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मालवीय नगर मुठभेड़: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गाजियाबाद के दो बदमाशों को किया गिरफ्तार, एम्स में भर्ती

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मालवीय नगर मुठभेड़: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गाजियाबाद के दो बदमाशों को किया गिरफ्तार, एम्स में भर्ती

सारांश

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मालवीय नगर में देर रात मुठभेड़ कर गाजियाबाद के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया — दोनों के पैरों में गोली लगी और एम्स में भर्ती हैं। अलग मामले में शादी के नाम पर 14 फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले मास्टरमाइंड प्रदीप साहू को भी ग्वालियर से दबोचा गया।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 12 जून की देर रात मालवीय नगर के अरबिंदो कॉलेज के पास मुठभेड़ की।
गिरफ्तार बदमाश गोपाल और सौरभ — दोनों गाजियाबाद के लोनी इलाके के निवासी — के पैरों में गोली लगी, एम्स में भर्ती।
अलग मामले में शादी ठगी गिरोह के मास्टरमाइंड प्रदीप साहू को ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया।
साहू 5 साल से गिरोह चला रहा था; ग्वालियर, गुना, अयोध्या, आजमगढ़ में 14 फर्जी कॉल सेंटर संचालित थे।
गिरोह से जुड़े 8 धोखाधड़ी के मामले उजागर; एक पीड़ित से ₹81,000 की ठगी की पुष्टि।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 12 जून की देर रात दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित अरबिंदो कॉलेज के पास एक मुठभेड़ में गाजियाबाद के लोनी इलाके के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में दोनों अपराधियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें उपचार के लिए एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, देर रात क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि गाजियाबाद के दो अपराधी मालवीय नगर इलाके में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने अरबिंदो कॉलेज के समीप जाल बिछाया।

जैसे ही अपराधियों ने पुलिस को देखा, वे भागने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिस की गोली दोनों बदमाशों के पैरों में लगी। घायल अवस्था में दोनों को तत्काल एम्स अस्पताल पहुँचाया गया।

गिरफ्तार बदमाशों की पहचान

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों की पहचान गोपाल और सौरभ के रूप में हुई है, जो दोनों गाजियाबाद के लोनी इलाके के निवासी हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस इनके आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की जाँच में जुटी है।

शादी के नाम पर ठगी के गिरोह का भी पर्दाफाश

इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने एक अलग मामले में कई राज्यों में नकली कॉल सेंटरों के ज़रिये शादी से जुड़ी सेवाओं के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर शादी से जुड़ी सेवाओं के फर्जी विज्ञापन देकर लोगों को फँसाया जाता था। दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र के एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई कि फेसबुक पर विज्ञापन देखकर उन्होंने संपर्क किया, जिसके बाद ठगों ने उनसे क्यूआर कोड के ज़रिये लगभग ₹81,000 ट्रांसफर करा लिए।

मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी और गिरोह का विस्तार

जाँच के दौरान इस गिरोह से जुड़े 8 धोखाधड़ी के मामले सामने आए। पुलिस ने ग्वालियर से गिरोह के मास्टरमाइंड प्रदीप साहू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में साहू ने कबूल किया कि वह लगभग 5 साल से यह धंधा चला रहा था और उसने ग्वालियर, गुना, अयोध्या और आजमगढ़ में करीब 14 कॉल सेंटर खोले थे।

कर्मचारियों को विज्ञापनों के ज़रिये भर्ती किया जाता था और उन्हें रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल एक्टिवेशन चार्ज तथा अन्य मनगढ़ंत सर्विस चार्ज वसूलने की ट्रेनिंग दी जाती थी। साहू ने जानबूझकर अपने कर्मचारियों को ₹5,000 से ₹10,000 के बीच की छोटी रकम वसूलने का निर्देश दिया था, ताकि पीड़ित पुलिस में शिकायत न करें।

आगे की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस दोनों मामलों में आगे की जाँच जारी रखे हुए है। मुठभेड़ में घायल गोपाल और सौरभ का एम्स में उपचार चल रहा है और उनके स्वस्थ होने पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। ठगी गिरोह मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी रेखांकित करता है कि राष्ट्रीय राजधानी में अंतर-राज्यीय अपराध नेटवर्क किस तरह पैर पसार रहे हैं। ₹5,000-10,000 की छोटी रकम वसूलने की रणनीति बताती है कि ये गिरोह कानून की खामियों का सुनियोजित दोहन करते हैं — यह जानते हुए कि छोटी ठगी की शिकायत दर्ज कराने की संभावना कम होती है। 14 कॉल सेंटर और 5 साल की अबाधित गतिविधि यह सवाल उठाती है कि निगरानी तंत्र इतने लंबे समय तक क्यों चूकता रहा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालवीय नगर मुठभेड़ में कौन गिरफ्तार हुए?
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान गाजियाबाद के लोनी इलाके के निवासी गोपाल और सौरभ के रूप में हुई है। मुठभेड़ में दोनों के पैरों में गोली लगी और उन्हें एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को मुठभेड़ की ज़रूरत क्यों पड़ी?
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि गाजियाबाद के दो अपराधी मालवीय नगर में किसी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। जाल बिछाने पर जब अपराधी भागने लगे तो मुठभेड़ हुई।
शादी ठगी कॉल सेंटर गिरोह का मास्टरमाइंड कौन था और उसे कहाँ से पकड़ा गया?
गिरोह का मास्टरमाइंड प्रदीप साहू था, जिसे ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया। उसने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह करीब 5 साल से यह गिरोह चला रहा था।
शादी ठगी गिरोह किस तरह काम करता था?
गिरोह सोशल मीडिया पर शादी से जुड़ी सेवाओं के फर्जी विज्ञापन देता था। रुचि दिखाने वाले लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल एक्टिवेशन चार्ज और अन्य मनगढ़ंत सर्विस चार्ज के नाम पर ₹5,000 से ₹10,000 के बीच रकम वसूली जाती थी।
इस गिरोह के कितने कॉल सेंटर थे और कहाँ-कहाँ संचालित थे?
मास्टरमाइंड प्रदीप साहू ने ग्वालियर, गुना, अयोध्या और आजमगढ़ में कुल लगभग 14 फर्जी कॉल सेंटर खोले थे। जाँच में गिरोह से जुड़े 8 धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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