गोवा राज्य स्थापना दिवस: खड़गे, राहुल, प्रियंका ने दी शुभकामनाएं; केजरीवाल ने भ्रष्टाचार पर दिया जोर
सारांश
मुख्य बातें
गोवा राज्य स्थापना दिवस पर 30 मई 2025 को विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने राज्यवासियों को बधाई दी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने गोवा की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने इस अवसर को भ्रष्टाचार और अनियंत्रित व्यवसायीकरण के विरुद्ध आवाज़ उठाने के लिए इस्तेमाल किया।
खड़गे का संदेश: राजीव गांधी की विरासत का उल्लेख
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "गोवा के लोगों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। अतुलनीय प्राकृतिक सुंदरता और जीवंत भावना से समृद्ध गोवा, संस्कृति, सद्भाव और प्रगति का एक चमकता प्रतीक बना हुआ है।" उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि 1987 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व में गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था।
राहुल और प्रियंका गांधी की शुभकामनाएं
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, "गोवा सचमुच भारत की सबसे अनमोल भूमियों में से एक है, जो अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध इतिहास और अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। राज्य के निरंतर विकास, समृद्धि और सफलता की कामना करता हूं।"
वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने लिखा, "गोवा के जीवंत लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं! कामना है कि यह राज्य शांति, समृद्धि और हर गोवावासी के सम्मान के साथ निरंतर प्रगति करता रहे।"
गोवा कांग्रेस प्रभारी का संदेश
गोवा कांग्रेस के प्रभारी माणिकराव ठाकरे ने कहा कि इस शुभ अवसर पर राज्य की शाश्वत सांस्कृतिक समृद्धि और सुदृढ़ लोकतांत्रिक विरासत का उत्सव मनाया जाना चाहिए। उन्होंने गोवा के जुझारू लोगों को कांग्रेस परिवार की ओर से गहरे सम्मान के साथ बधाई दी।
केजरीवाल का आह्वान: भ्रष्टाचार और व्यवसायीकरण से बचाएं गोवा
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने राज्य स्थापना दिवस पर एक तीखा संदेश दिया। उन्होंने कहा, "गोवा संस्कृति, पहचान, विरासत और यहां के लोगों की भावना है। इस 'गोवा राज्य दिवस' पर, आइए हम गोवा को भ्रष्टाचार, अनियंत्रित व्यवसायीकरण और उस राजनीति से बचाएं जो हमारे भविष्य को टुकड़ों-टुकड़ों में बेच रही है। गोवा वहां रहने वाली जनता का है, न कि किसी ताकतवर लॉबी का!"
केजरीवाल ने आगे कहा कि इस अवसर पर भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने और शासन को व्यवसाय बनाने वालों को हराने का संकल्प लेना चाहिए। गौरतलब है कि AAP ने 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश की थी, और यह बयान उसी राजनीतिक दृष्टिकोण की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।
गोवा के राज्यत्व का ऐतिहासिक संदर्भ
गोवा को 19 दिसंबर 1961 को पुर्तगाली शासन से मुक्ति मिली थी और 30 मई 1987 को इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया। इससे पहले यह दमन और दीव के साथ एक केंद्र शासित प्रदेश था। राज्यत्व की यह यात्रा भारतीय लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसे हर वर्ष 30 मई को स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। आने वाले वर्षों में राज्य के सामने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोज़गार के बीच संतुलन बनाना प्रमुख चुनौती बनी रहेगी।