मोदी सरकार के 12 साल: वीरेंद्र सचदेवा ने गिनाईं उपलब्धियाँ, दिल्ली में राशन कार्ड आय सीमा ₹2.5 लाख
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मंगलवार, 26 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च पद पर 12 वर्ष की जनसेवा पूरी करने पर बधाई दी। सचदेवा ने कहा कि 26 मई 2014 को देश में सेवा-उन्मुख सुशासन के एक नए युग की शुरुआत हुई थी, जिसे इतिहास में स्थापना दिवस के रूप में याद किया जाएगा।
नामकरण से नई पहचान: सांकेतिक बदलाव
सचदेवा ने कहा कि मोदी सरकार ने राजपथ को कर्तव्यपथ में, राजभवन को लोकभवन में और केंद्रीय कार्यालय परिसर को कर्तव्यभवन नाम देकर जनसेवा के नए आयाम स्थापित किए हैं। उनके अनुसार, ये बदलाव केवल नामकरण नहीं, बल्कि शासन की मानसिकता में आए परिवर्तन के प्रतीक हैं।
प्रमुख उपलब्धियाँ: आतंकवाद से अयोध्या तक
सचदेवा ने कहा कि कोविड महामारी से निपटने और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुकाबला करने से लेकर कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण को सुगम बनाने तक, सरकार ने हर भारतीय की आकांक्षाओं को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों ने नागरिकों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया है।
दिल्ली और बंगाल: भाजपा का दावा
सचदेवा ने दावा किया कि मोदी सरकार के 11वें वर्ष में 2025 में दिल्ली को अरविंद केजरीवाल की सरकार से मुक्ति मिली, जिसे उन्होंने '11 साल की अराजक और भ्रष्ट' सरकार बताया। उन्होंने आगे कहा कि 12वें वर्ष में 2026 में बंगाल भी ममता बनर्जी के शासन से मुक्त हुआ और अब दोनों राज्यों में भाजपा का सुशासन कायम है। गौरतलब है कि ये दोनों दावे भाजपा के राजनीतिक दृष्टिकोण से किए गए हैं।
राशन कार्ड आय सीमा में बड़ा बदलाव
दिल्ली सरकार ने मोदी के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राशन कार्ड के लिए वार्षिक आय पात्रता सीमा ₹1.2 लाख से बढ़ाकर ₹2.5 लाख कर दी है। पिछले सप्ताह दिल्ली में 2.5 लाख नए राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। सचदेवा ने इसे जनसेवा का एक नया उदाहरण बताया।
राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान की योजना
एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर केंद्र सरकार ने एक राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान की योजना बनाई है। इसके तहत केंद्रीय मंत्री, भाजपा नेता, मुख्यमंत्री और सांसद देशभर के लोगों से जुड़कर सरकार की 22 प्रमुख उपलब्धियों को उजागर करेंगे। यह अभियान भाजपा की राजनीतिक पहुँच बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।