6 अक्टूबर 2026
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दुर्गापूजा 2026: CM हेमंत सोरेन का सुरक्षा, पर्यावरण और नशामुक्ति पर जोर, समितियों से माँगा सहयोग

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दुर्गापूजा 2026: CM हेमंत सोरेन का सुरक्षा, पर्यावरण और नशामुक्ति पर जोर, समितियों से माँगा सहयोग

सारांश

दुर्गापूजा से पहले सीएम हेमंत सोरेन ने रांची में पूजा समितियों के साथ अहम बैठक की — सुरक्षा, पर्यावरण अनुकूल विसर्जन और नशामुक्ति तीनों पर एक साथ जोर। आस्था और पर्यावरण को साथ लेकर चलने की यह पहल झारखंड सरकार के त्योहारी प्रबंधन की नई दिशा दर्शाती है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 अक्टूबर 2026 को रांची में दुर्गापूजा समितियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
कानून-व्यवस्था, यातायात, बिजली, पेयजल और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए।
पर्यावरण अनुकूल मूर्ति विसर्जन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया गया।
पूजा पंडालों में नशामुक्ति जागरूकता बैनर और होर्डिंग लगाने की अपील की गई; समितियों ने सहमति जताई।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 अक्टूबर 2026 को रांची में दुर्गापूजा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रशासन को कानून-व्यवस्था, यातायात, बिजली, पेयजल और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने पूजा समितियों से पर्यावरण अनुकूल मूर्ति विसर्जन और नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाने की विशेष अपील भी की।

बैठक का घटनाक्रम

मुख्यमंत्री ने कांके रोड स्थित अपने आवासीय कार्यालय में रांची जिला दुर्गा पूजा समिति, रांची महानगर दुर्गा पूजा समिति और विभिन्न शांति समितियों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक में रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को चुनरी, माँ दुर्गा की प्रतिमा और गुलदस्ता भेंट कर उन्हें सपरिवार पूजा पंडालों के भ्रमण और महाआरती में शामिल होने का निमंत्रण दिया। सोरेन ने यह आमंत्रण स्वीकार करते हुए दुर्गापूजा के दौरान विभिन्न पंडालों में जाने की बात कही।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दुर्गापूजा आस्था और परंपरा का पर्व है, लेकिन इसके आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। उन्होंने पूजा समितियों और प्रशासन को मिलकर मूर्ति विसर्जन के लिए वैकल्पिक और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था तैयार करने का सुझाव दिया।

सोरेन ने कहा कि विसर्जन के बाद तालाबों और जलाशयों में होने वाले प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण की भी रक्षा हो। गौरतलब है कि यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब देशभर में जल प्रदूषण और त्योहारी कचरे को लेकर पर्यावरण एजेंसियों की चिंताएँ बढ़ती जा रही हैं।

नशामुक्ति अभियान और सामाजिक संदेश

मुख्यमंत्री ने पूजा पंडालों में नशामुक्ति जागरूकता से संबंधित बैनर और होर्डिंग लगाने की अपील की। समितियों ने भरोसा दिया कि पंडालों में नशे के खिलाफ जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि जिला प्रशासन के साथ लगातार बैठकें हो रही हैं और पूजा से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा रहा है। समितियों ने तैयारियों में मिल रहे प्रशासनिक सहयोग के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

आम जनता की सुरक्षा के निर्देश

सोरेन ने अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिया कि पूजा के दौरान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुविधाएँ मिलें। पंडालों और प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन, बिजली, पेयजल और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर भी बल दिया गया।

आगे की तैयारियाँ

बैठक में जो रूपरेखा तय हुई, उसके अनुसार प्रशासन और पूजा समितियाँ मिलकर विसर्जन स्थलों की अग्रिम तैयारी करेंगी। यह सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास जारी हैं कि रांची में दुर्गापूजा का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं पर्यावरण और नशामुक्ति जैसे मुद्दों को सांस्कृतिक मंच पर स्थान देकर व्यापक सामाजिक संदेश भी दिया जा रहा है। असली परीक्षा इस बात में है कि क्या ये निर्देश केवल बैठकों तक सीमित रहते हैं या जमीन पर दिखते हैं — झारखंड के जलाशयों की सेहत और शहरी यातायात की स्थिति दोनों ही इस बात के संकेतक होंगे। पर्यावरण अनुकूल विसर्जन की माँग वर्षों से उठती रही है, लेकिन वैकल्पिक ढाँचे की ठोस रूपरेखा आज भी अधिकांश राज्यों में अधूरी है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुर्गापूजा को लेकर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 अक्टूबर 2026 को रांची में प्रशासन को कानून-व्यवस्था, यातायात, बिजली, पेयजल और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पूजा समितियों से पर्यावरण अनुकूल मूर्ति विसर्जन और नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाने की अपील की।
रांची में मूर्ति विसर्जन को लेकर क्या व्यवस्था होगी?
मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों और प्रशासन को मिलकर वैकल्पिक और पर्यावरण अनुकूल विसर्जन व्यवस्था तैयार करने का सुझाव दिया है। इसका उद्देश्य तालाबों और जलाशयों में विसर्जन के बाद होने वाले प्रदूषण को कम करना है।
दुर्गापूजा के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों के लिए क्या विशेष इंतजाम होंगे?
मुख्यमंत्री सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पंडाल भ्रमण के दौरान विशेष प्राथमिकता और सुविधा मिले। पंडालों व प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन और बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
पूजा पंडालों में नशामुक्ति अभियान क्यों चलाया जाएगा?
मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से पंडालों में नशामुक्ति जागरूकता बैनर और होर्डिंग लगाने की अपील की है। पूजा समितियों ने इस पर सहमति जताई है और कहा है कि जागरूकता संदेश पंडालों में प्रसारित किए जाएंगे।
इस बैठक में कौन-कौन मौजूद थे?
बैठक में रांची जिला दुर्गा पूजा समिति, रांची महानगर दुर्गा पूजा समिति और शांति समितियों के प्रतिनिधियों के अलावा उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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