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क्या जेएनयू में विवादित नारेबाजी को रोकना जरूरी है?

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क्या जेएनयू में विवादित नारेबाजी को रोकना जरूरी है?

सारांश

क्या जेएनयू में लगे विवादित नारों को लेकर बिहार के मंत्री दीपक प्रकाश ने चिंता जताई है? उन्होंने कहा कि इस स्थिति को रोकना आवश्यक है ताकि देश का माहौल खराब न हो। जानिए उनके विचार और प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

दीपक प्रकाश ने जेएनयू में विवादित नारों पर चिंता जताई।
राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता।
युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रज्वलित करना जरूरी।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
पश्चिम बंगाल में एनडीए की संभावित जीत।

पटना, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ उठे विवादित नारों को चिंताजनक बताया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इस तरह की स्थिति को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसा करके देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने मंगलवार को राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि इससे पहले भी हमें यह देखने को मिल चुका है कि कैसे शिक्षित वर्ग के लोग भी आतंकवाद की राह पर चलने लगे हैं। यदि यह सिलसिला जारी रहा, तो भविष्य में स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण होगी। हमें इस पर रोक लगानी होगी। ऐसे मामलों पर हमें सख्त संज्ञान लेना चाहिए। इससे हमारी आंतरिक सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है।

दीपक प्रकाश ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए हमें युवाओं को प्रेरित करना होगा। युवाओं के मन में राष्ट्र भक्ति की भावना प्रज्वलित करनी होगी। हम सभी को एकजुट होकर राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। राष्ट्र सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जा सकती।

उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआई) के संदर्भ में कहा कि कुछ लोग इसका राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। यह कोई मुद्दा नहीं है। हमें पूरा विश्वास है कि जिस तरह से बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई, ठीक उसी प्रकार से पश्चिम बंगाल में भी होगा। कुछ लोग इसका विरोध करके राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इससे उन्हें कोई भी लाभ नहीं होगा।

अगर किसी को भी मतदाता सूची के विशेष गहन प्रक्रिया से आपत्ति है या किसी वैध मतदाता को लगता है कि इससे उसके हितों पर आंच आ रही है, तो उसकी शिकायत तुरंत सुनी जाएगी और उसका समाधान किया जाएगा।

दीपक प्रकाश ने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए को मौका मिलेगा। यह विचार भी खारिज नहीं किया जा सकता कि जिन राज्यों में एनडीए की सरकार है, वहां पर दोहरी गति से विकास हो रहा है। आप बिहार की स्थिति देखिए, पहले यह सूबा कैसा था और आज कैसा है। आज इस राज्य में चौतरफा विकास की बयार बह रही है, जिसकी हर कोई प्रशंसा कर रहा है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी एनडीए को आगामी विधानसभा चुनाव में जीत मिलेगी। पिछले कुछ वर्षों में इस राज्य में विकास की गति धीमी हो गई है और यहां के लोग विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शासन में बैठे लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

मंत्री दीपक प्रकाश ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति के साथ हो रही घटनाओं को भी चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में हमारे देश में संवेदनशीलता होनी चाहिए। हर देश की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए। इस प्रकार के विषय पर यदि कूटनीतिक रास्ता अपनाया जाए, तो यह बेहतर रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि शिक्षा संस्थानों में नारेबाजी जैसे मुद्दे हमारे देश की संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। हमें हमेशा राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपक प्रकाश ने जेएनयू में नारेबाजी के बारे में क्या कहा?
दीपक प्रकाश ने इसे चिंताजनक बताया और कहा कि ऐसी स्थिति को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
क्या युवा राष्ट्रभक्ति की भावना को अपनाना चाहिए?
जी हां, दीपक प्रकाश ने युवाओं को राष्ट्रभक्ति की भावना में प्रेरित करने की आवश्यकता बताई।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर उनकी क्या राय है?
उन्होंने कहा कि इसका राजनीतिकरण करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह कोई मुद्दा नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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