मालवीय नगर मुठभेड़: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गाजियाबाद के दो बदमाशों को किया गिरफ्तार, एम्स में भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 12 जून की देर रात दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित अरबिंदो कॉलेज के पास एक मुठभेड़ में गाजियाबाद के लोनी इलाके के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में दोनों अपराधियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें उपचार के लिए एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, देर रात क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि गाजियाबाद के दो अपराधी मालवीय नगर इलाके में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने अरबिंदो कॉलेज के समीप जाल बिछाया।
जैसे ही अपराधियों ने पुलिस को देखा, वे भागने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिस की गोली दोनों बदमाशों के पैरों में लगी। घायल अवस्था में दोनों को तत्काल एम्स अस्पताल पहुँचाया गया।
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों की पहचान गोपाल और सौरभ के रूप में हुई है, जो दोनों गाजियाबाद के लोनी इलाके के निवासी हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस इनके आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की जाँच में जुटी है।
शादी के नाम पर ठगी के गिरोह का भी पर्दाफाश
इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने एक अलग मामले में कई राज्यों में नकली कॉल सेंटरों के ज़रिये शादी से जुड़ी सेवाओं के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर शादी से जुड़ी सेवाओं के फर्जी विज्ञापन देकर लोगों को फँसाया जाता था। दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र के एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई कि फेसबुक पर विज्ञापन देखकर उन्होंने संपर्क किया, जिसके बाद ठगों ने उनसे क्यूआर कोड के ज़रिये लगभग ₹81,000 ट्रांसफर करा लिए।
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी और गिरोह का विस्तार
जाँच के दौरान इस गिरोह से जुड़े 8 धोखाधड़ी के मामले सामने आए। पुलिस ने ग्वालियर से गिरोह के मास्टरमाइंड प्रदीप साहू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में साहू ने कबूल किया कि वह लगभग 5 साल से यह धंधा चला रहा था और उसने ग्वालियर, गुना, अयोध्या और आजमगढ़ में करीब 14 कॉल सेंटर खोले थे।
कर्मचारियों को विज्ञापनों के ज़रिये भर्ती किया जाता था और उन्हें रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल एक्टिवेशन चार्ज तथा अन्य मनगढ़ंत सर्विस चार्ज वसूलने की ट्रेनिंग दी जाती थी। साहू ने जानबूझकर अपने कर्मचारियों को ₹5,000 से ₹10,000 के बीच की छोटी रकम वसूलने का निर्देश दिया था, ताकि पीड़ित पुलिस में शिकायत न करें।
आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस दोनों मामलों में आगे की जाँच जारी रखे हुए है। मुठभेड़ में घायल गोपाल और सौरभ का एम्स में उपचार चल रहा है और उनके स्वस्थ होने पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। ठगी गिरोह मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।