26 सितंबर 2026
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रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ के लिए दिल्ली सरकार ने बनाईं 3 समितियाँ, मंत्री रविंद्र इंद्राज व कपिल मिश्रा को अध्यक्षता

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रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ के लिए दिल्ली सरकार ने बनाईं 3 समितियाँ, मंत्री रविंद्र इंद्राज व कपिल मिश्रा को अध्यक्षता

सारांश

दिल्ली सरकार ने इस बार रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा के लिए अलग-अलग मंत्रिस्तरीय समितियाँ बनाकर उत्सव प्रबंधन को संस्थागत रूप दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहल पर गठित ये तीनों समितियाँ सिंगल विंडो एनओसी से लेकर घाट सफाई तक की जिम्मेदारी संभालेंगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर 26 सितंबर 2026 को रामलीला , दुर्गा पूजा और छठ पूजा के लिए तीन अलग विशेष समितियाँ गठित की गईं।
रामलीला समिति की अध्यक्षता मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह करेंगे; पाँच विधायक सदस्य के रूप में शामिल।
दुर्गा पूजा और छठ पूजा दोनों समितियों की अध्यक्षता मंत्री कपिल मिश्रा करेंगे।
तीनों समितियाँ सिंगल विंडो सिस्टम के तहत एनओसी जारी करवाने, सुरक्षा, सफाई, चिकित्सा और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी।
दुर्गा पूजा समिति मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम और अस्थायी तालाबों की व्यवस्था भी करेगी।
रामलीला समिति पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और नशा मुक्त भारत जैसे जनसंदेशों को मंच से प्रसारित करेगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 26 सितंबर 2026 को राजधानी में आगामी तीन प्रमुख पर्वों — रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा — के सुव्यवस्थित और भव्य आयोजन के लिए तीन अलग-अलग विशेष समितियों के गठन का आदेश दिया है। इन समितियों की जिम्मेदारी संबंधित मंत्रियों, विधायकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता का सहज वातावरण मिले और आयोजन समितियों को किसी प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।

रामलीला समिति: नेतृत्व और जिम्मेदारियाँ

रामलीला आयोजनों के लिए गठित समिति के अध्यक्ष समाज कल्याण, एससी/एसटी कल्याण, सहकारिता एवं निर्वाचन मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह को बनाया गया है। समिति में विधायक अशोक गोयल, अनिल कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, संजय गोयल और संदीप सहरावत सदस्य होंगे, जबकि सचिव, राजस्व-सह-मंडलायुक्त इसके सदस्य सचिव होंगे।

इस समिति की प्रमुख जिम्मेदारी जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम के तहत रामलीला के लिए आवश्यक एनओसी जारी करवाना है। इसके अतिरिक्त, रामलीला स्थलों पर पीने के पानी, चिकित्सा सहायता, एंबुलेंस, अग्निशमन सेवा, सुरक्षा, मोबाइल शौचालय, यातायात प्रबंधन, सफाई, फॉगिंग और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना भी इसी समिति के दायित्व में है। समिति रामलीला के मंच के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, वोकल फॉर लोकल, स्वच्छता, जल संरक्षण, स्वदेशी और नशा मुक्त भारत जैसे जनहित के संदेशों को भी प्रसारित करेगी।

दुर्गा पूजा समिति: व्यवस्था और विसर्जन प्रबंधन

दुर्गा पूजा की तैयारियों के लिए गठित समिति की अध्यक्षता कानून एवं न्याय, श्रम, रोजगार, विकास, कला-संस्कृति, भाषा तथा पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा करेंगे। समिति में विधायक शिखा रॉय और नीरज बसोया के साथ सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भट्टाचार्य, देवदत्त भारद्वाज और अरुण मुखर्जी सदस्य के रूप में शामिल हैं।

यह समिति पूजा स्थलों पर सभी नागरिक सुविधाओं, सुरक्षा और एनओसी की व्यवस्था देखेगी। विशेष रूप से, मूर्तियों के विसर्जन के लिए कृत्रिम और अस्थायी तालाबों की स्थापना एवं विसर्जन के पश्चात अवशेषों की सफाई सुनिश्चित करना भी इसकी महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी — यह पर्यावरणीय दृष्टिकोण से एक सार्थक कदम है।

