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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने त्रिलोकपुरी से पकड़ा स्नैचर सोमवीर, 14 से अधिक मामलों का आरोपी; चोरी की बाइक-मोबाइल जब्त

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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने त्रिलोकपुरी से पकड़ा स्नैचर सोमवीर, 14 से अधिक मामलों का आरोपी; चोरी की बाइक-मोबाइल जब्त

सारांश

दिल्ली क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर 14 से अधिक मामलों के वांछित स्नैचर सोमवीर को त्रिलोकपुरी से दबोचा। गिरफ्तारी के साथ चोरी की बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद हुए।

मुख्य बातें

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 24 मई 2025 को त्रिलोकपुरी से स्नैचर सोमवीर उर्फ सोमबीर (26) को गिरफ्तार किया।
आरोपी पर लूट, स्नैचिंग, चोरी और आर्म्स एक्ट समेत 14 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बरामदगी में एक चोरी की मोटरसाइकिल (एफआईआर नंबर 023966/25, थाना वेलकम) और दो मोबाइल फोन शामिल हैं।
थाना कल्याणपुरी के दो मामलों में अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी था; आरोपी ठिकाने बदलकर फरार था।
कार्रवाई इंस्पेक्टर केके शर्मा के नेतृत्व में और एसीपी संजय कुमार नागपाल की निगरानी में हुई।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 24 मई 2025 को त्रिलोकपुरी इलाके से सक्रिय स्नैचर सोमवीर उर्फ सोमबीर (26) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी पर लूट, स्नैचिंग, चोरी और आर्म्स एक्ट समेत 14 से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के साथ एक चोरी की मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।

कैसे बिछाया गया जाल

क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम को 20 मई को गुप्त सूचना मिली कि सोमवीर चोरी की मोटरसाइकिल पर त्रिलोकपुरी मार्केट के पास अपने साथियों से मिलने और किसी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इस सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर केके शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एसआई मोहित यादव, एसआई अमित कुमार, एएसआई मोहम्मद तलीम, एएसआई श्याम सिंह, हेड कांस्टेबल महेश, सुनील, रविंदर, कांस्टेबल सुमित कुमार और महिला कांस्टेबल नीशू शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी संजय कुमार नागपाल की निगरानी में संपन्न हुई।

बरामदगी का विवरण

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से जो मोटरसाइकिल मिली, वह थाना वेलकम में दर्ज एफआईआर नंबर 023966/25 के तहत चोरी की पाई गई। बरामद दो मोबाइल फोन में से एक ई-एनसीआर नंबर 1999999/24, क्राइम ब्रांच दिल्ली से चोरी का निकला, जबकि दूसरे मोबाइल की जाँच अभी जारी है।

अदालती वारंट और फरारी

जाँच में सामने आया कि आरोपी थाना कल्याणपुरी के स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट से जुड़े दो मामलों में वांछित था, और अदालत उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा और अंततः त्रिलोकपुरी में छिपा था।

पृष्ठभूमि: कैसे बना अपराधी

पुलिस के मुताबिक सोमवीर मूल रूप से कल्याणपुरी का निवासी है। आर्थिक तंगी के कारण उसने 8वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और अपने पिता के साथ सफाई कर्मचारी के रूप में काम करने लगा। इसी दौरान वह इलाके के आदतन अपराधियों के संपर्क में आया और क्रमशः लूट, स्नैचिंग तथा चोरी जैसी वारदातों में शामिल होता चला गया। गिरफ्तारी के समय वह सफाई कर्मचारी और ऑटो चालक के रूप में काम कर रहा था। आगे की जाँच जारी है और पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क की कड़ियाँ खँगाल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी पुनर्वास तंत्र की चर्चा इस तरह की कार्रवाइयों में प्रायः अनुपस्थित रहती है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सोमवीर को कहाँ से और कब गिरफ्तार किया?
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 24 मई 2025 को त्रिलोकपुरी इलाके से सोमवीर उर्फ सोमबीर (26) को गिरफ्तार किया। गुप्त सूचना के आधार पर 20 मई को टीम गठित की गई थी और जाल बिछाकर उसे दबोचा गया।
सोमवीर पर कितने और कौन-से आपराधिक मामले दर्ज हैं?
पुलिस के अनुसार सोमवीर पर लूट, स्नैचिंग, चोरी और आर्म्स एक्ट समेत 14 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। थाना कल्याणपुरी के दो मामलों में अदालत उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी कर चुकी थी।
गिरफ्तारी के दौरान क्या बरामद हुआ?
आरोपी के कब्जे से एक चोरी की मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। मोटरसाइकिल थाना वेलकम की एफआईआर नंबर 023966/25 से चोरी की पाई गई, और एक मोबाइल ई-एनसीआर नंबर 1999999/24 से चोरी का निकला।
सोमवीर किस तरह अपराध की दुनिया में आया?
पुलिस के मुताबिक सोमवीर कल्याणपुरी का मूल निवासी है और आर्थिक तंगी के कारण 8वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। पिता के साथ सफाई कर्मचारी के रूप में काम करते हुए वह इलाके के आदतन अपराधियों के संपर्क में आया और धीरे-धीरे लूट व स्नैचिंग जैसी वारदातों में शामिल हो गया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व किसने किया?
कार्रवाई इंस्पेक्टर केके शर्मा के नेतृत्व में एआरएससी टीम ने की, जिसमें कई एसआई, एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी संजय कुमार नागपाल की निगरानी में संपन्न हुई।
राष्ट्र प्रेस
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