क्या मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने जमीनी तैयारी शुरू की है, दिग्विजय की मौजूदगी में ग्राम समिति का गठन?
सारांश
Key Takeaways
- जमीनी स्तर पर संगठन का पुनर्गठन
- दिग्विजय सिंह की सक्रियता
- ग्राम समितियों का गठन
- भाजपा के खिलाफ अभियान
- आर्थिक मुद्दों पर ध्यान
भोपाल, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर पुनर्गठित करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। पार्टी ने वार्ड और ग्राम स्तर पर समितियों के गठन का कार्यक्रम शुरू किया है। इसी संदर्भ में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उपस्थिति में ग्राम समिति का गठन किया गया।
राज्य में कांग्रेस ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार चुनावी हार झेली है। नगरीय निकाय से लेकर लोकसभा तक, पार्टी को हर बार बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। पिछले दो दशकों में सिर्फ 2018 का विधानसभा चुनाव ऐसा था जिसमें पार्टी को सत्ता मिली, लेकिन आंतरिक संघर्ष के कारण यह केवल डेढ़ साल तक ही कायम रह सकी।
आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए, पार्टी ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। वार्ड और ग्राम स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा और भाजपा तथा सरकार के खिलाफ अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। सीहोर जिले के इच्छावर विधानसभा क्षेत्र के खेरी ग्राम में ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उपस्थिति में ग्राम चौपाल के माध्यम से लोकतांत्रिक तरीके से पंचायत स्तर की कमेटी का गठन किया गया।
खेरी ग्राम पंचायत में आयोजित ग्राम चौपाल के दौरान, दिग्विजय सिंह ने ग्रामीणों से कहा कि अध्यक्ष कौन होगा, यह आपसी सहमति से तय करें। इसके बाद ग्रामीणों ने आपस में चर्चा कर पंचायत कमेटी के पदाधिकारियों के नाम तय किए। इस दौरान मुकेश वर्मा को अध्यक्ष चुना गया, जबकि शारदा बेन को महिला कांग्रेस का जिम्मा सौंपा गया। कुलदीप वर्मा को यूथ कांग्रेस की कमान सौंपी गई और एनएसयूआई की जिम्मेदारी अजय वर्मा को दी गई।
दिग्विजय सिंह ने ग्राम चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में विचारधारा की लड़ाई चल रही है। एक ओर कांग्रेस की विचारधारा है जो सभी को समान दृष्टि से देखती है, जबकि दूसरी ओर भाजपा की विचारधारा है, जो लोगों को धर्म और जातियों में बांटती है। कांग्रेस ने ही इस देश को स्वतंत्रता दिलाई। पहले राजा जन्म से पैदा होते थे, अब आप तय करते हैं कि आपका प्रतिनिधि कौन होगा। कांग्रेस ने सभी को वोट देने का अधिकार दिया।
सिंह ने आगे कहा कि देश में महंगाई गंभीर संकट बन गई है और बेरोजगारी बढ़ रही है। स्कूलों में पढ़ाई महंगी हो गई है, अस्पतालों में दवाइयां महंगी हो गई हैं, लेकिन आम लोगों की आमदनी नहीं बढ़ रही है। खेती की लागत दोगुनी हो गई है, लेकिन भाव में वृद्धि नहीं हुई। सोयाबीन का भाव पिछले दस साल से स्थिर है। खर्चे बढ़ गए हैं, लेकिन लोगों की आमदनी नहीं बढ़ी। मजदूरों को पहले जो मजदूरी मिलती थी, वही आज भी मिल रही है। लेकिन भाजपा इन मुद्दों से ध्यान भटकाकर हमें हिन्दू-मुस्लिम में बांटने की कोशिश कर रही है।