एचएसबीसी में एआई के कारण हो सकती हैं 20,000 नौकरियों की कटौती: रिपोर्ट

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एचएसबीसी में एआई के कारण हो सकती हैं 20,000 नौकरियों की कटौती: रिपोर्ट

सारांश

नई दिल्ली, 19 मार्च। एचएसबीसी आने वाले वर्षों में कर्मचारियों की संख्या में कमी करने की योजना बना रहा है। सीईओ जॉर्ज एलहेडरी, बैंक के संचालन को तेज और सरल बनाने के लिए AI का उपयोग बढ़ाना चाहते हैं। जानिए इस बदलाव का असर क्या होगा।

Key Takeaways

  • एचएसबीसी में संभावित 20,000 नौकरियों की कटौती।
  • बैंक के सीईओ जॉर्ज एलहेडरी AI का उपयोग बढ़ाना चाहते हैं।
  • चर्चा प्रारंभिक चरण में है, कोई अंतिम निर्णय नहीं।
  • ग्लोबल बैंकिंग क्षेत्र में AI के कारण कार्य की शैली बदल रही है।
  • अन्य कंपनियों में भी कटौती की संभावना।

नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लंदन स्थित निवेश बैंक एचएसबीसी आने वाले वर्षों में अपने कर्मचारियों की संख्या में बड़े स्तर पर कमी करने पर विचार कर रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, एचएसबीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जॉर्जेस एलहेडरी बैंक के संचालन को और अधिक सरल और तेज बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग बढ़ाना चाहते हैं।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, विशेष रूप से वे नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं जो सीधे ग्राहकों से संबंधित नहीं हैं, जैसे कि मिडिल और बैक-ऑफिस के कार्य। हालांकि, इस मुद्दे पर अभी प्रारंभिक चर्चा चल रही है और कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस परिवर्तन के कारण लगभग 20,000 नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, जो बैंक के कुल वैश्विक कर्मचारियों का लगभग 10 प्रतिशत है। लेकिन बैंक की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

ऐसा कहा गया है कि इस तरह के परिवर्तनों पर चर्चा मध्य-पूर्व में हाल के तनाव बढ़ने से पहले ही शुरू हो गई थी।

साल 2024 में सीईओ बनने के बाद, जॉर्ज एलहेडरी ने बैंक में बड़े स्तर पर परिवर्तन शुरू किए हैं, जिनमें पहले ही हजारों कर्मचारियों की छंटनी, कुछ कारोबारों की बिक्री, विलय और बंद करने जैसे निर्णय शामिल हैं।

2025 के अंत तक एचएसबीसी में करीब 2,10,000 कर्मचारी थे। अब बैंक यह भी देख रहा है कि जिन पदों पर कर्मचारी स्वयं नौकरी छोड़ते हैं, उन्हें फिर से भरा जाए या नहीं। इसके अतिरिक्त, कुछ नौकरियां कारोबार बंद करने या बेचने के कारण भी समाप्त हो सकती हैं।

यह कदम वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे उस ट्रेंड को दर्शाता है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण कार्य करने के तरीके और कर्मचारियों की आवश्यकता बदल रही है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाले तीन से पांच वर्षों में, दुनिया भर के बैंक लगभग 2 लाख नौकरियां समाप्त कर सकते हैं, क्योंकि कई कार्य अब मशीनें और एआई करने लगेंगी। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि कुल कर्मचारियों की संख्या में औसतन करीब 3 प्रतिशत की कमी आ सकती है।

इससे पहले, एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया था कि बड़ी टेक कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स भी अपने खर्च को नियंत्रित करने और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में अधिक निवेश करने के लिए बड़े पैमाने पर छंटनी कर सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, मेटा अपने कर्मचारियों में 20 प्रतिशत या उससे अधिक की कटौती कर सकती है, जो लगभग 16,000 कर्मचारियों के बराबर है। दिसंबर के अंत तक कंपनी में लगभग 79,000 कर्मचारी थे।

Point of View

यह रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण विकास को दर्शाती है जो वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र में AI की भूमिका को उजागर करती है। यह बदलाव न केवल एचएसबीसी बल्कि अन्य बैंकों के लिए भी संकेत देने वाला हो सकता है।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

एचएसबीसी में नौकरियों की कटौती का कारण क्या है?
एचएसबीसी में नौकरियों की कटौती का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता उपयोग है, जो बैंक के संचालन को सरल और तेज बनाना चाहता है।
कितनी नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 20,000 नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, जो बैंक के कुल कर्मचारियों का लगभग 10 प्रतिशत है।
क्या एचएसबीसी ने इस कटौती के बारे में कोई आधिकारिक बयान दिया है?
बैंक की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
क्या अन्य कंपनियों पर भी ऐसे प्रभाव पड़ सकते हैं?
हाँ, कई अन्य बैंक और कंपनियों में भी AI के कारण नौकरियों की कटौती की संभावना है।
क्या यह ट्रेंड वैश्विक स्तर पर है?
हां, रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले वर्षों में दुनिया भर के बैंकों में लगभग 2 लाख नौकरियों की कटौती हो सकती है।
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