29 जून 2026
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दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 को कैबिनेट की मंजूरी, ₹15,000 करोड़ का लाभ; 1 जुलाई से होगी लागू

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दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 को कैबिनेट की मंजूरी, ₹15,000 करोड़ का लाभ; 1 जुलाई से होगी लागू

सारांश

दिल्ली कैबिनेट ने ईवी पॉलिसी 2026 को मंजूरी दी — ₹7,000 करोड़ का सरकारी निवेश, ₹8,000 करोड़ की टैक्स छूट, और सभी ईवी पर 100% रोड टैक्स माफी। 1 जुलाई से लागू यह नीति 2030 तक दिल्ली को स्वच्छ परिवहन राजधानी बनाने का दावा करती है।

मुख्य बातें

दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 को 29 जून 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में कैबिनेट ने मंजूरी दी।
नीति 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी।
नागरिकों को टैक्स छूट और इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कुल ₹15,000 करोड़ से अधिक का लाभ मिलने का अनुमान।
ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹7,000 करोड़ का सरकारी निवेश; उपयोगकर्ताओं को ₹8,000 करोड़ की टैक्स छूट व इंसेंटिव।
सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 100% छूट; चार पहिया वाहनों के लिए ₹30 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत की सीमा।
नीति उप-राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की औपचारिक मंजूरी के बाद अधिसूचित होगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में 29 जून 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। यह नीति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी और 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी, जिसका मुख्य लक्ष्य राजधानी में जीरो एमिशन वाहनों को बढ़ावा देकर प्रदूषण पर लगाम लगाना है। नीति के तहत नागरिकों को टैक्स छूट और इलेक्ट्रिक वाहन इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कुल ₹15,000 करोड़ से अधिक का लाभ मिलने का अनुमान है।

नीति में क्या-क्या शामिल है

दिल्ली सरकार अगले चार वर्षों में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए ₹7,000 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष सरकारी निवेश करेगी। इसके अतिरिक्त, ईवी उपयोगकर्ताओं को ₹8,000 करोड़ की टैक्स छूट और प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी। चार पहिया वाहनों के मामले में ₹30 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले वाहन इस लाभ के पात्र होंगे।

किन वाहनों को मिलेगा फायदा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यह नीति केवल चार पहिया वाहनों तक सीमित नहीं है। दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया, हल्के मालवाहक ट्रक और ग्रामीण सेवा वाहन — सभी श्रेणियाँ इस नीति के दायरे में आएंगी। इसके साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहनों की स्क्रैपिंग और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, "सब्सिडी को इस तरह तैयार किया गया है ताकि सामान्य वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों के बीच लागत के अंतर को कम किया जा सके।"

प्रदूषण संकट की पृष्ठभूमि

दिल्ली सरकार द्वारा समर्थित एक अध्ययन के अनुसार, शहर में वाहन-जनित प्रदूषण में 33 प्रतिशत हिस्सेदारी वाणिज्यिक वाहनों की है, जबकि 46 प्रतिशत प्रदूषण दोपहिया और तिपहिया वाहनों से होता है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली लगातार वायु गुणवत्ता सूचकांक में देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार होती रही है। गौरतलब है कि पिछली दिल्ली ईवी नीति 2020 में लागू हुई थी, जो मार्च 2024 में समाप्त हो गई थी — यानी नई नीति एक लंबे अंतराल के बाद आई है।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैबिनेट मंत्री पंकज कुमार सिंह, आशीष सूद और मंजिंदर सिंह सिरसा को सभी हितधारकों के विचारों को नीति में समाहित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य दिल्ली को "प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ परिवहन राजधानी" बनाना है। नीति उप-राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की औपचारिक स्वीकृति के बाद अधिसूचित की जाएगी, जिसके बाद 1 जुलाई से इसका क्रियान्वयन शुरू होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — पिछली 2020 नीति के समाप्त होने के बाद करीब दो वर्षों के अंतराल में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार सुस्त रही। ₹7,000 करोड़ का सरकारी निवेश तभी सार्थक होगा जब चार्जिंग स्टेशनों का विस्तार शहर के उन इलाकों तक पहुँचे जहाँ मध्यमवर्गीय और निम्न-आय वर्ग के वाहन-स्वामी रहते हैं। दोपहिया और तिपहिया वाहनों को शामिल करना सही दिशा है — क्योंकि ये ही दिल्ली के 46% वाहन-प्रदूषण के स्रोत हैं — परंतु उप-राज्यपाल की औपचारिक मंजूरी और अधिसूचना में देरी की संभावना नीति की 1 जुलाई की समयसीमा को अनिश्चित बनाती है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 क्या है और यह कब से लागू होगी?
दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में 29 जून 2026 को कैबिनेट द्वारा अनुमोदित एक इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन नीति है, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होकर 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। इसका उद्देश्य दिल्ली में जीरो एमिशन वाहनों को बढ़ावा देना और प्रदूषण कम करना है।
दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 के तहत नागरिकों को क्या-क्या लाभ मिलेंगे?
नागरिकों को टैक्स छूट और ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कुल ₹15,000 करोड़ से अधिक का लाभ मिलने का अनुमान है। इसमें ₹8,000 करोड़ की टैक्स छूट व इंसेंटिव और सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स व पंजीकरण शुल्क में 100% छूट शामिल है।
दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 में कौन-से वाहन शामिल हैं?
यह नीति दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया, हल्के मालवाहक ट्रक और ग्रामीण सेवा वाहन — सभी श्रेणियों को कवर करती है। चार पहिया वाहनों के लिए ₹30 लाख तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले वाहन पात्र होंगे।
दिल्ली सरकार ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कितना निवेश करेगी?
दिल्ली सरकार अगले चार वर्षों में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए ₹7,000 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष सरकारी निवेश करेगी। इस निवेश का उद्देश्य चार्जिंग नेटवर्क और संबंधित बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना है।
नई दिल्ली ईवी नीति पुरानी नीति से कैसे अलग है?
पिछली दिल्ली ईवी नीति 2020 में लागू हुई थी और मार्च 2024 में समाप्त हो गई थी। नई 2026 नीति में ₹15,000 करोड़ का व्यापक लाभ पैकेज, ग्रामीण सेवा वाहनों को शामिल करना और स्क्रैपिंग व चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर अतिरिक्त जोर — ये प्रमुख नई विशेषताएँ हैं।
राष्ट्र प्रेस
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