छठ पूजा समिति: घाट प्रबंधन और श्रद्धालु सुविधा

छठ पूजा के लिए भी मंत्री कपिल मिश्रा की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। इसमें विधायक अभय कुमार वर्मा, चंदन कुमार चौधरी, संदीप सहरावत, दीपक चौधरी और सामाजिक कार्यकर्ता संतोष ओझा सदस्य होंगे। सचिव, राजस्व-सह-मंडलायुक्त इस समिति के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।

छठ समिति घाटों और आयोजन स्थलों पर पानी, चिकित्सा, एंबुलेंस, सुरक्षा, सफाई और बिजली की व्यवस्था की निगरानी करेगी। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से एनओसी दिलाने में भी यह समिति सक्रिय भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि दिल्ली की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को जोड़ने वाले आस्था के पर्व हैं। इनसे लाखों लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं। हमारी सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालु पूरी भक्ति के साथ अपने पर्व मना सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करना है ताकि सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और सौहार्द का माहौल बना रहे।

गौरतलब है कि दिल्ली में प्रतिवर्ष इन तीनों पर्वों में लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं, और समन्वित सरकारी तंत्र की माँग लंबे समय से की जाती रही है। इस वर्ष की तीन-समिति संरचना उस माँग के प्रति एक संस्थागत प्रतिक्रिया के रूप में देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — खासकर तब जब छठ घाटों पर भीड़ प्रबंधन और यमुना की सफाई जैसे पुराने सवाल अनुत्तरित हैं। तीन अलग समितियों का गठन जिम्मेदारी का स्पष्ट विभाजन करता है, परंतु इन समितियों की जवाबदेही तंत्र — यानी किसे रिपोर्ट करना है और असफलता पर क्या होगा — को सार्वजनिक नहीं किया गया है। सिंगल विंडो एनओसी का वादा पुराना है; इस बार इसे कितनी तेज़ी से ज़मीन पर उतारा जाता है, यही नीति की विश्वसनीयता तय करेगा।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा के लिए कितनी समितियाँ बनाई गई हैं?
दिल्ली सरकार ने तीनों पर्वों के लिए तीन अलग-अलग विशेष समितियाँ गठित की हैं। प्रत्येक समिति में एक मंत्री अध्यक्ष, कई विधायक सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं।
रामलीला समिति का नेतृत्व कौन करेगा?
रामलीला समिति की अध्यक्षता समाज कल्याण, एससी/एसटी कल्याण, सहकारिता एवं निर्वाचन मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह करेंगे। विधायक अशोक गोयल, अनिल कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, संजय गोयल और संदीप सहरावत इसके सदस्य होंगे।
दुर्गा पूजा और छठ पूजा समितियों का नेतृत्व कौन करेगा?
दुर्गा पूजा और छठ पूजा दोनों समितियों की अध्यक्षता मंत्री कपिल मिश्रा करेंगे। दुर्गा पूजा समिति में विधायक शिखा रॉय और नीरज बसोया शामिल हैं, जबकि छठ समिति में विधायक अभय कुमार वर्मा, चंदन कुमार चौधरी, संदीप सहरावत और दीपक चौधरी सदस्य हैं।
इन समितियों की मुख्य जिम्मेदारियाँ क्या हैं?
तीनों समितियाँ सिंगल विंडो सिस्टम के तहत एनओसी जारी करवाना, पीने का पानी, चिकित्सा सहायता, एंबुलेंस, सुरक्षा, सफाई और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं। दुर्गा पूजा समिति विशेष रूप से मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था भी करेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन समितियों के गठन का क्या उद्देश्य बताया है?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन समितियों का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुविधा, सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था उपलब्ध कराना है ताकि पर्व श्रद्धा, अपनत्व और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाए जा सकें और आयोजन समितियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
राष्ट्र प्रेस
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