दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने DU साउथ कैंपस और सत्य निकेतन का दौरा किया, महिला छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था परखी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 16 अक्टूबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के साउथ कैंपस और सत्य निकेतन इलाके का सीधे दौरा कर महिला छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पीजी और हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई यह निरीक्षण-यात्रा हाल के दिनों में इस क्षेत्र में छेड़छाड़ और चोरी की शिकायतें सामने आने के बाद पुलिस की बढ़ती सक्रियता का संकेत है।
दौरे में कौन-कौन शामिल रहे
दिल्ली पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर जानकारी दी गई कि कमिश्नर अनुराग कुमार के साथ नीरज ठाकुर (स्पेशल सीपी, लॉ एंड ऑर्डर-I), एस.के. जैन (संयुक्त सीपी/ओएसडी टू सीपी) और अमित गोयल (डीसीपी, साउथ वेस्ट) भी इस दौरे में मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की इस संयुक्त उपस्थिति से स्पष्ट है कि पुलिस विभाग ने इस मुद्दे को उच्च प्राथमिकता दी है।
मुख्य घटनाक्रम — क्या हुआ दौरे में
अधिकारियों ने इलाके में गश्त (पेट्रोलिंग) के तरीके का स्थलीय निरीक्षण किया और छात्रों से सीधे बातचीत की। छात्रों की चिंताएँ और सुझाव सुने गए। दिल्ली पुलिस के अनुसार, कमिश्नर ने निवारक पुलिसिंग (प्रिवेंटिव पुलिसिंग) को मज़बूत करने और सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी किए।
नई सुरक्षा व्यवस्था — क्या बदलेगा
सूत्रों के अनुसार, कमिश्नर के निर्देशों में रात के समय पेट्रोलिंग बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर पिकेट लगाने और महिला सुरक्षा के लिए विशेष टीमों को सक्रिय करने की बात शामिल है। इसके साथ ही छात्रों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर को सक्रिय रूप से प्रचारित करने का भी निर्णय लिया गया है। यह सभी कदम मिलकर इलाके की समग्र सुरक्षा संरचना को नई शक्ल देने का प्रयास है।
पृष्ठभूमि — क्यों उठाना पड़ा यह कदम
दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ और साउथ कैंपस के आसपास बड़ी संख्या में छात्र पीजी आवासों और हॉस्टल में रहते हैं, जिनमें बड़ी तादाद में महिला छात्राएँ भी शामिल हैं। गौरतलब है कि हाल के दिनों में इस क्षेत्र में छेड़छाड़ और चोरी जैसी घटनाओं की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा सुदृढ़ीकरण की माँग उठ रही थी। यह दौरा उन्हीं चिंताओं के प्रत्यक्ष जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या होगा
पुलिस के निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। महिला छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई विशेष टीमों की तैनाती और हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार पर आने वाले दिनों में ध्यान केंद्रित रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च अधिकारियों की इस तरह की प्रत्यक्ष भागीदारी ज़मीनी स्तर पर पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह बनाती है।