12 जुलाई 2026
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तमिलनाडु चुनाव से पहले कांग्रेस का संकट, मणिकम टैगोर के इस्तीफे से हुआ विवाद

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तमिलनाडु चुनाव से पहले कांग्रेस का संकट, मणिकम टैगोर के इस्तीफे से हुआ विवाद

सारांश

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिकम टैगोर ने चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है, जिससे पार्टी के अंदर असंतोष और मतभेदों का संकेत मिलता है, खासकर आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के संदर्भ में।

मुख्य बातें

मणिकम टैगोर का इस्तीफा पार्टी के भीतर असंतोष को दर्शाता है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को होने वाले हैं।
कांग्रेस को डीएमके गठबंधन में सीमित भूमिका मिली है।
आंतरिक मतभेदों का समाधान चुनावी प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
गठबंधन के साथी प्रचार में तेज हैं।

चेन्नई, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विरुधुनगर के सांसद मणिकम टैगोर ने पार्टी की चुनाव प्रबंधन और समन्वय समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा 23 अप्रैल को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से कुछ ही हफ्ते पहले आया है, जिससे राज्य इकाई में आंतरिक मतभेद उजागर हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, विधानसभा सीटों के आवंटन और गठबंधन रणनीति को लेकर वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। कई गुटों ने इस पर अलग-अलग विचार व्यक्त किए हैं कि किन उम्मीदवारों को किस सीट से नामित किया जाए। टैगोर इस प्रक्रिया और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के तरीके से असंतुष्ट थे।

पार्टी के सूत्रों ने बताया कि यह इस्तीफा केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि यह पार्टी नेतृत्व और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते असंतोष का संकेत है। कांग्रेस को डीएमके नेतृत्व वाले गठबंधन में सीमित हिस्सेदारी मिलने को लेकर चिंता बढ़ रही है।

गठबंधन के तहत कांग्रेस को 28 विधानसभा सीटें और एक राज्यसभा सीट दी गई हैं। कुछ नेताओं ने चुनाव के बाद सरकार में अधिक प्रभावी भूमिका की मांग की थी। टैगोर भी कैबिनेट में प्रतिनिधित्व की स्पष्ट आश्वासन की अपेक्षा कर रहे थे, लेकिन डीएमके ने कहा कि वर्तमान में केवल सीटों के बंटवारे पर समझौता हुआ है, सत्ता में हिस्सेदारी पर कोई प्रतिबद्धता नहीं है।

इस इस्तीफे का समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरान गठबंधन के साथी पूरे राज्य में प्रचार तेज कर रहे हैं। कांग्रेस में इसे व्यापक असंतोष का संकेत समझा जा रहा है, क्योंकि कई कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी तमिलनाडु में अधिक प्रभावी भूमिका निभाए।

वरिष्ठ नेताओं के प्रयासों के बावजूद, यह इस्तीफा चुनावी स्थिति को और जटिल बना देता है। डीएमके नेतृत्व वाला गठबंधन पहले से ही एआईडीएमके और पहली बार चुनाव में उतर रही तमिलगा वेत्री कझगम जैसी पार्टियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रहा है।

जैसे-जैसे प्रचार तेज हो रहा है, कांग्रेस नेतृत्व को आंतरिक मतभेदों को जल्दी से हल करना होगा ताकि संगठनात्मक समस्याएं गठबंधन के चुनावी प्रदर्शन को प्रभावित न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों मणिकम टैगोर ने इस्तीफा दिया?
मणिकम टैगोर ने सीटों के आवंटन और गठबंधन रणनीति को लेकर असंतोष व्यक्त किया और पार्टी के निर्णय लेने की प्रक्रिया से असंतुष्ट थे।
कांग्रेस को गठबंधन में कितनी सीटें मिली हैं?
कांग्रेस को डीएमके नेतृत्व वाले गठबंधन के तहत 28 विधानसभा सीटें और एक राज्यसभा सीट दी गई हैं।
क्या इस इस्तीफे का चुनावी प्रदर्शन पर असर पड़ेगा?
इस इस्तीफे से कांग्रेस के भीतर असंतोष बढ़ा है, जो चुनावी प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
डीएमके ने कांग्रेस को किस प्रकार की भागीदारी की पेशकश की है?
डीएमके ने केवल सीटों के बंटवारे पर समझौता किया है, सत्ता में हिस्सेदारी पर कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखाई है।
क्या कांग्रेस को और प्रभावी भूमिका की आवश्यकता है?
कई कार्यकर्ताओं और नेताओं का मानना है कि कांग्रेस को तमिलनाडु में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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