दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल को ईडी समन अवहेलना मामले में नोटिस जारी किया, जुलाई में अगली सुनवाई
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को ईडी की याचिका पर अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया।
- यह नोटिस दिल्ली शराब नीति मामले में ईडी के पाँच समन की कथित अवहेलना से संबंधित है।
- राऊज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने पहले केजरीवाल को बरी किया था।
- ईडी ने उस बरी किए जाने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
- जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने सीबीआई मामले में सुनवाई 4 मई तक स्थगित की।
- मामले की अगली सुनवाई जुलाई 2026 में होगी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया। यह नोटिस दिल्ली शराब नीति मामले में ईडी के समन की कथित अवहेलना से जुड़े मुकदमे में जारी किया गया है, और मामले की अगली सुनवाई जुलाई 2026 में निर्धारित की गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी ने दिल्ली शराब नीति मामले की जाँच के दौरान केजरीवाल को पूछताछ के लिए अलग-अलग तारीखों पर पाँच समन जारी किए थे। एजेंसी का आरोप है कि केजरीवाल ने इन सभी समन की अवहेलना की और एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल ने बेतुके बहाने बनाए और जान-बूझकर जाँच में शामिल न होने के आधार तैयार किए।
निचली अदालत का फैसला और ईडी की चुनौती
ईडी ने समन की अवहेलना को लेकर पहले राऊज एवेन्यू कोर्ट में शिकायत दायर की थी। हालाँकि, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने केजरीवाल को इस मामले में बरी कर दिया था। अदालत ने माना था कि उपलब्ध साक्ष्य उनके विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसी फैसले को ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। एजेंसी का तर्क है कि एक उच्च पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा समन की अवहेलना गलत उदाहरण स्थापित करती है, इसलिए इस मामले में कार्रवाई आवश्यक है।
सीबीआई मामले में भी सुनवाई
उसी दिन दिल्ली हाईकोर्ट में अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई मामले में भी सुनवाई हुई। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने कुछ प्रतिवादियों की ओर से जवाब दाखिल न किए जाने पर मामले की सुनवाई को 4 मई तक स्थगित कर दिया।
अदालत का निर्देश
जस्टिस शर्मा ने स्पष्ट किया कि जिन प्रतिवादियों ने अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया है, वे शनिवार तक यह प्रक्रिया पूर्ण करें। उन्होंने कहा,