4 अक्टूबर 2026
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डीडीए का एक माह का 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान: एलजी संधू की पहल पर 75 RWA और बच्चे जुड़े

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डीडीए का एक माह का 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान: एलजी संधू की पहल पर 75 RWA और बच्चे जुड़े

सारांश

दिल्ली विकास प्राधिकरण ने एलजी टी.एस. संधू की अगुवाई में राजधानी के पार्कों और 13 से अधिक खेल परिसरों में एक माह का स्वच्छता अभियान छेड़ा है। 75 RWA, स्कूली बच्चे और नागरिक एक साथ जुटे हैं — और अब तक 2.5 टन कचरा साफ हो चुका है।

मुख्य बातें

डीडीए ने 17 सितंबर 2026 से एक माह का 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान शुरू किया, जो उपराज्यपाल टी.एस.
संधू की पहल पर आधारित है।
अभियान में 75 निवासी कल्याण संघों (RWA) , छात्रों, बच्चों और पार्क उपयोगकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
खेल परिसरों से अब तक लगभग 2.5 टन कचरा एकत्र किया जा चुका है।
एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक बोतलों पर प्रतिबंध लगाया गया; पानी के डिस्पेंसर और दोहरे रंगीन कूड़ेदान (गीला/सूखा कचरा) स्थापित किए गए।
साकेत, नेताजी सुभाष, मेजर ध्यान चंद, यमुना सहित 13 से अधिक खेल परिसरों में सफाई गतिविधियाँ चलाई गईं।
तीन विशेष पहलें — 'बच्चों को हरियाली की ओर' , 'कचरा ओवरफ्लो से पहले डालें' और 'राजधानी का वादा' — अभियान की धुरी हैं।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने उपराज्यपाल टी.एस. संधू की पहल पर राजधानी के पार्कों, हरित क्षेत्रों और खेल परिसरों में एक माह का 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान शुरू किया है, जिसमें 75 निवासी कल्याण संघों (RWA), छात्रों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान 17 सितंबर 2026 को 'स्वच्छता ही सेवा 2026' की भावना के अनुरूप आरंभ हुआ और अब तक खेल परिसरों से लगभग 2.5 टन कचरा एकत्र किया जा चुका है।

अभियान की तीन प्रमुख पहलें

डीडीए के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत तीन विशेष पहलें संचालित की जा रही हैं। पहली पहल 'बच्चों को हरियाली की ओर — सीखें, देखभाल करें और भाग लें' के तहत बच्चों और छात्रों को पार्कों, पेड़ों तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण संस्कृति का सक्रिय हिस्सा बनाना है।

दूसरी पहल 'कचरा ओवरफ्लो होने से पहले कूड़ेदान में डालें' के अंतर्गत पार्कों में कूड़ेदानों की नियमित निगरानी और समय पर सफाई पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर अस्वच्छ स्थितियाँ न बनें। तीसरी पहल 'राजधानी का वादा' के तहत नागरिकों को अपने सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने की सामूहिक प्रतिबद्धता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

किन परिसरों में चला अभियान

अधिकारियों के बयान के अनुसार, इस अभियान में राजधानी के प्रमुख खेल और मनोरंजन परिसर शामिल हैं। इनमें साकेत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नेताजी सुभाष स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्क्वैश और बैडमिंटन स्टेडियम, हरि नगर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पश्चिम विहार स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (सेक्टर-11 व 17), मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, राष्ट्रीय स्वाभिमान खेल परिसर, पूर्व दिल्ली खेल परिसर, चिल्ला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कुतुब गोल्फ कोर्स और डीडीए लेक व्यू गोल्फ कोर्स शामिल हैं।

स्वच्छता के नए इंतज़ाम

अभियान के तहत खेल परिसरों में एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक बोतलों पर प्रतिबंध लगाया गया है और पानी के डिस्पेंसर तथा स्टील के कूड़ेदान स्थापित किए गए हैं। गीले और सूखे कचरे को अलग करने के लिए हरे और नीले रंग के नए दोहरे कूड़ेदान भी लगाए गए हैं। कूड़ा न फैलाने के संदेश वाले बोर्ड भी सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किए गए हैं।

इसके अलावा, वृक्षारोपण, भूदृश्यों का रखरखाव, पार्किंग क्षेत्रों की सफाई और हरित क्षेत्रों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियाँ भी इस अभियान का हिस्सा हैं। डीडीए के अधिकारी और कर्मचारी स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर इन गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।

आगे की दिशा

गौरतलब है कि यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है — इसमें दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन और सामुदायिक स्वामित्व की भावना विकसित करने पर जोर है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और रखरखाव को लेकर नागरिक चिंताएँ बढ़ रही हैं। अभियान के शेष सप्ताहों में जन भागीदारी और बड़ी होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एक माह की गतिविधि के बाद स्वच्छता की यह आदत टिकती है या नहीं। 75 RWA और हजारों बच्चों की भागीदारी सराहनीय है, पर अगर ढाँचागत बदलाव — जैसे नियमित कूड़ा उठाव और प्लास्टिक प्रतिबंध का सतत प्रवर्तन — नहीं हुए, तो यह प्रयास महज एक मौसमी आयोजन बनकर रह जाएगा। दिल्ली के सार्वजनिक स्थानों की दुर्दशा केवल जागरूकता की कमी नहीं, प्रवर्तन और जवाबदेही के तंत्र की कमी भी है।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीडीए का 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान क्या है?
यह दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा उपराज्यपाल टी.एस. संधू की पहल पर 17 सितंबर 2026 से चलाया जा रहा एक माह का सफाई अभियान है, जो दिल्ली के पार्कों, हरित क्षेत्रों और खेल परिसरों में स्वच्छता, पर्यावरण जागरूकता और जन भागीदारी पर केंद्रित है।
इस अभियान में कौन-कौन से खेल परिसर शामिल हैं?
अभियान में साकेत, नेताजी सुभाष, हरि नगर, पश्चिम विहार, द्वारका (सेक्टर-11 व 17), मेजर ध्यान चंद, राष्ट्रीय स्वाभिमान, पूर्व दिल्ली, चिल्ला, यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के साथ-साथ कुतुब गोल्फ कोर्स और डीडीए लेक व्यू गोल्फ कोर्स शामिल हैं।
अभियान के तहत कितना कचरा एकत्र किया गया?
अधिकारियों के बयान के अनुसार, अभियान के दौरान खेल परिसरों से लगभग 2.5 टन कचरा एकत्र किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त एकल-उपयोग प्लास्टिक बोतलों पर प्रतिबंध लगाकर पानी के डिस्पेंसर और दोहरे कूड़ेदान भी स्थापित किए गए हैं।
अभियान की तीन विशेष पहलें कौन-सी हैं?
पहली पहल 'बच्चों को हरियाली की ओर — सीखें, देखभाल करें और भाग लें' बच्चों में पर्यावरण जिम्मेदारी विकसित करती है। दूसरी 'कचरा ओवरफ्लो होने से पहले कूड़ेदान में डालें' पार्कों में कूड़ेदानों की नियमित निगरानी पर केंद्रित है। तीसरी 'राजधानी का वादा' नागरिकों में सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता जगाती है।
इस अभियान में आम नागरिकों की क्या भूमिका है?
75 निवासी कल्याण संघों (RWA) के सदस्य, स्कूली छात्र, पार्क उपयोगकर्ता और सार्वजनिक स्थानों से जुड़े लोग डीडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर सफाई, वृक्षारोपण और जागरूकता गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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