क्या सुशासन और जीरो टॉलरेंस हमारी पहचान हैं? - दीपक प्रकाश
सारांश
Key Takeaways
- बसंत पंचमी का महत्व और ज्ञान की आवश्यकता
- सुशासन का महत्व और इसके प्रभाव
- जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रशासनिक प्रयास
- कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए प्रयास
- सामाजिक भाईचारे को मजबूत करने की आवश्यकता
पटना, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए समाज में ज्ञान, वैज्ञानिक सोच और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल पूजा और परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें आगे बढ़ने और बेहतर समाज बनाने की प्रेरणा भी देता है।
मंत्री दीपक प्रकाश ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "बसंत पंचमी के अवसर पर मेरी हार्दिक कामना है कि बिहार के लोगों के बीच ज्ञान का प्रकाश फैले, समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो और आपसी सौहार्द और भाईचारा और अधिक मजबूत हो। शिक्षा और सही सोच ही किसी भी राज्य और देश को प्रगति की राह पर ले जाती है।"
उन्होंने आगे बिहार की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली पर भी भरोसा जताया। मंत्री ने कहा, "बिहार में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक ऐसी सरकार काम कर रही है, जो सुशासन के लिए जानी जाती है। प्रशासन हमेशा कानून-व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलता है।"
दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी तरह की आपराधिक घटना को गंभीरता से लिया जाता है। उन्होंने कहा, "आगे भी, जैसे ही कोई आपराधिक मामला सामने आता है, उसकी तुरंत जांच की जाती है और दोषियों को सख्त और तेज सजा दी जाती है।"
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए हादसे में शहीद हुए जवानों के लिए मंत्री दीपक प्रकाश ने गहरा शोक जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
वहीं दूसरी ओर, उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, "कांग्रेस पार्टी शुरुआत से ही गरीब विरोधी मानसिकता वाली पार्टी रही है।"
बता दें कि बिहार सरकार में दीपक प्रकाश वर्तमान में पंचायती राज मंत्री के पद पर कार्यरत हैं। वह राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के सदस्य हैं, जो एनडीए का सहयोगी दल है।