दिल्ली-एनसीआर में 29 अक्टूबर को येलो अलर्ट; 40-50 किमी/घंटा हवाएँ, एक्यूआई 'बहुत खराब' श्रेणी में
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है, क्योंकि गुरुवार की सुबह से राजधानी और आसपास के इलाकों में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश दर्ज की जा रही है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, पूरे दिन 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने और बिजली गिरने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मुख्य मौसम पूर्वानुमान
IMD की स्थानीय मौसम रिपोर्ट के अनुसार, आज 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा में नमी का स्तर 65 से 95 प्रतिशत के बीच बना रहेगा और आसमान बादलों से ढका रहेगा।
सुबह के समय हल्की से मध्यम बारिश और बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की संभावना है। दोपहर और शाम के दौरान यह स्थिति बनी रहेगी, हालाँकि हवा की गति घटकर 30-40 किमी प्रति घंटे तक आ सकती है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
30 अक्टूबर को भी तूफान के साथ बारिश की संभावना है; तापमान 18 से 28 डिग्री के बीच रहेगा। 31 अक्टूबर से मौसम में सुधार के संकेत हैं — आसमान आंशिक रूप से बादलों वाला रहेगा और तापमान 19 से 29 डिग्री तक जा सकता है।
1 और 2 नवंबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है, न्यूनतम तापमान 17-19 डिग्री और अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक पहुँच सकता है। 3 नवंबर को मौसम पूरी तरह साफ रहने और तापमान 16 से 30 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।
वायु गुणवत्ता: प्रदूषण अभी भी चिंताजनक
बारिश के बावजूद, दिल्ली-एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी में बना हुआ है। मुंडका में AQI सबसे अधिक 344 दर्ज किया गया है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। द्वारका में 270, नांगलोई में 260, नजफगढ़ में 243, नरेला में 242, और मंदिर मार्ग व नॉर्थ कैंपस में 230-230 का AQI दर्ज किया गया है।
नोएडा में भी हालात बेहतर नहीं हैं। सेक्टर-62 में AQI 276, सेक्टर-125 में 267, सेक्टर-110 में 259, सेक्टर-150 में 254, सेक्टर-39 में 214, सेक्टर-1 में 181 और सेक्टर-116 में 165 दर्ज किया गया है।
बारिश से प्रदूषण में राहत की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, यदि दिन में अच्छी बारिश होती है तो वायुमंडल में तैरते प्रदूषक कण नीचे बैठ जाएँगे, जिससे AQI में उल्लेखनीय सुधार संभव है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में सर्दियों के आगमन के साथ प्रदूषण का स्तर हर साल चिंताजनक रूप से बढ़ता है।
गौरतलब है कि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के कारण इस तरह की बारिश असामान्य नहीं है, लेकिन इस वर्ष बारिश की तीव्रता और येलो अलर्ट ने प्रशासन को अधिक सतर्क कर दिया है। आने वाले दिनों में मौसम सुधरने के साथ तापमान में भी क्रमिक गिरावट अपेक्षित है।