भुवनेश्वर अपार्टमेंट आग: बुजुर्ग दंपति और 11 वर्षीय पोती समेत तीन की मौत, शॉर्ट सर्किट संदिग्ध कारण
सारांश
मुख्य बातें
भुवनेश्वर के लक्ष्मी सागर इलाके स्थित बसंत विला अपार्टमेंट में बुधवार, 6 मई की तड़के भीषण आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों — एक बुजुर्ग दंपति और उनकी 11 वर्षीय पोती — की दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जाँच के अनुसार आग सीढ़ियों के पास स्थित इलेक्ट्रिक पैनल में शॉर्ट सर्किट से लगी, हालाँकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
घटनाक्रम: कैसे फैली आग
आग सुबह करीब 4 से 4:30 बजे के बीच लगी, जिससे इमारत में तेज़ी से धुआँ फैल गया और निवासियों में अफरा-तफरी मच गई। भुवनेश्वर के डिप्टी फायर ऑफिसर नारायण दास ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि फायर ब्रिगेड को सुबह करीब 5 बजे सूचना मिली, जिसके बाद दमकल कर्मी अत्याधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुँचे और आग पर काबू पा लिया।
प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि सीढ़ियों के पास खड़ी साइकिलें इलेक्ट्रिक पैनल की चिंगारी से आग की चपेट में आ गईं, जिससे भारी धुआँ उठा। सूत्रों के मुताबिक आग इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग पॉइंट से भी शुरू हो सकती है, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान बिश्वनाथ बेहरा (62) और उनकी पत्नी सुलभा बेहरा (60) के रूप में हुई है। दोनों खोरधा जिले के गोपीनाथपुर गाँव के मूल निवासी थे और पिछले 10 वर्षों से अपार्टमेंट के स्टिल्ट फ्लोर पर बने एक कमरे में रह रहे थे। बिश्वनाथ अपार्टमेंट में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे, जबकि उनकी पत्नी सुलभा केयरटेकर थीं।
उनकी 11 वर्षीय पोती गर्मी की छुट्टियाँ बिताने हाल ही में उनके पास आई थी। बुजुर्ग दंपति को आग और धुएँ के कारण गंभीर रूप से झुलसने और दम घुटने की समस्या हुई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोती को इलाज के लिए एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, कटक रेफर किया गया, जहाँ उसने भी दम तोड़ दिया।
इमारत को नुकसान
इस आगजनी की घटना में बसंत विला अपार्टमेंट को भी भारी नुकसान पहुँचा है। इमारत के अंदरूनी हिस्सों, छत और लिफ्ट एरिया को गंभीर क्षति हुई है। आग की वजह से अपार्टमेंट के अन्य निवासियों को भी रात के अँधेरे में इमारत खाली करनी पड़ी।
EV चार्जिंग सुरक्षा पर सवाल
यह घटना ऐसे समय में आई है जब देशभर में आवासीय परिसरों में EV चार्जिंग पॉइंट की स्थापना तेज़ी से बढ़ रही है। अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बिना उचित अग्नि-सुरक्षा ऑडिट के इलेक्ट्रिक पैनल और EV चार्जर लगाना खतरनाक साबित हो सकता है। आग के सटीक कारण की जाँच जारी है और अधिकारियों से जल्द आधिकारिक रिपोर्ट आने की उम्मीद है।