31 जुलाई 2026
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दिल्ली-NCR में उमस और गर्मी का दोहरा प्रहार: 3 अगस्त को आर्द्रता 95%, अस्पतालों में बढ़े मरीज़

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दिल्ली-NCR में उमस और गर्मी का दोहरा प्रहार: 3 अगस्त को आर्द्रता 95%, अस्पतालों में बढ़े मरीज़

सारांश

मानसून की बारिश राहत देने की जगह दिल्ली-NCR में उमस का संकट बन गई है। 3 अगस्त को आर्द्रता 95% तक पहुँच सकती है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और वायरल बुखार के मरीज़ बढ़ रहे हैं — IMD ने अगले पाँच दिन यही हाल रहने का अनुमान जताया है।

मुख्य बातें

दिल्ली-NCR में 31 जुलाई 2026 को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस , न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान।
3 अगस्त को आर्द्रता 95 प्रतिशत तक पहुँचने की आशंका — सप्ताह का सबसे उमसभरा दिन।
अस्पतालों में डिहाइड्रेशन , वायरल बुखार और गले के संक्रमण के मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
IMD ने अगले 5 दिनों तक हल्की बारिश और अत्यधिक नमी का पूर्वानुमान जताया; कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुज़ुर्गों , बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।

नई दिल्ली में 31 जुलाई 2026 को मानसून की हल्की बूंदाबांदी के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-NCR) के निवासियों को गर्मी और उमस से कोई ठोस राहत नहीं मिल रही। दिन में कड़ी धूप और शाम को छिटपुट बारिश का यह चक्र वातावरण में नमी को इस कदर बढ़ा देता है कि लोगों को बारिश से पहले की तुलना में अधिक चिपचिपी गर्मी झेलनी पड़ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले पाँच दिनों तक यही स्थिति बनी रहेगी।

मौसम का पाँच दिवसीय पूर्वानुमान

31 जुलाई को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 1 अगस्त को मामूली राहत के साथ अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहेगा। 2 अगस्त को भी तापमान 33 और 25 डिग्री के बीच रहेगा, जबकि अधिकतम आर्द्रता 90 प्रतिशत तक पहुँच सकती है।

3 अगस्त को स्थिति और कठिन होगी — अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री के साथ आर्द्रता 95 प्रतिशत तक पहुँचने की आशंका है, जो इस सप्ताह का सर्वाधिक उमसभरा दिन होगा। 4 अगस्त को अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री रहेगा, आर्द्रता 75 से 90 प्रतिशत के बीच। 5 अगस्त को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री रहने का अनुमान है। IMD ने फिलहाल किसी भी दिन के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की है।

उमस का विज्ञान: बारिश राहत क्यों नहीं दे रही

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिन में निकलने वाली तेज धूप ज़मीन को तपाती है और तापमान बढ़ाती है। इसके बाद दोपहर या शाम को होने वाली हल्की बूंदाबांदी ज़मीन की गर्मी को वाष्प में बदल देती है, जिससे हवा में नमी तेज़ी से बढ़ जाती है। यही कारण है कि बारिश के बाद कुछ देर की ठंडक के बाद उमस पहले से भी अधिक महसूस होती है। यह स्थिति विशेष रूप से मानसून के मध्य चरण में दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहरों में सामान्य है, जहाँ कंक्रीट का जंगल ऊष्मा को बाहर नहीं निकलने देता।

अस्पतालों में बढ़ी मरीज़ों की संख्या

मौसम के इस अस्थिर मिजाज़ का सीधा असर सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। राजधानी के अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, वायरल बुखार, गले में संक्रमण और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बुज़ुर्गों, बच्चों और पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

चिकित्सकों ने नागरिकों से अपील की है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ, धूप में लंबे समय तक रहने से बचें, हल्के सूती कपड़े पहनें और आवश्यकता न हो तो घर से बाहर न निकलें। यदि तेज़ बुखार, गले में संक्रमण, लगातार थकान या डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई है।

आगे क्या उम्मीद करें

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली-NCR में अगले पाँच दिनों तक बादलों की आवाजाही, रुक-रुक कर हल्की बारिश और अत्यधिक नमी का दौर जारी रहेगा। गौरतलब है कि यह स्थिति उस समय आई है जब राजधानी में मानसून सक्रिय होने के बावजूद राहत की जगह उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में 3 अगस्त सबसे अधिक उमसभरा रह सकता है, इसलिए सतर्कता ज़रूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर राहत नहीं मिलती। कंक्रीट के विस्तार और शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है, जिसकी ओर शहरी नियोजन की बहसों में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। अस्पतालों में बढ़ती भीड़ महज़ मौसमी असुविधा नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी है जो हर गर्मी में दोहराती है। सवाल यह है कि दिल्ली का स्वास्थ्य तंत्र इस वार्षिक उमस-संकट के लिए पूर्व-तैयारी कब करेगा, बजाय इसके कि हर बार प्रतिक्रियात्मक सलाह जारी की जाए।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली-NCR में इस समय इतनी उमस क्यों है?
दिन में तेज़ धूप से ज़मीन गर्म होती है और शाम को हल्की बारिश वातावरण में नमी बढ़ा देती है, जिससे उमस और बढ़ जाती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह मानसून के मध्य चरण में दिल्ली जैसे घने शहरों में सामान्य परिघटना है।
दिल्ली में अगले 5 दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
IMD के अनुसार, 31 जुलाई से 5 अगस्त तक अधिकतम तापमान 33-35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। 3 अगस्त को आर्द्रता 95% तक पहुँच सकती है। हल्की बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान है; कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
उमस और गर्मी से कौन सी बीमारियाँ बढ़ रही हैं?
दिल्ली के अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, वायरल बुखार, गले में संक्रमण और मौसमी बीमारियों के मरीज़ बढ़ रहे हैं। विशेष रूप से बुज़ुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
इस मौसम में स्वास्थ्य की रक्षा कैसे करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पर्याप्त पानी पीने, धूप में लंबे समय तक न रहने, हल्के सूती कपड़े पहनने और ज़रूरत न हो तो घर से न निकलने की सलाह दी है। तेज़ बुखार, थकान या डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
क्या दिल्ली में मानसून सामान्य रूप से सक्रिय है?
हाँ, IMD के अनुसार मानसून सक्रिय है और आसमान में बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश का सिलसिला जारी है। हालाँकि, बारिश की तीव्रता कम होने के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट नहीं आ रही और उमस बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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