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
पार्थिव शरीर को बुधवार रात तक चेन्नई आवास पर रखा गया, जिससे आम नागरिक, फिल्मकर्मी और राजनेता अंतिम दर्शन कर सकें।
फिल्म उद्योग में शूटिंग स्थगित
साउथ इंडियन फिल्म एम्प्लॉइज फेडरेशन ने श्रद्धांजलि स्वरूप गुरुवार को तमिलनाडु में सभी फिल्म शूटिंग गतिविधियाँ स्थगित रखने की घोषणा की है। यह निर्णय इस बात का प्रमाण है कि भारतीराजा का तमिल फिल्म उद्योग पर कितना गहरा प्रभाव था।
तमिल सिनेमा को उनकी विरासत
भारतीराजा ने अपनी फिल्मों के माध्यम से तमिल सिनेमा को शहरी चकाचौंध से निकालकर ग्रामीण जीवन, किसानों और आम आदमी की कहानियों से जोड़ा। उनका यह अवदान तमिल सिनेमा की पहचान का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। उनके जाने से एक ऐसे युग का अंत हुआ है जिसने तमिल सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई।