दिल्ली के ख्याला में आग से 13 वर्षीय जसप्रीत की मौत, 65 वर्षीय महिला 35% झुलसी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के ख्याला स्थित विष्णु गार्डन इलाके में बुधवार तड़के एक घर के ग्राउंड फ्लोर पर भीषण आग लग गई, जिसमें 13 वर्षीय जसप्रीत की मौत हो गई और 65 वर्षीय स्वमजीत कौर बुरी तरह झुलस गईं। दिल्ली दमकल विभाग के अनुसार, आग की सूचना 27 मई को रात 2:45 बजे मिली और अधिकारियों को आशंका है कि आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर खड़े एक इलेक्ट्रिक स्कूटर से हुई।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग
दमकल विभाग के अनुसार, बुधवार रात 2:45 बजे एक फोन कॉल पर सूचना मिली कि विष्णु गार्डन स्थित एक मकान के ग्राउंड फ्लोर पर आग भड़क उठी है। अधिकारियों का कहना है कि संभवतः ग्राउंड फ्लोर पर खड़े इलेक्ट्रिक स्कूटर से आग शुरू हुई और तेज़ी से पूरे फ्लोर में फैल गई। राहत एवं बचाव दल के मौके पर पहुँचने से पहले ही दोनों घायलों को रघुवीर नगर स्थित गुरू गोबिंद सिंह अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था।
मृतक और घायल की पहचान
मृतक की पहचान जसप्रीत (उम्र 13 वर्ष) के रूप में हुई है। अस्पताल के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनंत्रा ने उन्हें मृत घोषित किया। घायल महिला स्वमजीत कौर (उम्र 65 वर्ष) के शरीर पर 35 प्रतिशत जलने के घाव हैं और उनका उपचार जारी है।
बचाव अभियान
दमकल विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुँचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और आग पर काबू पाया। अधिकारियों के अनुसार, आग की लपटें ग्राउंड फ्लोर से ऊपर फैलने से पहले ही स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
दिल्ली में एक और आग की घटना
दमकल विभाग के अनुसार, इसी सप्ताह दिल्ली के विजय विहार फेज-2 की गली नंबर 5 में स्थित एक तीन मंजिला मकान में भी आग लगी थी। मंगलवार सुबह 7:06 बजे सूचना मिलने पर दमकल विभाग की तीन गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। अधिकारियों के अनुसार, वहाँ आग की शुरुआत घर के पास स्थित पार्किंग क्षेत्र से हुई और धीरे-धीरे ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। हालाँकि, उस घटना में घर में फँसे सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
इलेक्ट्रिक वाहनों से आग का बढ़ता खतरा
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और आवासीय क्षेत्रों में इन्हें घर के भीतर चार्ज करने की प्रवृत्ति भी बढ़ी है। अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से संकरी गलियों और बंद स्थानों में ई-वाहनों की चार्जिंग को लेकर चेतावनी देते रहे हैं। गौरतलब है कि ख्याला की यह घटना इस श्रृंखला में एक और गंभीर उदाहरण है।