दिल्ली में कचरा प्रबंधन क्रांति: सीएम रेखा गुप्ता ने सरिता विहार में FCTS प्लांट का उद्घाटन किया, 1,000 मशीनें तैनात
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 17 अक्टूबर 2026 को सरिता विहार के एम ब्लॉक में फिक्स्ड कॉम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (FCTS) प्लांट का उद्घाटन किया और घर-घर कचरा संग्रहण के लिए नए वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इस अभियान के तहत दिल्ली नगर निगम (MCD) के सभी 250 वार्डों में 1,000 मैकेनिकल लिटर पिकर मशीनें तैनात करने की पहल शुरू की गई है, जिसके पहले चरण में 50 मशीनें रवाना की गईं।
मुख्य घटनाक्रम
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्य शर्मा, सदन के नेता जय भगवान यादव, स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। नए वाहनों के संचालन के लिए 35 महिला चालकों की विशेष रूप से नियुक्ति की गई है, जो इस पहल का एक उल्लेखनीय सामाजिक पहलू है।
समस्या की जड़ और सरकार की रणनीति
मुख्यमंत्री गुप्ता ने स्वीकार किया कि दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 15,000 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है, लेकिन अब तक केवल 6,000 से 7,000 मीट्रिक टन का ही प्रसंस्करण हो पाता था। इसी कारण शहर में कचरे के पहाड़ लगातार बढ़ते रहे। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के लैंडफिल स्थल वर्षों से क्षमता से अधिक भरे हुए हैं और पर्यावरणीय दबाव बढ़ रहा है।
इस खाई को पाटने के लिए सरकार नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने, मौजूदा संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने, ई-कचरा केंद्र बनाने और गोबर प्रबंधन के लिए बायोगैस संयंत्र लगाने पर काम कर रही है। गुप्ता ने कहा कि सरकार अगले 15 से 30 वर्षों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक योजना पर काम कर रही है।
बुनियादी ढाँचे का विस्तार
दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए 428 ऑटो टिपर, 128 ई-रिक्शा, 25 टाटा 407 वाहन, 27 रिफ्यूज कॉम्पैक्टर, 5 अतिरिक्त रिफ्यूज कॉम्पैक्टर और 30 हुक लोडर उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा 100 कॉम्पैक्टर बिन, 1,500 स्टील डस्टबिन, 300 HDPE डस्टबिन और बागवानी कचरे के परिवहन के लिए 10 टिपर ट्रक भी उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने MCD को 1,000 बैटरी चालित पिकर मशीनें उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इनमें से 150 मशीनें पहुँच चुकी हैं और शेष मशीनों की आपूर्ति अगले महीने तक करने का लक्ष्य रखा गया है। 100 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के लिए भी धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
नागरिकों से अपील और सामुदायिक पहल
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पुराने और अनुपयोगी कपड़ों को मेट्रो स्टेशनों के पास स्थापित 'अर्पण' केंद्रों में जमा करने की अपील की, ताकि पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग को बढ़ावा मिले। गौरतलब है कि पुरानी मूर्तियों और पूजा सामग्री के अलग संग्रहण के लिए दिल्ली के सभी 250 वार्डों में मूर्ति विसर्जन कियोस्क स्थापित करने की योजना है, जिनमें से लगभग 100 कियोस्क पहले ही लगाए जा चुके हैं।
क्या होगा आगे
सरकार का घोषित लक्ष्य प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कचरे का उसी दिन प्रसंस्करण और निपटान सुनिश्चित करना है। शेष 850 बैटरी चालित पिकर मशीनें अगले महीने तक तैनात होने की उम्मीद है। यदि यह योजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है, तो दिल्ली के कचरा प्रबंधन का ढाँचा अगले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बदल सकता है।