नोएडा अग्निकांड: ई-स्कूटी विस्फोट से 4 मंजिला इमारत में आग, स्नेहा श्रीवास्तव समेत 2 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-66 स्थित ममूरा क्षेत्र में बुधवार, 15 जुलाई को एक चार मंजिला इमारत के बेसमेंट में इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग के दौरान हुए विस्फोट के बाद भड़की भीषण आग में दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 22 वर्षीय स्नेहा श्रीवास्तव की पहचान हो चुकी है, जो मूल रूप से बिहार की निवासी थीं, जबकि दूसरे मृतक — करीब 30 वर्षीय एक युवक — की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सुबह करीब 11 बजे उस समय हुआ जब इमारत के बेसमेंट में खड़ी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग के दौरान अचानक विस्फोट हो गया। धमाके के बाद आग तेज़ी से फैली और देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। बेसमेंट में खड़ी 30 से 40 बाइकें जलकर राख हो गईं।
घटना के समय इमारत में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। धुएँ और आग की लपटों के कारण ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले निवासी फँस गए, जबकि निचली मंजिल के कुछ लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे। आग और धुएँ का गुबार देखकर आसपास के सैकड़ों लोग मौके पर एकत्र हो गए।
बचाव अभियान और चुनौतियाँ
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की 7 गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं, लेकिन संकरी गलियों और भारी भीड़ के कारण दमकल वाहनों को इमारत तक पहुँचने में भारी कठिनाई हुई। वाहनों को सड़क पर ही रोककर लंबी पाइपलाइन के ज़रिए आग बुझाने का अभियान चलाया गया। आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब तीन घंटे का समय लगा।
फायर ब्रिगेड की टीम ने जलती इमारत की छत से सामने वाली इमारत तक सीढ़ियों का अस्थायी पुल बनाया और इसी रास्ते से करीब 50 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बचाव अभियान के दौरान एक बच्चा और एक युवती गंभीर रूप से झुलस गए।
मृतकों की स्थिति
पुलिस के अनुसार, अज्ञात युवक आग में लगभग 80 प्रतिशत तक झुलस गया था, जबकि स्नेहा श्रीवास्तव करीब 40 प्रतिशत तक झुलसी थीं। स्नेहा के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, वहीं पुलिस मृत युवक की पहचान कराने के प्रयास में जुटी है।
जाँच और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने भवन मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जाँच में यह भी देखा जा रहा है कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम थे या नहीं। बताया जा रहा है कि इस चार मंजिला भवन में करीब 50 कमरे थे, जहाँ बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग अपने परिवारों के साथ रहते थे। प्रारंभिक जाँच में हादसे की वजह इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में विस्फोट को माना जा रहा है, हालाँकि मामले की विस्तृत जाँच अभी जारी है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में ई-वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ बैटरी सुरक्षा मानकों पर सवाल उठते रहे हैं।