11 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली ईवी नीति 2026: 3 महीनों में 7,782 आवेदन, 2,731 लाभार्थियों को ₹7.91 करोड़ की सब्सिडी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली ईवी नीति 2026: 3 महीनों में 7,782 आवेदन, 2,731 लाभार्थियों को ₹7.91 करोड़ की सब्सिडी

सारांश

दिल्ली की ईवी नीति 2026 के तीन महीने पूरे होने से पहले ही 7,782 आवेदन और ₹7.91 करोड़ की सब्सिडी वितरण — राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव के शुरुआती संकेत मज़बूत हैं, खासकर दोपहिया सेगमेंट में।

मुख्य बातें

दिल्ली ईवी नीति 2026 , 1 जुलाई 2026 से लागू, के तहत 8 अक्टूबर 2026 तक 7,782 आवेदन प्राप्त हुए।
2,731 लाभार्थियों को कुल ₹7.91 करोड़ की सब्सिडी वितरित की गई।
कुल आवेदनों में 7,706 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों से जुड़े हैं — सबसे बड़ी श्रेणी।
स्क्रैपिंग प्रोत्साहन का लाभ 79 लाभार्थियों को ₹29.50 लाख के रूप में मिला।
₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100% छूट 31 मार्च 2030 तक उपलब्ध।
पहले 1,000 N2 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रकों को 10 वर्षों तक नो-एंट्री समय प्रतिबंध से छूट।

दिल्ली सरकार की ईवी नीति 2026 को लागू हुए महज तीन महीने हुए हैं, और आंकड़े बता रहे हैं कि राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। 1 जुलाई 2026 को लागू इस नीति के तहत 8 अक्टूबर 2026 तक कुल 7,782 प्रोत्साहन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 2,731 लाभार्थियों को ₹7.91 करोड़ की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। सरकारी बयान के अनुसार यह नीति वायु प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है।

आवेदनों का ब्यौरा

प्राप्त कुल 7,782 आवेदनों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की रही है — इस श्रेणी से अकेले 7,706 आवेदन मिले। यह आंकड़ा दर्शाता है कि दिल्लीवासी टू-व्हीलर सेगमेंट में सबसे पहले इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपना रहे हैं।

सब्सिडी वितरण के मोर्चे पर, 2,707 लाभार्थियों को ₹7.61 करोड़ की खरीद प्रोत्साहन राशि दी गई है। इसके अतिरिक्त, पुराने वाहनों को अधिकृत केंद्रों पर स्क्रैप कर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले 79 लाभार्थियों को ₹29.50 लाख की स्क्रैपिंग प्रोत्साहन राशि मिली है।

सब्सिडी की संरचना

नीति के तहत विभिन्न श्रेणियों में अलग-अलग प्रोत्साहन निर्धारित किए गए हैं। ₹2.25 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर बैटरी क्षमता के आधार पर पहले वर्ष में अधिकतम ₹30,000 तक की सब्सिडी मिलती है।

स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के तहत — पुरानी BS-IV या उससे नीचे श्रेणी की दोपहिया गाड़ी स्क्रैप कर नई इलेक्ट्रिक दोपहिया खरीदने पर ₹10,000, पुरानी कार स्क्रैप कर ₹30 लाख तक की नई इलेक्ट्रिक कार लेने पर ₹1 लाख तक, और पुराना माल वाहक स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक गुड्स वाहन खरीदने पर ₹50,000 तक की सहायता दी जाएगी। शर्त यह है कि दिल्ली-पंजीकृत पुराना वाहन अधिकृत स्क्रैपिंग सुविधा में जमा करने के छह महीने के भीतर नया ईवी खरीदा जाए।

रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट

नीति की एक प्रमुख विशेषता यह है कि पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100% छूट दी जा रही है। ₹30 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को यह लाभ 31 मार्च 2030 तक मिलता रहेगा, जिससे खरीदारी की कुल लागत में उल्लेखनीय कमी आती है।

लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान

दिल्ली में माल ढुलाई के इलेक्ट्रिफिकेशन को गति देने के लिए सरकार ने एक अहम प्रोत्साहन घोषित किया है। दिल्ली में खरीदे और पंजीकृत होने वाले पहले 1,000 N2 श्रेणी के निजी इलेक्ट्रिक ट्रकों को 10 वर्षों तक नो-एंट्री समय प्रतिबंध से छूट दी जाएगी। यह प्रावधान लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए ईवी अपनाने की परिचालन बाधा को सीधे हटाता है।

आगे की दिशा

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली लगातार देश के सबसे प्रदूषित शहरों में गिनी जाती है और सर्दियों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर तक पहुँचता रहा है। इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और माल वाहनों के लिए भी अलग प्रोत्साहन राशियाँ तय की गई हैं, जो व्यावसायिक परिवहन क्षेत्र को भी इस बदलाव में शामिल करने की कोशिश दर्शाती हैं। लगातार बढ़ते आवेदनों के आधार पर सरकार का मानना है कि ईवी अपनाने की गति आने वाले महीनों में और तेज़ होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या यह रफ्तार बनी रहती है — खासकर जब पहले वर्ष की ऊँची सब्सिडी दरें घटने लगें। 7,706 दोपहिया आवेदनों के मुकाबले कारों और माल वाहनों की नगण्य हिस्सेदारी बताती है कि प्रोत्साहन अभी उन खंडों तक गहराई से नहीं पहुँचा जो शहर के प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान करते हैं। N2 इलेक्ट्रिक ट्रकों को नो-एंट्री छूट एक स्मार्ट नीतिगत कदम है, पर 1,000 वाहनों की सीमा इसकी असरदारी को संकीर्ण करती है। यह नीति दिशा में सही है — परंतु स्केल और निरंतरता अभी साबित होनी बाकी है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली ईवी नीति 2026 क्या है?
दिल्ली ईवी नीति 2026 दिल्ली सरकार की वह योजना है जो 1 जुलाई 2026 से लागू हुई और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को खरीद सब्सिडी, स्क्रैपिंग प्रोत्साहन और रोड टैक्स छूट जैसे लाभ देती है। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण कम करना और राजधानी में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है।
दिल्ली ईवी नीति 2026 के तहत अब तक कितनी सब्सिडी दी गई है?
8 अक्टूबर 2026 तक 2,731 लाभार्थियों को कुल ₹7.91 करोड़ की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। इसमें ₹7.61 करोड़ की खरीद प्रोत्साहन राशि और ₹29.50 लाख की स्क्रैपिंग प्रोत्साहन राशि शामिल है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पर दिल्ली में कितनी सब्सिडी मिलती है?
₹2.25 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर पहले वर्ष में बैटरी क्षमता के आधार पर अधिकतम ₹30,000 तक की सब्सिडी उपलब्ध है। यह नीति के तहत सबसे लोकप्रिय श्रेणी भी है, जिसमें अब तक 7,706 आवेदन आए हैं।
दिल्ली ईवी नीति 2026 में स्क्रैपिंग प्रोत्साहन कैसे काम करता है?
यदि कोई व्यक्ति दिल्ली-पंजीकृत पुराना वाहन अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र में जमा कर छह महीने के भीतर नया ईवी खरीदता है, तो उसे अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलता है। पुरानी BS-IV दोपहिया स्क्रैप करने पर ₹10,000, पुरानी कार स्क्रैप कर ₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कार लेने पर ₹1 लाख तक, और पुराना माल वाहक स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक गुड्स वाहन खरीदने पर ₹50,000 तक की राशि देय है।
दिल्ली ईवी नीति 2026 से इलेक्ट्रिक ट्रक मालिकों को क्या फायदा मिलेगा?
दिल्ली में खरीदे और पंजीकृत होने वाले पहले 1,000 N2 श्रेणी के निजी इलेक्ट्रिक ट्रकों को 10 वर्षों तक नो-एंट्री समय प्रतिबंध से छूट दी जाएगी। यह प्रावधान लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए बनाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले