दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिली गर्मी से राहत, IMD ने 30-31 मई के लिए येलो अलर्ट जारी किया
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 30 मई, शनिवार की दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली — गुरुग्राम में धूलभरी आंधी के साथ शुरू हुआ यह बदलाव देखते-देखते पूरे दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश में तब्दील हो गया, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन घंटों के लिए चेतावनी जारी करते हुए 30 और 31 मई दोनों दिनों के लिए येलो अलर्ट लागू किया है।
मौजूदा मौसम की स्थिति
शनिवार शाम तक दिल्ली-एनसीआर में 40 से 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही थीं। नोएडा के आसमान में घने बादल छाए रहे और बारिश जारी रही। गुरुग्राम में धूलभरी आंधी के बाद बारिश ने तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज कराई, जिससे उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली।
IMD का अलर्ट और चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, बागपत, अलीगढ़, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, मथुरा और हापुड़ में 60 से 90 किमी प्रति घंटा की अत्यधिक तेज हवाओं, बिजली-गरजन के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश की संभावना जताई है।
30 मई को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोपहर और शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश ('थंडरस्टॉर्म विद रेन') और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की झोंकेदार हवाओं की चेतावनी दी गई है।
31 मई का पूर्वानुमान
31 मई को भी मौसम का मिजाज लगभग इसी तरह बना रहेगा। अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। IMD के अनुसार इस दिन भी दोपहर और शाम को हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं।
जून में फिर बढ़ेगी गर्मी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के प्रभाव से अगले दो दिन राहत का दौर जारी रहेगा, लेकिन 1 जून से तापमान फिर चढ़ने लगेगा। 1 जून को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है — उस दिन कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
2 जून को तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है (न्यूनतम 26 डिग्री), जबकि 3 जून को अधिकतम 40 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के साथ आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। 4 जून तक अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत में मई के अंत में लू का प्रकोप चरम पर रहता है — बारिश की यह अस्थायी राहत जून की तपती गर्मी से पहले की एक संक्षिप्त सांस है।