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सीलमपुर हत्याकांड सुलझा: 17 वर्षीय लकी कुमार की हत्या में दो नाबालिग गिरफ्तार, चाकू-बाइक बरामद

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सीलमपुर हत्याकांड सुलझा: 17 वर्षीय लकी कुमार की हत्या में दो नाबालिग गिरफ्तार, चाकू-बाइक बरामद

सारांश

दिल्ली के सीलमपुर में मामूली विवाद के बाद 17 वर्षीय लकी कुमार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 24 घंटे के भीतर दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर चाकू और मोटरसाइकिल बरामद की। तीसरा आरोपी अभी फरार है।

मुख्य बातें

17 वर्षीय लकी कुमार (पुत्र रमेश, गौतमपुरी) की 24 जून 2026 की रात सीलमपुर, दिल्ली में चाकू मारकर हत्या की गई।
पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में दो नाबालिग आरोपियों (आयु लगभग 15-16 वर्ष ) को गिरफ्तार किया।
वारदात में इस्तेमाल चाकू और मोटरसाइकिल आरोपियों की निशानदेही पर बरामद।
एफआईआर संख्या 247/2026 , धारा 103(1) बीएनएस के तहत थाना सीलमपुर में मामला दर्ज।
आरोपियों ने तीसरे साथी की पहचान उजागर की; उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी।
घटना का कारण मामूली विवाद बताया गया जिसने हिंसक रूप ले लिया।

दिल्ली के सीलमपुर इलाके में 17 वर्षीय लकी कुमार की चाकू मारकर हत्या के मामले को पुलिस ने 25 जून 2026 को सुलझा लिया। थाना सीलमपुर और उत्तर-पूर्वी जिले की स्पेशल स्टाफ टीमों की संयुक्त कार्रवाई में हत्या के दो किशोर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और वारदात में इस्तेमाल चाकू तथा मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई।

घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात

24 जून 2026 की रात करीब 9 बजे थाना सीलमपुर को गौतमपुरी की गली नंबर-4 में चाकूबाजी की सूचना मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुँची तो पता चला कि घायल युवक को उसके चचेरे भाई ने जेपीसी अस्पताल पहुँचाया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान गौतमपुरी निवासी लकी कुमार (पुत्र रमेश, आयु 17 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले आरोपियों का लकी कुमार से किसी मामूली विवाद में झगड़ा हुआ था, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया और उन पर जानलेवा हमला किया गया।

जाँच टीमों का गठन

घटना की सूचना मिलते ही क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। इसके आधार पर एफआईआर संख्या 247/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया।

जाँच के लिए एसएचओ इंस्पेक्टर नरपाल सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई, जिसमें एसआई सुधांशु, हेड कांस्टेबल नवनीश, हेड कांस्टेबल मनीष फौजदार, कांस्टेबल विपिन और कांस्टेबल सचिन शामिल थे। यह टीम एसीपी सीलमपुर मल्कियत सिंह की निगरानी में कार्य कर रही थी। इसके अतिरिक्त, स्पेशल स्टाफ की एक अलग टीम इंस्पेक्टर अरविंद के नेतृत्व में बनाई गई, जिसकी निगरानी एसीपी ऑपरेशंस सतेन्द्र सिंह कर रहे थे।

सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता

जाँच के दौरान पुलिस ने विभिन्न खुफिया स्रोतों से जानकारी जुटाई और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई और उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई।

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने दो किशोर आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी उम्र लगभग 15 से 16 वर्ष बताई गई है। दोनों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली और एक तीसरे साथी की पहचान भी उजागर की।

बरामदगी और आगे की जाँच

आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। यह मामला इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि राजधानी में किशोर अपराध की घटनाएँ चिंताजनक रूप से सामने आ रही हैं — जहाँ मामूली विवाद भी जानलेवा हिंसा में बदल रहे हैं। मामले में आगे की जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन किशोरों तक हथियार पहुँचे कैसे और इनके पीछे कौन-सा सामाजिक-पारिवारिक ढाँचा काम कर रहा है। तीसरे आरोपी का अभी भी फरार होना यह भी दर्शाता है कि नेटवर्क अभी पूरी तरह टूटा नहीं है। बाल न्याय प्रणाली पर इन मामलों का बोझ बढ़ रहा है, और रोकथाम की नीति अभी भी प्रतिक्रियात्मक बनी हुई है — न कि निवारक।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीलमपुर में 17 वर्षीय लकी कुमार की हत्या कैसे हुई?
24 जून 2026 की रात करीब 9 बजे गौतमपुरी की गली नंबर-4 में लकी कुमार पर चाकू से हमला किया गया। उसके चचेरे भाई ने उसे जेपीसी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले आरोपियों से किसी मामूली बात पर विवाद हुआ था।
सीलमपुर हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार दोनों आरोपी नाबालिग हैं और उनकी उम्र लगभग 15 से 16 वर्ष बताई गई है। दोनों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है और एक तीसरे साथी की पहचान भी उजागर की है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस ने इस मामले को इतनी जल्दी कैसे सुलझाया?
थाना सीलमपुर और उत्तर-पूर्वी जिले की स्पेशल स्टाफ टीमों ने सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया और खुफिया सूत्रों से जानकारी जुटाई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर उनके ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिससे दोनों नाबालिग आरोपी पकड़े गए।
इस मामले में कौन-सी धारा के तहत मुकदमा दर्ज हुआ?
थाना सीलमपुर में एफआईआर संख्या 247/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) में मामला दर्ज किया गया है। यह धारा हत्या के मामलों से संबंधित है।
क्या मामले में कोई और आरोपी बाकी है?
हाँ, गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ में एक तीसरे साथी की पहचान उजागर की है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है और मामले में आगे की जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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