क्या मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने देशवासियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी?

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क्या मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने देशवासियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी?

सारांश

कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने संविधान दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी। खड़गे ने संविधान की रक्षा का संकल्प लिया, वहीं राहुल ने इसे हर भारतीय का अधिकार बताया। जानें इस महत्वपूर्ण दिन पर उनके विचार।

Key Takeaways

  • संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि जीवन जीने का माध्यम है।
  • संविधान की रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है।
  • संविधान में न्याय, समानता और स्वतंत्रता के सिद्धांत शामिल हैं।
  • महान नेताओं का योगदान संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण था।
  • संविधान दिवस पर हम सबको एकता का संकल्प लेना चाहिए।

नई दिल्ली, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने देशवासियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने का एक माध्यम है और इसकी भावना हमेशा एक समान रहती है।"

उन्होंने उल्लेख किया, "संविधान सभा के सभी महान नेताओं के अनमोल योगदान को हम याद करते हैं। महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद, राजेंद्र प्रसाद, सरोजिनी नायडू और बाबासाहेब अंबेडकर जैसे अनेक राष्ट्रनायकों ने नवीन भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। सभी देशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।"

खड़गे ने आगे कहा, "आज हमें संविधान के बुनियादी सिद्धांतों, न्याय, समानता, आजादी, परस्पर भाईचारा, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद की रक्षा करने की सबसे अधिक आवश्यकता है। आज संविधान दिवस पर हम यह पुनः प्रण लेते हैं कि हम देश की एकता और अखंडता के लिए, प्रेम और भाईचारे के लिए, सौहार्द और सद्भाव के लिए लोकतंत्र और संविधान की स्वतंत्रता कायम रखेंगे। जय हिंद।"

लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'एक्स' पर लिखा, "भारत का संविधान केवल एक किताब नहीं है, यह देश के हर नागरिक से किया गया एक पवित्र वादा है। यह वादा है कि चाहे कोई किसी भी धर्म या जाति का हो, किसी भी क्षेत्र से आता हो, कोई भी भाषा बोलता हो, गरीब हो या अमीर, उसे समानता, सम्मान और न्याय मिलेगा। संविधान गरीबों और वंचितों का सुरक्षा कवच है, उनकी शक्ति है और हर एक नागरिक की आवाज है।"

उन्होंने लिखा, "जब तक संविधान सुरक्षित है, हर भारतीय के अधिकार सुरक्षित हैं। आइए, हम प्रण लें कि हम संविधान पर किसी भी तरह का आक्रमण नहीं होने देंगे। इसकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है और इस पर होने वाले हर प्रहार के सामने सबसे पहले खड़ा रहूंगा। आप सभी को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। जय हिंद, जय संविधान।"

Point of View

NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

संविधान दिवस कब मनाया जाता है?
संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है।
संविधान का निर्माण कब हुआ था?
भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया था।
संविधान दिवस का महत्व क्या है?
संविधान दिवस का महत्व इस बात में है कि यह हमें अपने संविधान, उसके मूल सिद्धांतों और अधिकारों को याद दिलाता है।
कौन से नेता संविधान के निर्माण में शामिल थे?
महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद, राजेंद्र प्रसाद, सरोजिनी नायडू और बाबासाहेब अंबेडकर जैसे कई नेता इसमें शामिल थे।
संविधान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
संविधान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और एक न्यायपूर्ण समाज का निर्माण करना है।
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