नोएडा अग्निकांड: ई-वाहन बैटरी चार्जिंग से लगी आग में 2 की मौत, 50 से अधिक लोगों को बचाया गया
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना फेस-3 क्षेत्र अंतर्गत मामूरा गांव में बुधवार, 15 जुलाई को एक इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी चार्जिंग के दौरान लगी भीषण आग में एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई, जबकि दमकल विभाग ने 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। गली नंबर-2 स्थित जी-4 भवन के ग्राउंड फ्लोर पर शुरू हुई यह आग देखते ही देखते पूरे भवन में फैल गई, जिससे अंदर मौजूद पेइंग गेस्ट (PG) के निवासी फंस गए।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग
प्रारंभिक जांच के अनुसार, भवन के ग्राउंड फ्लोर पर एक इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी चार्जिंग पर लगी हुई थी। इसी दौरान बैटरी में स्पार्किंग हुई, जिससे आसपास खड़े पेट्रोल चालित वाहनों ने आग पकड़ ली। कुछ ही मिनटों में घना धुआं पूरे भवन में फैल गया और निचला हिस्सा पूरी तरह आग की चपेट में आ गया। भवन में उस समय एक पेइंग गेस्ट सुविधा भी संचालित हो रही थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग अंदर मौजूद थे।
राहत एवं बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन विभाग ने सात फायर टेंडर और एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तैनात किया तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में बचाव अभियान चलाया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाते हुए भवन में फंसे लगभग 50 लोगों एवं परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला।
मृतकों का विवरण
धुएं और आग की चपेट में आने से एक महिला और एक पुरुष की हालत गंभीर हो गई। दोनों को तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे। थाना फेस-3 पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर भवन के मालिक एवं लीज धारक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ई-वाहन बैटरी आग: बढ़ती चिंता
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में ई-वाहनों की बैटरी से लगने वाली आग की घटनाएं लगातार चर्चा में हैं। आवासीय भवनों में बैटरी चार्जिंग की सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञ पहले से ही सवाल उठाते रहे हैं। गौरतलब है कि घनी आबादी वाले इलाकों में पेट्रोल वाहनों के निकट ई-वाहन चार्जिंग की स्थिति आग के जोखिम को कई गुना बढ़ा देती है। इस हादसे के बाद शहरी आवासीय परिसरों में चार्जिंग सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग फिर से उठने की संभावना है।