दिल्ली-एनसीआर में मौसम बदला: ठंडी हवाएँ, 29 सितंबर को अधिकतम तापमान 32°C, AQI 'अच्छा'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 29 सितंबर को मौसम ने अचानक करवट ली, जब दिनों से जारी तेज धूप और उमस की जगह सुबह-शाम हल्की ठंडी हवाओं ने दस्तक दी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार, पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों तक पहुँच रहा है, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
मौजूदा तापमान और पूर्वानुमान
IMD के आँकड़ों के अनुसार, 29 सितंबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 75 से 85 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई और आसमान में आंशिक बादल छाए रहे। 30 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
अक्टूबर के पहले सप्ताह में मामूली बढ़ोतरी के संकेत हैं। 1 अक्टूबर से 4 अक्टूबर के बीच अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान है। हालाँकि, आर्द्रता में कमी आने से मौसम अपेक्षाकृत सूखा और सुहावना अनुभव होगा। विभाग ने इन दिनों के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है, परंतु तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार
तेज हवाओं और हल्की बारिश के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में भारी सुधार दर्ज किया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आँकड़ों के अनुसार, राजधानी के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'संतोषजनक' से 'अच्छी' श्रेणी में पहुँच गया है।
दिल्ली के प्रमुख क्षेत्रों में AQI इस प्रकार रहा: आनंद विहार में 69, अशोक विहार में 47, आया नगर में 60, बवाना में 66, बुराड़ी क्रॉसिंग में 58, कैंटोनमेंट एरिया में 75, चांदनी चौक में 73 और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 89।
नोएडा और गाजियाबाद की स्थिति
एनसीआर के अन्य प्रमुख शहरों में भी हवा की गुणवत्ता में सुधार देखा गया। नोएडा के सेक्टर-125 में AQI 83, सेक्टर-62 में 65, सेक्टर-1 में 71 और सेक्टर-116 में 79 दर्ज किया गया।
गाजियाबाद में भी स्थिति संतोषजनक बनी रही। गोविंदपुरम में AQI 30 (अच्छी श्रेणी), इंदिरापुरम में 74, लोनी में 57 और संजय नगर में 42 रहा। हालाँकि, वसुंधरा (105), वेद विहार-लोनी (101) और वेव सिटी (104) जैसे कुछ क्षेत्रों में AQI अभी भी 'मध्यम' श्रेणी में बना हुआ है।
आम जनता पर असर
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर के निवासी हफ्तों से उमस भरी गर्मी से परेशान थे। ठंडी हवाओं और बेहतर AQI के संयोजन ने सुबह की सैर और बाहरी गतिविधियों को फिर से सुखद बना दिया है। गौरतलब है कि अक्टूबर के मध्य से दिल्ली में सर्दी की आहट तेज होने लगती है, और यह मौसमी बदलाव उसी क्रम की शुरुआत माना जा रहा है।
आने वाले दिनों में तापमान और प्रदूषण स्तर पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि अक्टूबर के अंत से पराली जलाने का मौसम भी शुरू होता है, जो AQI को फिर से प्रभावित कर सकता है।