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क्या दिल्ली में हुए विस्फोट के पीछे राजनीतिक संलिप्तता है?

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क्या दिल्ली में हुए विस्फोट के पीछे राजनीतिक संलिप्तता है?

सारांश

दिल्ली में हुए बम धमाके ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कर्नाटक के मंत्री बी. जेड. जमीर अहमद खान ने राजनीती की संभावित संलिप्तता और सुरक्षा एजेंसियों की निष्क्रियता पर चिंता व्यक्त की। क्या यह घटना एक बड़ी साजिश का हिस्सा है?

मुख्य बातें

दिल्ली में बम धमाका राजनीतिक संलिप्तता की आशंका सुरक्षा एजेंसियों की निष्क्रियता बिहार विधानसभा चुनाव का एग्जिट पोल भाजपा की जाति और धर्म पर टिप्पणी

बेंगलुरु, 12 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक सरकार के मंत्री बी. जेड. जमीर अहमद खान ने दिल्ली में लाल किला के पास हुए बम धमाके पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना में राजनीतिक संलिप्तता की संभावना भी जताई है।

मंत्री बी. जेड. जमीर अहमद खान ने कहा, "दिल्ली में जो कार विस्फोट हुआ, वह एक अत्यंत दुखद घटना है। यह आश्चर्य की बात है कि यह बम विस्फोट 10 नवंबर को हुआ था, जब 11 नवंबर को बिहार में मतदान था। आपने देखा होगा कि मीडिया में इस घटना में राजनीतिक संलिप्तता की आशंका जताई गई है, और मैंने भी ऐसे दावे सुने हैं। मैं निश्चित रूप से यह नहीं कह सकता। यदि किसी को किसी की जान लेने से लाभ होता है, तो यह पूरी तरह से गलत है।"

बम धमाके के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सक्रियता दिखाई। लगभग 500 अधिकारियों और जवानों की टीम का गठन किया गया है, जिसमें दिल्ली पुलिस, आईबी, एनएसजी और एनआईए के अधिकारी शामिल हैं। यह टीम लगातार जांच कर रही है ताकि दोषियों को शीघ्र पकड़ा जा सके।

उन्होंने कहा कि इस तरह का विस्फोट दिल्ली में होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। आखिरकार, सुरक्षा एजेंसियों को इस घटना की जानकारी क्यों नहीं थी? सारी सुरक्षा एजेंसियां क्या कर रही थीं? इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

बेंगलुरु हवाई अड्डे पर नमाज अदा करने वाले लोगों के वीडियो पर मंत्री ने कहा, "मैं यही कहना चाहता हूं कि भाजपा हर चीज में जाति और धर्म को क्यों लाती है? मुझे समझ नहीं आता। भारत के हर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नमाज अदा करने के लिए एक प्रार्थना कक्ष होता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय यात्री विभिन्न देशों से आते हैं। अब इस पर मुद्दा उठाना पूरी तरह से गलत है। लोग बस नमाज अदा कर रहे हैं, कुछ गलत नहीं कर रहे हैं।"

बिहार विधानसभा चुनाव के राष्ट्र प्रेस-मैटराइज एग्जिट पोल पर मंत्री बी. जेड. जमीर अहमद खान ने कहा, "हम पूरी तरह एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं कर सकते। अंततः सचाई स्पष्ट हो जाएगी। 14 नवंबर को सच्चाई सबको पता चल जाएगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है। सरकार को सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। यह केवल एक बम धमाका नहीं है, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में बम धमाका कब हुआ?
दिल्ली में बम धमाका 10 नवंबर को हुआ।
क्या इस घटना में राजनीतिक संलिप्तता हो सकती है?
कर्नाटक के मंत्री ने इस घटना में राजनीतिक संलिप्तता की आशंका जताई है।
सुरक्षा एजेंसियों ने क्या कार्रवाई की?
सुरक्षा एजेंसियों ने लगभग 500 अधिकारियों की एक टीम गठित की है।
क्या सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए?
हां, इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, और सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
क्या नमाज अदा करना गलत है?
नहीं, नमाज अदा करना गलत नहीं है और यह हर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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