दिल्ली-NCR से गाड़ियाँ चुराकर पंजाब में बेचता था गैंग, दो गिरफ्तार; 5 कारें बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 21 अक्टूबर 2026 को दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी सफलता हासिल की — पहली में दिल्ली-एनसीआर से पंजाब तक फैले अंतरराज्यीय वाहन चोरी रैकेट का भंडाफोड़ किया गया और दो सक्रिय ऑटोलिफ्टरों को गिरफ्तार कर 5 चोरी की कारें बरामद की गईं। दूसरी कार्रवाई में मोबाइल स्नेचिंग के एक मामले में दो आरोपियों को पकड़ा गया, जिनमें एक 16 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है।
अंतरराज्यीय वाहन चोरी रैकेट का पर्दाफाश
एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS), सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने जंडियाला गुरु, अमृतसर, पंजाब से दो सक्रिय ऑटोलिफ्टरों — शमशेर (33 वर्ष) और रिंकू उर्फ रिंकी (39 वर्ष) — को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी जंडियाला गुरु, अमृतसर के ही निवासी हैं। इनके पास से चार हुंडई क्रेटा और एक मारुति डिज़ायर — कुल पाँच चोरी की कारें — बरामद हुई हैं, जिससे मोटर व्हीकल चोरी के 5 मामले सुलझ गए हैं।
मामले की शुरुआत कैसे हुई
पुलिस के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 को ओल्ड राजिंदर नगर के एक निवासी की शिकायत पर राजिंदर नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके घर के बाहर खड़ी सफेद हुंडई क्रेटा चोरी हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच AATS, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट को सौंपी गई।
जाँच के दौरान मैनुअल इंटेलिजेंस और तकनीकी निगरानी से खुलासा हुआ कि पंजाब स्थित एक गैंग दिल्ली-एनसीआर से अच्छी स्थिति की गाड़ियाँ चुराकर उन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाता था और फिर पंजाब में बेच देता था। गुप्त सूचना के आधार पर 16 अक्टूबर को अमृतसर के जंडियाला गुरु में छापा मारकर शमशेर को पकड़ा गया और उसके पास से काली हुंडई क्रेटा बरामद हुई।
पूछताछ में शमशेर ने अपने साथी रिंकू के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उसी दिन रिंकू को भी अमृतसर से गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर राजिंदर नगर मामले की सफेद क्रेटा बरामद हुई।
गैंग का तरीकावार और मास्टरमाइंड की तलाश
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे रात के समय दिल्ली-एनसीआर से गाड़ियाँ चुराते थे, उन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे और पंजाब में अपने स्रोत हरप्रीत उर्फ हनी, निवासी अमृतसर के ज़रिए उन्हें बेचते थे। पुलिस अब हरप्रीत और रैकेट के अन्य सदस्यों की सक्रिय तलाश कर रही है।
गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर से पंजाब तक फर्जी नंबर प्लेट के ज़रिए चोरी के वाहन बेचने का यह पहला मामला नहीं है — इस तरह के अंतरराज्यीय नेटवर्क पहले भी उजागर हो चुके हैं, जो बताता है कि इंटर-स्टेट वाहन चोरी एक संगठित समस्या बनी हुई है।
मोबाइल स्नेचिंग मामले में भी गिरफ्तारी
दूसरी कार्रवाई में पीएस डीबीजी रोड, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने रानी झाँसी फ्लाईओवर, फिल्मिस्तान, दिल्ली के पास हुई स्नेचिंग के मामले में जोगेंदर (20 वर्ष), निवासी सदर बाज़ार, दिल्ली और एक 16 वर्षीय नाबालिग को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता — 42 वर्षीय एक व्यक्ति — जयपुर से दिल्ली बस से आया था और फ्लाईओवर के पास उतरा था। सड़क किनारे भाई से फोन पर बात करते समय बिना हेलमेट पहने लाल मेटैलिक होंडा एक्टिवा पर सवार तीन लोगों ने उसका मोबाइल छीन लिया और डीसीएम चौक की तरफ भाग गए। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज किया गया।
सीसीटीवी फुटेज में बिना नंबर प्लेट वाली उसी स्कूटी पर तीन युवक दिखे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़कर शिकायतकर्ता का मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की। जाँच में पता चला कि बरामद स्कूटी भी चोरी की निकली।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब वाहन चोरी मामले में फरार हरप्रीत उर्फ हनी और रैकेट के शेष सदस्यों की तलाश कर रही है, जबकि स्नेचिंग मामले में तीसरे फरार आरोपी की खोज जारी है। दोनों मामलों में आरोपियों के पिछले अपराध रिकॉर्ड की भी जाँच की जा रही है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस की यह दोहरी कार्रवाई संकेत देती है कि वाहन चोरी और स्ट्रीट क्राइम के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।