दिल्ली के राघुबीर नगर में ई-रिक्शा बैटरी विस्फोट से गोदाम में आग, दो लोगों की मौत
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिमी दिल्ली के राघुबीर नगर इलाके में सोमवार, 18 अगस्त 2025 की तड़के ई-रिक्शा की बैटरी में विस्फोट के बाद एक गोदाम में भीषण आग भड़क उठी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। इसी दिन गुजरात के भरूच जिले के दहेज स्थित विजन प्रोडक्ट्स कंपनी के वेयरहाउस में भी आग लगने की सूचना मिली, जहाँ पाँच से अधिक दमकल टीमें तैनात कर आग पर काबू पाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, सुबह 4:42 बजे आर-17ए, मस्जिद गुरुद्वारा रोड स्थित गोदाम में आग लगने की सूचना मिली। तत्काल तीन वाटर टेंडर और एक वाटर बाउजर मौके पर रवाना किए गए। प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि इमारत की पहली मंजिल पर रखी ई-रिक्शा की बैटरी में विस्फोट के बाद आग ने वहाँ रखे घरेलू सामान को अपनी चपेट में ले लिया। इमारत ग्राउंड फ्लोर सहित पाँच मंजिला बताई जा रही है।
दमकल कर्मियों के पहुँचने से पहले ही आग से बुरी तरह झुलसे दोनों व्यक्तियों को राघुबीर नगर स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल पहुँचाया जा चुका था, जहाँ ड्यूटी डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग के एसटीओ बत्ती लाल और एसओ महेश मौके पर पहुँचे। सुबह 5:25 बजे आग पर काबू पाने की पुष्टि की गई। पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीमें मृतकों की पहचान, आग लगने के सटीक कारण और संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं।
गुजरात के दहेज में भी आग
इसी दिन गुजरात के भरूच जिले के दहेज स्थित विजन प्रोडक्ट्स कंपनी के वेयरहाउस में आग लगी, जहाँ रेजिन का उत्पादन होता है। अधिकारियों के अनुसार, पाँच से अधिक फायरफाइटिंग टीमें मौके पर तैनात की गईं और कूलिंग ऑपरेशन जारी रहा। फिलहाल आग लगने के कारण, हताहतों की संख्या और संपत्ति के नुकसान की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
ई-रिक्शा बैटरी से आग का बढ़ता खतरा
यह घटना ऐसे समय में आई है जब देशभर में लिथियम-आयन बैटरी से जुड़ी आग की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। घनी आबादी वाले इलाकों में ई-रिक्शा बैटरियों के भंडारण को लेकर सुरक्षा मानकों पर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि राघुबीर नगर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में बहुमंजिला इमारतों में गोदाम संचालन से अग्नि सुरक्षा जोखिम और बढ़ जाता है।
आगे क्या
जाँच एजेंसियाँ दोनों घटनाओं में आग लगने के कारणों की पड़ताल कर रही हैं। दिल्ली में मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि घनी आबादी वाले इलाकों में बैटरी भंडारण के लिए सख्त नियामक ढाँचे की आवश्यकता है।