डीडीए का एक माह का 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान: एलजी संधू की पहल पर 75 RWA और बच्चे जुड़े
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने उपराज्यपाल टी.एस. संधू की पहल पर राजधानी के पार्कों, हरित क्षेत्रों और खेल परिसरों में एक माह का 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान शुरू किया है, जिसमें 75 निवासी कल्याण संघों (RWA), छात्रों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान 17 सितंबर 2026 को 'स्वच्छता ही सेवा 2026' की भावना के अनुरूप आरंभ हुआ और अब तक खेल परिसरों से लगभग 2.5 टन कचरा एकत्र किया जा चुका है।
अभियान की तीन प्रमुख पहलें
डीडीए के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत तीन विशेष पहलें संचालित की जा रही हैं। पहली पहल 'बच्चों को हरियाली की ओर — सीखें, देखभाल करें और भाग लें' के तहत बच्चों और छात्रों को पार्कों, पेड़ों तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण संस्कृति का सक्रिय हिस्सा बनाना है।
दूसरी पहल 'कचरा ओवरफ्लो होने से पहले कूड़ेदान में डालें' के अंतर्गत पार्कों में कूड़ेदानों की नियमित निगरानी और समय पर सफाई पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर अस्वच्छ स्थितियाँ न बनें। तीसरी पहल 'राजधानी का वादा' के तहत नागरिकों को अपने सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने की सामूहिक प्रतिबद्धता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
किन परिसरों में चला अभियान
अधिकारियों के बयान के अनुसार, इस अभियान में राजधानी के प्रमुख खेल और मनोरंजन परिसर शामिल हैं। इनमें साकेत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नेताजी सुभाष स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्क्वैश और बैडमिंटन स्टेडियम, हरि नगर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पश्चिम विहार स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (सेक्टर-11 व 17), मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, राष्ट्रीय स्वाभिमान खेल परिसर, पूर्व दिल्ली खेल परिसर, चिल्ला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कुतुब गोल्फ कोर्स और डीडीए लेक व्यू गोल्फ कोर्स शामिल हैं।
स्वच्छता के नए इंतज़ाम
अभियान के तहत खेल परिसरों में एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक बोतलों पर प्रतिबंध लगाया गया है और पानी के डिस्पेंसर तथा स्टील के कूड़ेदान स्थापित किए गए हैं। गीले और सूखे कचरे को अलग करने के लिए हरे और नीले रंग के नए दोहरे कूड़ेदान भी लगाए गए हैं। कूड़ा न फैलाने के संदेश वाले बोर्ड भी सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित किए गए हैं।
इसके अलावा, वृक्षारोपण, भूदृश्यों का रखरखाव, पार्किंग क्षेत्रों की सफाई और हरित क्षेत्रों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियाँ भी इस अभियान का हिस्सा हैं। डीडीए के अधिकारी और कर्मचारी स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर इन गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
आगे की दिशा
गौरतलब है कि यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है — इसमें दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन और सामुदायिक स्वामित्व की भावना विकसित करने पर जोर है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और रखरखाव को लेकर नागरिक चिंताएँ बढ़ रही हैं। अभियान के शेष सप्ताहों में जन भागीदारी और बड़ी होने की उम्मीद है।