क्या दाद मर्दन का पौधा त्वचा के लिए फायदेमंद है?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। सुनहरे रंग का खिला-खिला दाद मर्दन का फूल न केवल त्वचा के लिए बल्कि पूरे शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेद में इसके फूल, फल और पत्तियों के औषधीय गुणों का व्यापक विवरण मिलता है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय का मानना है कि दाद मर्दन का फूल प्रकृति का एक अनमोल उपहार है। इसका वैज्ञानिक नाम कैसिया अलाटा है। इस पौधे के सुनहरे-पीले रंग के सुंदर फूल दाद, खाज, खुजली और अन्य कई त्वचा रोगों के लिए एक प्रभावी उपाय माने जाते हैं।
दाद मर्दन को सेना अलाटा भी कहा जाता है। यह 1-4 मीटर ऊँचा सुगंधित पौधा है, जिसे कैंडल बुश या रिंगवर्म बुश के नाम से भी जाना जाता है। इसके चौड़े पत्ते 6-14 जोड़ी में होते हैं और चमकीले सुनहरे-पीले फूल गुच्छों में खिलते हैं। भारत में यह आसानी से उग जाता है। इसके पत्ते दाद, खाज, खुजली, एक्जिमा, फंगल इन्फेक्शन और कीड़े के काटने के लिए रामबाण साबित होते हैं। सूखी पत्तियां लंबे समय तक सुरक्षित रहती हैं, और इनका लेप या काढ़ा बिना किसी साइड इफेक्ट के त्वचा रोग ठीक करता है।
आयुर्वेद और लोक चिकित्सा में सदियों से दाद मर्दन के पत्तों को पीसकर लेप बनाया जाता है। इसे सीधे प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से कुछ ही दिनों में दाद-खाज पूरी तरह ठीक हो जाती है। इसके अलावा, इसका काढ़ा पीने से शरीर की अंदरूनी सफाई होती है और पाचन भी बेहतर रहता है।
कैसिया अलाटा या दाद मर्दन कुदरत का एक अद्भुत पौधा है, जिसके पत्तों और फूलों में फ्लेवोनॉयड्स, एल्कलॉइड्स और ग्लाइकोसाइड्स जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर को अंदर से साफ करने के साथ-साथ त्वचा को सुरक्षा प्रदान करते हैं।
इसके प्रमुख गुणों में एंटी-फंगल होना शामिल है। यह फफूंद (फंगस) को खत्म करता है, इसलिए दाद, खाज, रिंगवर्म में बहुत प्रभावी है। इसका एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और जलन को कम करने में सहायक होता है और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को निखारता है और समय से पहले बुढ़ापे को रोकता है।
यह पौधा भारतीय उपमहाद्वीप के लगभग हर राज्य में आसानी से उग जाता है। गाँवों में लोग इसे घर के आंगन या खेतों में लगाना पसंद करते हैं।
दाद मर्दन का पौधा बेहद लाभकारी है। हालांकि, इसका उपयोग करने से पहले एक आयुर्वेदाचार्य से सलाह लेना आवश्यक है।