दिल्ली-एनसीआर में AQI 306 पार, 27 अक्टूबर तक पारा 17°C तक लुढ़केगा; GRAP-1 लागू
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर में 22 अक्टूबर 2026 को वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है — चांदनी चौक में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 306 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अक्टूबर तक न्यूनतम तापमान गिरकर 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की संभावना है, जो प्रदूषण की स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के अधिकांश इलाके 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी में हैं। बवाना में AQI 274, आनंद विहार में 236, अशोक विहार में 223, बुराड़ी क्रॉसिंग में 226 और आया नगर में 214 रहा। बदरपुर में AQI 141 यानी 'मध्यम' श्रेणी अपेक्षाकृत बेहतर है। PM10 का स्तर 281 और PM2.5 का स्तर 181 तक पहुँच चुका है।
नोएडा और गाज़ियाबाद की स्थिति
नोएडा के सेक्टर-62 में AQI 337 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी की दहलीज़ पर है। सेक्टर-1 में 258, सेक्टर-125 में 254 और सेक्टर-116 में 239 AQI रिकॉर्ड किया गया। गाज़ियाबाद में वसुंधरा का AQI 316 और इंदिरापुरम का 312 है — दोनों 'बहुत खराब' श्रेणी में। संजय नगर में 295, वेव सिटी में 238, लोनी में 175 और वेद विहार-लोनी में 154 AQI दर्ज किया गया। गोविंदपुरम अकेला ऐसा इलाका है जहाँ AQI 74 यानी 'संतोषजनक' श्रेणी में है।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, 22 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32°C और न्यूनतम 18°C रहने की संभावना है। 23 अक्टूबर को भी तापमान लगभग इतना ही बना रहेगा। 24 अक्टूबर से आंशिक बादल छाएंगे और अधिकतम तापमान 33°C तक जा सकता है। हालाँकि, 27 अक्टूबर तक न्यूनतम तापमान 17°C तक लुढ़कने का अनुमान है। तापमान में यह गिरावट और हवा की गति में कमी प्रदूषक तत्वों को वायुमंडल की निचली परतों में जमा होने का अवसर देती है।
GRAP और सरकारी प्रतिक्रिया
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण पहले ही लागू किया जा चुका है, लेकिन आंकड़ों के अनुसार हवा की गुणवत्ता में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब सर्दियों के मौसम की शुरुआत के साथ दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का वार्षिक चक्र एक बार फिर तेज़ हो गया है। गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से अक्टूबर-नवंबर के दौरान इस क्षेत्र में AQI 'गंभीर' श्रेणी को छूता रहा है।
आम जनता पर असर और विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते प्रदूषण से सांस संबंधी बीमारियाँ, आँखों में जलन और त्वचा संबंधी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से फेफड़े या हृदय की बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। GRAP के पहले चरण के उपायों का ज़मीनी असर आने वाले कुछ दिनों में ही स्पष्ट होगा, और यदि AQI 'गंभीर' श्रेणी में पहुँचता है तो अगले चरण के प्रतिबंध स्वतः लागू हो सकते हैं।