दिल्ली ईवी नीति-2026: ₹7.91 करोड़ का प्रोत्साहन वितरित, 2,700 से अधिक लाभार्थी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली ईवी नीति-2026 के तहत 1 जुलाई 2026 से 8 अक्टूबर 2026 तक 2,786 लाभार्थियों को वाहन खरीद और स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के रूप में कुल ₹7.91 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है। नई दिल्ली में एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि नीति के शुभारंभ के बाद से कुल 7,782 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में बढ़ती रुचि को दर्शाते हैं।
नीति के तहत वितरण का ब्यौरा
अधिकारी के अनुसार, कुल ₹7.91 करोड़ में से 2,707 लाभार्थियों को खरीद प्रोत्साहन के रूप में ₹7.61 करोड़ प्रदान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के अंतर्गत 79 लाभार्थियों को ₹29.50 लाख की राशि दी गई है।
स्क्रैपिंग प्रोत्साहन की राशि में दोपहिया वाहन श्रेणी के 55 लाभार्थियों को ₹5.50 लाख और चार पहिया वाहन श्रेणी के 24 लाभार्थियों को ₹24 लाख की धनराशि प्राप्त हुई है। आँकड़ों के अनुसार, वितरित कुल स्क्रैपिंग राशि में चार पहिया वाहनों का अनुपात अधिक है।
दोपहिया वाहनों की प्रमुख भागीदारी
प्राप्त 7,782 आवेदनों में से 7,706 दोपहिया वाहनों से संबंधित हैं — जो कुल आवेदनों का लगभग 99% है। इनमें दोपहिया वाहनों के लिए स्क्रैपिंग प्रोत्साहन हेतु 116 आवेदन शामिल हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दिल्ली में दोपहिया वाहनों की संख्या सड़क पर चलने वाले कुल वाहनों में एक बड़ा हिस्सा है।
गौरतलब है कि आवेदन डेटा में 3.5 टन तक के सकल वाहन भार वाले N1 श्रेणी के ट्रकों से संबंधित 6 आवेदन भी शामिल हैं, जिनमें स्क्रैपिंग श्रेणी के अंतर्गत एक आवेदन है। ई-कारों के लिए स्क्रैपिंग प्रोत्साहन हेतु 70 आवेदन अलग से प्राप्त हुए हैं।
नीति की प्रमुख विशेषताएँ
दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 के अंतर्गत पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 100% की छूट प्रदान की गई है। नीति का लक्ष्य पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत खरीद प्रोत्साहन और स्क्रैपेज प्रोत्साहन — दोनों का प्रावधान है।
यह नीति वायु प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि दिल्ली देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल रही है और शीतकालीन प्रदूषण संकट हर वर्ष एक बड़ी चुनौती बनता है।
आगे की राह
अधिकारी के बयान के अनुसार, आवेदन और वितरण के आँकड़े नीति की प्रारंभिक अवधि की झलक देते हैं और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव को गति दे रहे हैं। यदि आवेदन प्रवाह इसी दर पर जारी रहा, तो आने वाले महीनों में लाभार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। दिल्ली सरकार का यह कदम राज्य-स्तरीय ईवी नीतियों के लिए एक संदर्भ-बिंदु बन सकता है।