29 सितंबर 2026
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दर्शना जरदोश ने दिल्ली BJP सह प्रभारी का दायित्व संभाला, युवा-महिला संपर्क बढ़ाने पर जोर

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दर्शना जरदोश ने दिल्ली BJP सह प्रभारी का दायित्व संभाला, युवा-महिला संपर्क बढ़ाने पर जोर

सारांश

तीन बार सूरत से सांसद और देश में महिला प्रत्याशियों के सर्वाधिक मत जीत का रिकॉर्ड रखने वाली दर्शना जरदोश अब दिल्ली भाजपा की सह प्रभारी हैं। उनका पहला संदेश साफ है — युवा और महिला मतदाताओं तक पहुँचना दिल्ली की संगठनात्मक प्राथमिकता होगी।

मुख्य बातें

दर्शना जरदोश ने 29 सितंबर 2026 को दिल्ली भाजपा सह प्रभारी का दायित्व ग्रहण किया।
उन्होंने युवा मोर्चा और महिला मोर्चा के माध्यम से संपर्क अभियान तेज़ करने की प्रतिबद्धता जताई।
जरदोश सूरत, गुजरात से तीन बार सांसद रहीं और 2014 व 2019 में देश में किसी भी महिला प्रत्याशी द्वारा सर्वाधिक मतों से जीत का रिकॉर्ड उनके नाम है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने करीब 65 प्रभारियों-सह प्रभारियों की बैठक में उन्हें राज्यों में अधिक समय देने और अनावश्यक दिल्ली दौरे न करने का निर्देश दिया।
भाजपा ने 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी-सह प्रभारी नियुक्त किए हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नवनियुक्त दिल्ली सह प्रभारी और तीन बार की सांसद दर्शना जरदोश ने 29 सितंबर 2026 को दिल्ली भाजपा प्रदेश कार्यालय में आकर अपना नया दायित्व औपचारिक रूप से ग्रहण किया और दिल्ली भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवा मोर्चा और महिला मोर्चा के माध्यम से ज़मीनी स्तर पर संपर्क अभियान को और तेज़ किया जाएगा।

स्वागत एवं प्रारंभिक बैठक

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, संगठन महामंत्री पवन राणा, महामंत्री विष्णु मित्तल, योगिता सिंह और मोहनलाल गिहारा ने दर्शना जरदोश का स्वागत-अभिनंदन किया। बैठक में संगठन विस्तार, आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पार्टी की पहुँच बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई।

जरदोश का संदेश — युवा और महिला मोर्चे की केंद्रीयता

बैठक में अपने संबोधन में दर्शना जरदोश ने कहा, 'हम अब युवा मोर्चा एवं महिला मोर्चा के माध्यम से महिलाओं एवं युवाओं में सम्पर्क बढ़ाने पर और अधिक सक्रियता से काम करेंगे।' यह बयान दिल्ली में भाजपा की उस रणनीतिक दिशा को रेखांकित करता है, जिसमें शहरी युवा और महिला मतदाताओं को संगठन का ठोस आधार बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि दर्शना जरदोश सूरत, गुजरात से तीन बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। 2014 और 2019 दोनों लोकसभा चुनावों में देश में किसी भी महिला प्रत्याशी द्वारा सर्वाधिक मतों से जीत का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है — यह पृष्ठभूमि उन्हें दिल्ली में भाजपा के महिला संपर्क अभियान के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक बनाती है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का स्पष्ट निर्देश

इसी दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की पहली सामूहिक बैठक की अध्यक्षता की। हाल के संगठनात्मक फेरबदल के बाद यह सभी प्रभारियों की पहली संयुक्त बैठक थी, जिसमें करीब 65 प्रभारी और सह-प्रभारी शामिल हुए।

नितिन नवीन ने पदाधिकारियों को साफ संदेश दिया कि राज्य की जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारी अपने-अपने राज्यों में अधिक समय दें, ज़मीनी स्तर पर संगठन को मज़बूत करें और अनावश्यक रूप से दिल्ली के दौरे न करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन के हित को व्यक्तिगत प्राथमिकताओं से ऊपर रखा जाए।

व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन

भाजपा ने हाल ही में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं। यह पुनर्गठन ऐसे समय में आया है जब पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी है और विपक्षी दलों के बढ़ते संगठनात्मक प्रयासों का मुकाबला करना चाहती है।

आगे की राह

दर्शना जरदोश का दिल्ली सह प्रभारी के रूप में पहला कदम संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दिल्ली की शहरी राजनीति में युवा और महिला वर्ग का मतदान निर्णायक भूमिका निभाता है। अब देखना यह होगा कि युवा और महिला मोर्चे के माध्यम से तय किया गया संपर्क अभियान ज़मीन पर कितनी तेज़ी से आकार लेता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि महिला और युवा मतदाताओं तक पहुँचने की सोची-समझी रणनीति है। हालाँकि, शहरी दिल्ली की राजनीति सूरत के संसदीय संदर्भ से बेहद अलग है — यहाँ विधानसभा स्तर पर बूथ-दर-बूथ उपस्थिति और स्थानीय मुद्दों की समझ कहीं ज़्यादा मायने रखती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का 'दिल्ली से दूर रहो' का निर्देश संकेत देता है कि पार्टी पुराने केंद्रीकरण के चक्कर से बाहर निकलना चाहती है — असली परीक्षा यह है कि यह इरादा मैदान पर कितना उतरता है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दर्शना जरदोश को दिल्ली भाजपा सह प्रभारी क्यों नियुक्त किया गया?
दर्शना जरदोश सूरत, गुजरात से तीन बार की सांसद हैं और 2014 तथा 2019 में देश में किसी भी महिला लोकसभा प्रत्याशी द्वारा सर्वाधिक मतों से जीत का रिकॉर्ड उनके नाम है। उनकी यह पृष्ठभूमि भाजपा के दिल्ली में महिला और युवा मतदाताओं तक पहुँच बढ़ाने के लक्ष्य के अनुकूल मानी जा रही है।
दिल्ली भाजपा सह प्रभारी के रूप में दर्शना जरदोश की प्राथमिकताएँ क्या हैं?
जरदोश ने स्पष्ट किया है कि युवा मोर्चा और महिला मोर्चा के माध्यम से महिलाओं और युवाओं में संपर्क अभियान को और अधिक सक्रियता से चलाया जाएगा। इसके साथ ही संगठन को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करना और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी भी एजेंडे में है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नए प्रभारियों को क्या निर्देश दिए?
नितिन नवीन ने 29 सितंबर 2026 को भाजपा मुख्यालय में हुई बैठक में करीब 65 प्रभारियों और सह-प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने राज्यों में अधिक समय दें, अनावश्यक दिल्ली दौरे न करें और संगठन के हितों को व्यक्तिगत प्राथमिकताओं से ऊपर रखें।
भाजपा के हालिया संगठनात्मक फेरबदल में कितने राज्यों को नए प्रभारी मिले?
भाजपा ने हाल के संगठनात्मक पुनर्गठन में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं। 29 सितंबर 2026 की बैठक इस फेरबदल के बाद सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों की पहली सामूहिक बैठक थी।
दर्शना जरदोश का राजनीतिक अनुभव क्या है?
दर्शना जरदोश गुजरात के सूरत लोकसभा क्षेत्र से तीन बार सांसद रही हैं। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने देश में किसी भी महिला प्रत्याशी द्वारा सर्वाधिक मतों से जीत का कीर्तिमान स्थापित किया था।
राष्ट्र प्रेस
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