दिल्ली सरकार द्वारा ईवी पॉलिसी 2026-2030 का मसौदा जारी, सुझाव आमंत्रित

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दिल्ली सरकार द्वारा ईवी पॉलिसी 2026-2030 का मसौदा जारी, सुझाव आमंत्रित

सारांश

दिल्ली सरकार ने 'दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030' का मसौदा पेश किया है, जो प्रदूषण नियंत्रण और ईवी को बढ़ावा देने के लिए है। इस नीति पर सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। जानें इसके प्रमुख बिंदु और लाभ।

Key Takeaways

  • दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026-2030 प्रदूषण कम करने का एक कदम है।
  • सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 10 अप्रैल 2026 है।
  • सरकार ईवी खरीदने पर सब्सिडी देगी।
  • ईवी को रजिस्ट्रेशन पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।
  • स्कूल बसों में ईवी का हिस्सा 2030 तक 30%25 बढ़ाना होगा।

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार ने 'दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030' का मसौदा जारी किया है, जिसका उद्देश्य प्रदूषण को नियंत्रित करना है। इस नीति का मुख्य ध्यान इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देना, वायु गुणवत्ता में सुधार करना और स्वच्छ परिवहन प्रणाली को सुदृढ़ करना है।

विभाग ने इस मसौदे पर सुझाव आमंत्रित करते हुए बताया है कि इच्छुक व्यक्ति 10 अप्रैल 2026 तक अपने सुझाव भेज सकते हैं। सुझाव ई-मेल पर 'ईवीपॉलिसीएटदरेटजीमेलडॉटकम' पर या डाक द्वारा संयुक्त आयुक्त (ईवी), परिवहन विभाग, जीएनसीटीडी, 5/9, अंडर हिल रोड, दिल्ली-110054 पर भेजे जा सकते हैं। महत्वपूर्ण है कि निर्धारित समय के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।

यह नीति भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 से प्रेरित है, जो स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण को जीवन के अधिकार का हिस्सा मानता है। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 जैसे कानून भी इस नीति का आधार हैं।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में सर्दियों के दौरान 23 प्रतिशत प्रदूषण के लिए वाहन जिम्मेदार हैं। खासकर, दोपहिया वाहन कुल वाहनों का करीब 67 प्रतिशत हैं, इसलिए इनका तेजी से इलेक्ट्रिक में रूपांतरण आवश्यक है। इसके साथ ही, तीन पहिया, कमर्शियल कार और छोटे मालवाहक वाहन (एन1) भी प्रदूषण में योगदान देते हैं।

इस नीति के प्रमुख लक्ष्य सभी वर्गों में ईवी अपनाने को बढ़ावा देना, चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करना, बैटरी रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित करना और पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करना हैं।

सरकार ईवी खरीदने पर प्रत्यक्ष सब्सिडी प्रदान करेगी। दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर पहले साल 10,000 रुपए प्रति किलोवाट (अधिकतम 30,000 रुपए), दूसरे साल 6,600 रुपए (अधिकतम 20,000 रुपए) और तीसरे साल 3,300 रुपए (अधिकतम 10,000 रुपए) की सब्सिडी दी जाएगी।

ई-ऑटो (तीन पहिया) के लिए पहले साल 50,000 रुपए, दूसरे साल 40,000 रुपए और तीसरे साल 30,000 रुपए की सहायता दी जाएगी। वहीं, छोटे इलेक्ट्रिक ट्रक (एन1) पर पहले साल 1 लाख रुपए, दूसरे साल 75,000 रुपए, और तीसरे साल 50,000 रुपए तक का लाभ मिलेगा।

पुरानी बीएस-IV या उससे नीचे की गाड़ी स्क्रैप करने पर भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। दोपहिया पर 10,000 रुपए, तीन पहिया पर 25,000 रुपए, कार पर 1 लाख रुपए (30 लाख तक की कीमत वाली, पहले 1 लाख लोगों तक) और एन1 ट्रक पर 50,000 रुपए मिलेंगे।

दिल्ली में रजिस्ट्रेशन कराने पर सभी ईवी को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। 30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों को पूरी छूट और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड को 50 प्रतिशत छूट मिलेगी, जबकि 30 लाख से ऊपर की कारों को कोई छूट नहीं मिलेगी।

चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। यह संस्था योजना, स्थान तय करने और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही, एक डिजिटल पोर्टल और सिंगल विंडो सिस्टम भी बनाया जाएगा ताकि चार्जिंग स्टेशन लगाना आसान हो सके।

वाहन निर्माता कंपनियों को हर डीलरशिप पर कम से कम एक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना होगा। इसमें 2-3 व्हीलर और 4 व्हीलर के लिए अलग-अलग चार्जिंग पॉइंट होंगे।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति बैटरी कलेक्शन सेंटर बनाने और सुरक्षित निपटान के लिए नियम तय करेगी। बैटरी ट्रैकिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा ताकि रीसाइक्लिंग और दोबारा उपयोग सुरक्षित तरीके से हो सके।

1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक तीन पहिया ही रजिस्टर होंगे। 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया ही रजिस्टर किए जाएंगे। स्कूल बसों में भी ईवी का हिस्सा बढ़ाना अनिवार्य होगा। पहले 2 साल में 10 प्रतिशत, तीसरे साल 20 प्रतिशत, और 2030 तक 30 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य है।

सरकारी विभागों में नई खरीदी जाने वाली सभी गाड़ियां इलेक्ट्रिक होंगी। दिल्ली परिवहन निगम की नई बसें भी इलेक्ट्रिक होंगी। वहीं, डिलीवरी और फ्लीट कंपनियों को 2026 से पेट्रोल-डीजल वाहनों को शामिल करने से रोका जाएगा। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाया जाएगा। ट्रांसपोर्ट विभाग इस नीति को लागू करेगा और एक विशेष ईवी सेल का गठन करेगा।

Point of View

बल्कि इलेक्ट्रिक परिवहन के भविष्य को भी उजागर करती है।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली ईवी पॉलिसी क्या है?
दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026-2030 का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और प्रदूषण को कम करना है।
सुझाव कैसे भेजें?
सुझाव ई-मेल या डाक के माध्यम से 10 अप्रैल 2026 तक भेज सकते हैं।
क्या सब्सिडी मिलेगी?
हां, सरकार ईवी खरीदने पर सब्सिडी प्रदान करेगी।
ईवी को रजिस्ट्रेशन पर छूट है?
हाँ, सभी ईवी को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।
स्कूल बसों में ईवी का क्या होगा?
स्कूल बसों में ईवी का हिस्सा बढ़ाना अनिवार्य होगा।
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