दिल्ली मंत्री कपिल मिश्रा ने राजस्थान दिवस समारोह में उत्साही भागीदारी दिखाई
सारांश
Key Takeaways
- राजस्थान दिवस का समारोह दिल्ली सचिवालय में आयोजित हुआ।
- कपिल मिश्रा ने राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर की सराहना की।
- कार्यक्रम में पारंपरिक संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए गए।
- इस आयोजन ने राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया।
- दिल्ली में रहने वाले राजस्थानियों का योगदान महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान दिवस के अवसर पर, कला, संस्कृति एवं भाषा, पर्यटन और श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने सोमवार को दिल्ली सरकार की ओर से देशवासियों और राज्य के निवासियों को बधाई दी।
दिल्ली सचिवालय में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया गया।
आधिकारिक बयान में उल्लेख किया गया है कि यह कार्यक्रम कला, संस्कृति और भाषा विभाग द्वारा साहित्य कला परिषद के सहयोग से आयोजित किया गया था। कपिल मिश्रा ने कहा कि राजस्थान अपनी वीरता, सांस्कृतिक वैभव और जीवंत परंपराओं के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है।
उन्होंने दिल्ली में निवास करने वाले राजस्थानी लोगों के द्वारा राजधानी के विकास में किए गए महत्वपूर्ण योगदान पर भी प्रकाश डाला।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के दृष्टिकोण के अनुसार राज्य स्थापना दिवस समारोह का आयोजन कर रही है। ये पहलें राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और विकसित दिल्ली के लक्ष्य को प्राप्त करने की सामूहिक भावना को दर्शाती हैं।
कपिल मिश्रा ने कहा कि इस तरह के आयोजन भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने और इसे युवा पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस कार्यक्रम में राजस्थान की लोक संस्कृति के साथ पारंपरिक संगीत और नृत्य प्रस्तुतियां भी शामिल थीं। लगभग 25 कलाकारों ने भाग लिया और कालबेलिया, घूमर और भवाई की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के आयोजन राजधानी में सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
इससे पहले दिन में, कपिल मिश्रा ने दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफडी) के तहत आयोजित एक विशेष स्क्रीनिंग के दौरान नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ फिल्म 'धुरंधर - द रिवेंज' (धुरंधर- 2) देखी।
उन्होंने कहा कि देश की सेवा और रक्षा करने वाला प्रत्येक सैनिक भारत का सच्चा नायक है, और उनका योगदान हमेशा सर्वोपरि रहेगा। उरी, शेरशाह और धुरंधर जैसी फिल्में सशस्त्र बलों के समर्पण और बलिदान को उजागर करती हैं। ऐसी फिल्में देशभक्ति को मजबूत करती हैं और युवाओं को प्रेरित करती हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'नया भारत' सुरक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है और रक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।