भारतीराजा को CM विजय की अंतिम श्रद्धांजलि, राजकीय सम्मान से होगी विदाई; फिल्म जगत में शोक
सारांश
मुख्य बातें
तमिल सिनेमा के महान निर्देशक भारतीराजा के निधन पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 10 जून को चेन्नई के नीलांगराई स्थित उनके आवास पहुँचकर अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के सदस्यों से मिलकर सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भारतीराजा की अंतिम यात्रा पूरे राजकीय सम्मान के साथ निकाली जाएगी। इस खबर के बाद से पूरे फिल्म जगत में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।
मुख्यमंत्री विजय की भावुक श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विजय ने एक्स पर एक भावपूर्ण पोस्ट में लिखा, 'तमिल सिनेमा के महान निर्देशक भारतीराजा के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख और पीड़ा हुई है। भारतीराजा ने अपनी फिल्मों के ज़रिए ग्रामीण जीवन और संस्कृति को जिस सच्चाई और भावनात्मक गहराई के साथ प्रस्तुत किया, उसने उन्हें फिल्म जगत में एक अलग और विशेष स्थान दिलाया।'
विजय ने आगे कहा, 'भारतीराजा को सिनेमा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए कई राज्य और राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया था। उन्होंने कई पीढ़ियों के कलाकारों और तकनीशियनों को आगे बढ़ने का मौका दिया।' उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार, मित्रों और लाखों प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
सितारों ने नम आँखों से किया याद
अभिनेत्री गौतमी तडिमल्ला ने एक्स पर लिखा, 'भारतीराजा सही मायनों में भारतीय सिनेमा के दिग्गज थे। उन्होंने तमिल सिनेमा के एक पूरे दौर को अपनी कालजयी फिल्मों के ज़रिए परिभाषित किया। उनका जाना ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।'
अभिनेत्री रेवती ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'अगर मैं आज अभिनेत्री के रूप में पहचानी जाती हूँ, तो इसके पीछे भारतीराजा का बड़ा योगदान है। वह हमेशा यादों में रहेंगे।' अभिनेता शांतनु भाग्यराज ने कहा, 'भारतीराजा वह शख्स थे जिन्होंने तमिल मिट्टी की खुशबू और उसकी आत्मा को हमेशा के लिए बड़े पर्दे पर अमर कर दिया।'
संगीतकार और अभिनेता जी वी प्रकाश कुमार ने कहा, 'भारतीराजा उन लोगों में से थे जिन्होंने सिनेमा की दिशा बदल दी। वह केवल एक निर्देशक नहीं थे, बल्कि ऐसे मार्गदर्शक थे जिन्होंने कई फिल्मकारों को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा दी।'
भारतीराजा की विरासत
भारतीराजा को तमिल सिनेमा में ग्रामीण जीवन और संस्कृति का सबसे प्रामाणिक चितेरा माना जाता है। उनकी फिल्मों ने समाज की वास्तविक ज़िंदगी को बड़े पर्दे पर उतारा और कई पीढ़ियों के कलाकारों व तकनीशियनों को नई राह दिखाई। उन्हें अनेक राज्य एवं राष्ट्रीय पुरस्कारों के साथ-साथ पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था। गौरतलब है कि उनके द्वारा खोजी गई प्रतिभाएँ आज भी फिल्म जगत में अपनी पहचान बनाए हुए हैं।
आगे क्या
मुख्यमंत्री विजय की घोषणा के अनुसार, भारतीराजा को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। फिल्म उद्योग के दिग्गज उनके अंतिम दर्शन के लिए एकत्रित हो रहे हैं। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को सिनेमा की नई भाषा गढ़ने की प्रेरणा देती रहेगी।