गोवा स्थापना दिवस पर PM मोदी का CM सावंत को पत्र, 'विकसित गोवा' और ₹10,000 करोड़ की विकास प्रतिबद्धता का उल्लेख
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई 2026 को गोवा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत को एक विशेष पत्र लिखकर गोवा की जनता को शुभकामनाएं दीं और राज्य की 'विकसित गोवा' तथा 'विकसित भारत 2047' की दिशा में यात्रा के लिए अपना आशीर्वाद व्यक्त किया। पत्र में उन्होंने गोवा की सांस्कृतिक विरासत, विकास उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
पत्र में क्या कहा PM मोदी ने
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा कि गोवा स्टेटहुड डे पर हर गोवावासी और पूरे देश को गर्व होता है। उन्होंने कहा कि गोवा ने देश को विरासत, आध्यात्मिकता, संस्कृति, विद्वता, संगीत और खान-पान का एक अनूठा संगम दिया है। मोदी ने संत रानी केतेवन की निशानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि गोवा में मिले उनके अवशेषों का जॉर्जिया में भावपूर्ण स्वागत सामाजिक और सांस्कृतिक मेलजोल का एक मार्मिक उदाहरण है।
पत्र में उन्होंने गोवा की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धांजलि दी और दिसंबर 2021 में गोवा लिबरेशन डे पर अपनी यात्रा का स्मरण किया, जब उन्होंने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
केंद्र सरकार की विकास प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री ने पत्र में बताया कि पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने गोवा के लिए ₹10,000 करोड़ से अधिक के परियोजनाओं को स्वीकृति दी, जिनमें पर्यटन, सिंचाई, जल प्रबंधन, उच्च शिक्षा और नगरीय विकास शामिल हैं। उन्होंने मनोहर ब्रिज और मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे व्यापार और संपर्क दोनों को बल मिला है।
मोदी ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गोवा में हजारों परिवारों का पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है। गोवा ने हाल ही में उल्लास योजना के तहत पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल किया है, जिससे यह भारत के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
स्वयंपूर्ण गोवा और सामाजिक पहल
प्रधानमंत्री ने गोवा सरकार की 'स्वयंपूर्ण गोवा' पहल की विशेष सराहना की और कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने का बेहतरीन उदाहरण है। इस पहल का उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
उन्होंने 'मन की बात' कार्यक्रम में चर्चित पर्पल फेस्टिवल का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए समावेशी विकास और सामाजिक संवेदनशीलता का प्रेरक उदाहरण बताया। पिछली दिवाली पर उनकी गोवा और कारवार के पश्चिमी तटीय क्षेत्र में नौसेना जवानों के साथ उपस्थिति और नवंबर 2025 में श्री संस्थान गोकर्ण परतगली जीवोत्तम मठ के 550वें वर्ष के उत्सव में भागीदारी का भी उल्लेख पत्र में था।
भविष्य की संभावनाएं और खेल क्षेत्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि गोवा में इको टूरिज्म, ब्लू इकॉनमी, डिजिटल रूपांतरण, स्टार्टअप पारिस्थितिकी, कौशल विकास, वेलनेस टूरिज्म और हरित संसाधनों को सुदृढ़ करने की अपार संभावना है। उन्होंने विश्वास जताया कि गोवा सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक मॉडल के रूप में उभरेगा।
खेल के क्षेत्र में उन्होंने 37वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी और हाल ही में आयोजित आयरनमैन प्रतियोगिता का उल्लेख किया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। उन्होंने मरीन स्पोर्ट्स में गोवा की विशेष क्षमता को भी रेखांकित किया।
CM सावंत की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने प्रधानमंत्री के पत्र को 'हर गोवावासी के लिए अत्यंत गौरव का क्षण' बताया। उन्होंने कहा कि मोदी के शब्दों में एक ऐसे नेता की आत्मीयता झलकती है जो गोवा को अपने हृदय में बसाए हुए हैं। सावंत ने संकल्प व्यक्त किया कि गोवा 'विकसित भारत 2047' के विजन में गर्व के साथ अपना योगदान देगा और 'विकसित गोवा' के निर्माण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
गोवा का यह स्थापना दिवस राज्य की उन्नति और केंद्र-राज्य सहयोग का प्रतीक बना, और आने वाले वर्षों में विकास की नई इबारत लिखने का संकल्प लेकर संपन्न हुआ।