15 जुलाई 2026
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नोएडा अग्निकांड: ई-वाहन बैटरी चार्जिंग से लगी आग में 2 की मौत, 50 से अधिक लोगों को बचाया गया

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नोएडा अग्निकांड: ई-वाहन बैटरी चार्जिंग से लगी आग में 2 की मौत, 50 से अधिक लोगों को बचाया गया

सारांश

नोएडा के मामूरा गांव में ई-वाहन बैटरी की स्पार्किंग से भड़की आग ने एक PG भवन को अपनी चपेट में ले लिया — दो जानें गईं, 50 से अधिक लोगों को बचाया गया। भवन मालिक हिरासत में है। यह हादसा आवासीय परिसरों में ई-वाहन चार्जिंग सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

नोएडा के मामूरा गांव, थाना फेस-3 में 15 जुलाई को ई-वाहन बैटरी चार्जिंग के दौरान भीषण आग लगी।
आग में एक महिला और एक पुरुष की मौत हुई; दोनों को जिला अस्पताल में मृत घोषित किया गया।
अग्निशमन विभाग ने 7 फायर टेंडर और 1 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म से 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, बैटरी में स्पार्किंग से पास खड़े पेट्रोल वाहनों ने आग पकड़ी और पूरे भवन में फैल गई।
थाना फेस-3 पुलिस ने भवन मालिक एवं लीज धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया।

नोएडा के थाना फेस-3 क्षेत्र अंतर्गत मामूरा गांव में बुधवार, 15 जुलाई को एक इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी चार्जिंग के दौरान लगी भीषण आग में एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई, जबकि दमकल विभाग ने 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। गली नंबर-2 स्थित जी-4 भवन के ग्राउंड फ्लोर पर शुरू हुई यह आग देखते ही देखते पूरे भवन में फैल गई, जिससे अंदर मौजूद पेइंग गेस्ट (PG) के निवासी फंस गए।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग

प्रारंभिक जांच के अनुसार, भवन के ग्राउंड फ्लोर पर एक इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी चार्जिंग पर लगी हुई थी। इसी दौरान बैटरी में स्पार्किंग हुई, जिससे आसपास खड़े पेट्रोल चालित वाहनों ने आग पकड़ ली। कुछ ही मिनटों में घना धुआं पूरे भवन में फैल गया और निचला हिस्सा पूरी तरह आग की चपेट में आ गया। भवन में उस समय एक पेइंग गेस्ट सुविधा भी संचालित हो रही थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग अंदर मौजूद थे।

राहत एवं बचाव अभियान

घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन विभाग ने सात फायर टेंडर और एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तैनात किया तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में बचाव अभियान चलाया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाते हुए भवन में फंसे लगभग 50 लोगों एवं परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला।

मृतकों का विवरण

धुएं और आग की चपेट में आने से एक महिला और एक पुरुष की हालत गंभीर हो गई। दोनों को तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे। थाना फेस-3 पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर भवन के मालिक एवं लीज धारक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

ई-वाहन बैटरी आग: बढ़ती चिंता

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में ई-वाहनों की बैटरी से लगने वाली आग की घटनाएं लगातार चर्चा में हैं। आवासीय भवनों में बैटरी चार्जिंग की सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञ पहले से ही सवाल उठाते रहे हैं। गौरतलब है कि घनी आबादी वाले इलाकों में पेट्रोल वाहनों के निकट ई-वाहन चार्जिंग की स्थिति आग के जोखिम को कई गुना बढ़ा देती है। इस हादसे के बाद शहरी आवासीय परिसरों में चार्जिंग सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग फिर से उठने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आवासीय भवनों में चार्जिंग के लिए कोई बाध्यकारी सुरक्षा मानक नहीं हैं। घनी आबादी वाले PG भवनों में पेट्रोल वाहनों के बीच बैटरी चार्जिंग की इजाज़त देना एक टिकटिक करता बम है। भवन मालिक की गिरफ्तारी जवाबदेही का पहला कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि नगर निकाय और अग्निशमन विभाग ऐसे भवनों का नियमित निरीक्षण क्यों नहीं करते। जब तक ई-वाहन चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए स्पष्ट नियामक ढांचा नहीं बनता, ऐसी त्रासदियाँ दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा मामूरा गांव में आग कैसे लगी?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, जी-4 भवन के ग्राउंड फ्लोर पर एक इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी चार्जिंग के दौरान स्पार्किंग हुई, जिससे पास खड़े पेट्रोल वाहनों ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते पूरा निचला हिस्सा आग की चपेट में आ गया।
नोएडा अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई और कितने बचाए गए?
इस हादसे में एक महिला और एक पुरुष की मौत हुई, जिन्हें जिला अस्पताल में मृत घोषित किया गया। अग्निशमन विभाग ने 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
नोएडा आग में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
थाना फेस-3 पुलिस ने भवन के मालिक एवं लीज धारक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच जारी है।
बचाव अभियान में कौन-से संसाधन लगाए गए?
अग्निशमन विभाग ने सात फायर टेंडर और एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तैनात किए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया और भवन में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
क्या ई-वाहन बैटरी से आग लगना एक बड़ी समस्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, आवासीय भवनों में अनियंत्रित तरीके से ई-वाहन बैटरी चार्जिंग करना जोखिमभरा है, खासकर जब पास में पेट्रोल वाहन खड़े हों। भारत में ई-वाहनों की बिक्री बढ़ने के साथ ऐसी घटनाएं सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग उठाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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