उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने द्वारका में मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन किया, मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा अनावरित
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 13 जुलाई 2025 को नई दिल्ली के द्वारका स्थित मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में केरल के प्रख्यात समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया। नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) दिल्ली द्वारा आयोजित इस समारोह में उन्होंने 'मन्नम स्मृति मंडपम' का भी उद्घाटन किया, जो मन्नथु पद्मनाभन के जीवन, विचारों और सामाजिक अवदान को समर्पित एक विशेष स्मारक है।
समारोह का मुख्य घटनाक्रम
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि मन्नथु पद्मनाभन का जीवन सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा और सामुदायिक सेवा के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मन्नथु पद्मनाभन के आदर्श आज भी समाज को अधिक समावेशी, न्यायपूर्ण और सौहार्दपूर्ण बनाने की दिशा में प्रेरणा देते हैं।
राधाकृष्णन ने मन्नथु पद्मनाभन को एक दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उनके विचार जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवता, समानता और राष्ट्र सेवा पर केंद्रित थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे महान व्यक्तित्वों की विरासत को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना समाज का सामूहिक दायित्व है।
NSS दिल्ली के प्रयासों की सराहना
उपराष्ट्रपति ने 'मन्नम स्मृति मंडपम' की स्थापना के लिए नायर सर्विस सोसाइटी दिल्ली की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह स्मारक केवल एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उन मूल्यों और सिद्धांतों को जीवित रखने का माध्यम है, जिनके लिए मन्नथु पद्मनाभन ने अपना समूचा जीवन न्यौछावर किया।
पर्यावरण संरक्षण की पहल
कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और प्रकृति के प्रति नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने भी पौधारोपण कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की।
मन्नथु पद्मनाभन: एक परिचय
मन्नथु पद्मनाभन केरल के अग्रणी समाज सुधारकों और स्वतंत्रता सेनानियों में गिने जाते हैं। उन्होंने शिक्षा के प्रसार, सामाजिक सुधार और समुदाय के उत्थान के लिए अथक कार्य किया। उनके नेतृत्व में नायर सर्विस सोसाइटी ने सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। गौरतलब है कि यह स्मारक उनके विचारों और अवदान को जीवित रखने तथा समाज में सेवा और समानता के मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
समारोह में उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी, नायर सर्विस सोसाइटी दिल्ली के अध्यक्ष एमकेजी पिल्लई, महासचिव एम. डी. जयप्रकाश सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। यह समारोह केरल की सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय राजधानी में स्थायी रूप से स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।