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राज्यसभा में बिल पास, कांग्रेस के वॉकआउट से नुकसान उसी को: किरेन रिजिजू

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राज्यसभा में बिल पास, कांग्रेस के वॉकआउट से नुकसान उसी को: किरेन रिजिजू

सारांश

संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस के वॉकआउट के बावजूद राज्यसभा में विधेयक पास हो रहे हैं। किरेन रिजिजू ने साफ कहा — इस रणनीति से नुकसान विपक्ष को ही है, खासकर नए सांसदों को जो बोलने का मौका गँवा रहे हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 6 अगस्त 2026 को कहा कि राज्यसभा सुचारू रूप से कार्य कर रही है।
कांग्रेस और सहयोगी दलों के वॉकआउट के बावजूद विधेयक विस्तृत चर्चा के बाद पारित हो रहे हैं।
रिजिजू ने कहा — वॉकआउट से कांग्रेस के नवनिर्वाचित सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिल रहा।
मंत्री ने राहुल गांधी के साथ सकारात्मक बातचीत की पुष्टि की; सरकार संवाद के लिए तैयार।
पेपर लीक और छात्र मुद्दों पर सरकार के कदमों का बचाव किया गया।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कहा कि संसद के मानसून सत्र में राज्यसभा सुचारू रूप से कार्य कर रही है और विधेयकों पर विस्तृत चर्चा के बाद उन्हें पारित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और उसके कुछ सहयोगी दलों के वॉकआउट से सबसे अधिक नुकसान स्वयं विपक्ष को हो रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

रिजिजू ने कहा, 'राज्यसभा ठीक से काम कर रही है और बिलों को विस्तार से चर्चा के बाद पास किया जा रहा है। कांग्रेस और उसके एक-दो सहयोगी दल भले ही सदन से बाहर जा रहे हों या हंगामा कर रहे हों, लेकिन बिल पास हो रहे हैं और सदस्य बहसों में हिस्सा ले रहे हैं।' उन्होंने विशेष रूप से यह रेखांकित किया कि वॉकआउट से कांग्रेस के नवनिर्वाचित सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल रहा।

सरकार की प्रतिक्रिया

मंत्री ने गृह मंत्री और प्रधानमंत्री की संसद में नियमित उपस्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है। रिजिजू ने बताया कि उनकी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ सकारात्मक बातचीत हुई, जिसमें एक विशेष मामले पर अनुरोध किया गया और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा, 'हम भले ही राजनीतिक विरोधी हों, लेकिन दुश्मन नहीं हैं। इसलिए हमें देशहित में मिलकर काम करना चाहिए।'

विपक्ष के आचरण पर आलोचना

रिजिजू ने विपक्ष की नारेबाजी की रणनीति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि देश आगे बढ़ रहा है, जबकि विपक्ष प्रतिदिन वही नारे दोहरा रहा है। उनके अनुसार, सदन के बाहर नारे लगाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का विकल्प नहीं है और इससे संसदीय बहस की गुणवत्ता प्रभावित होती है। गौरतलब है कि मानसून सत्र में विपक्षी दलों का यह रवैया कई महत्वपूर्ण विधेयकों की चर्चा के दौरान देखा गया।

छात्र मुद्दे और पेपर लीक पर सरकार का पक्ष

पेपर लीक और छात्र संबंधी मुद्दों पर सरकार के कदमों का बचाव करते हुए रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस समस्या के समाधान के लिए 'क्रांतिकारी फैसला' लिया है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर प्रतिदिन 'ड्रामा' करता है, जो संसदीय गरिमा के अनुकूल नहीं है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र के शेष दिनों में कई अहम विधेयक सूचीबद्ध हैं। सरकार का रुख स्पष्ट है कि वह विपक्ष के साथ संवाद जारी रखेगी, लेकिन विधायी कार्य को बाधित नहीं होने देगी। विश्लेषकों का कहना है कि वॉकआउट की राजनीति दीर्घकाल में विपक्षी दलों की संसदीय प्रभावशीलता को कमज़ोर कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो विधेयक कम जाँच-परख के साथ पास हो जाते हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए भी चिंताजनक है। राहुल गांधी से 'अच्छी बातचीत' का उल्लेख सरकार की ओर से एक कूटनीतिक संकेत है, लेकिन ज़मीनी तनाव बना हुआ है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि नए सांसदों का संसदीय अनुभव वॉकआउट की राजनीति में सबसे बड़ी कीमत चुका रहा है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के वॉकआउट पर क्या कहा?
रिजिजू ने कहा कि वॉकआउट से नुकसान कांग्रेस को ही हो रहा है, विशेषकर उसके नए सांसदों को जो बहसों में भाग लेने का अवसर खो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यसभा में विधेयक पूरी चर्चा के बाद पास हो रहे हैं।
मानसून सत्र 2026 में राज्यसभा की स्थिति क्या है?
संसदीय कार्य मंत्री के अनुसार राज्यसभा सुचारू रूप से कार्य कर रही है और विधेयकों पर विस्तृत चर्चा के बाद उन्हें पारित किया जा रहा है। विपक्षी दलों के वॉकआउट के बावजूद सदन का विधायी कार्य जारी है।
क्या सरकार विपक्ष से बातचीत के लिए तैयार है?
हाँ, रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के साथ निरंतर संवाद चाहती है। उन्होंने राहुल गांधी के साथ हुई सकारात्मक बातचीत का भी उल्लेख किया।
पेपर लीक मुद्दे पर संसद में क्या हो रहा है?
रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक की समस्या के समाधान के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर रोज़ाना हंगामा करता है जबकि सरकार ठोस कार्रवाई कर चुकी है।
कांग्रेस के वॉकआउट का नए सांसदों पर क्या असर पड़ रहा है?
रिजिजू के अनुसार कांग्रेस के नवनिर्वाचित सांसद वॉकआउट की रणनीति के कारण संसदीय बहसों में भाग नहीं ले पा रहे और अपनी राय रखने का मौका गँवा रहे हैं। यह उनके संसदीय करियर के शुरुआती अनुभव के लिए नुकसानदेह है।
राष्ट्र प्रेस
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