26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या दिल्ली शब्दोत्सव 2026 में देसी गायों का संरक्षण आवश्यक है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दिल्ली शब्दोत्सव 2026 में देसी गायों का संरक्षण आवश्यक है?

सारांश

दिल्ली शब्दोत्सव 2026 में डीके हरि ने देसी गायों के गोबर की विशेषताओं पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यह गोबर मिट्टी की उर्वरता में सुधार करता है और रासायनिक उत्पादों के विपरीत, प्राकृतिक खेती के लिए अनिवार्य है। जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर उनके विचार।

मुख्य बातें

देसी गाय का गोबर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
रासायनिक खादें मिट्टी को नुकसान पहुंचाती हैं।
गाय का गोबर एक प्राकृतिक तत्व है।
प्राकृतिक खेती के लिए देसी गायों का संरक्षण आवश्यक है।
भविष्य में गोबर का मिलना कठिन होगा।

नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली शब्दोत्सव 2026 के दूसरे दिन, प्रसिद्ध वक्ता और लेखक डीके हरि ने भारतीय कृषि, देसी गाय और प्राकृतिक खेती पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने गाय के गोबर की उपयोगिता, उसकी प्राकृतिक शक्ति और आधुनिक रासायनिक खेती के बीच के अंतर को सरल भाषा में समझाया।

डीके हरि ने कहा कि भाषा का मुख्य उद्देश्य विचारों को स्पष्ट करना है, न कि उन्हें जटिल बनाना। वे अपनी बात हिंदी और अंग्रेजी के मिश्रण में प्रस्तुत करते हैं ताकि अधिक से अधिक लोग इसे समझ सकें। इसके बाद उन्होंने सीधे खेती और प्रकृति से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया।

उन्होंने बताया कि देसी गाय के गोबर में एक विशेष प्राकृतिक सुगंध होती है। जब यह खेतों में प्रयोग किया जाता है तो यह मिट्टी के भीतर मौजूद सूक्ष्म जीवों (माइक्रो ऑर्गेनिज्म) को सक्रिय करता है। ये सूक्ष्म जीव आमतौर पर मिट्टी की सतह से एक से डेढ़ फुट नीचे रहते हैं। गोबर की यह प्राकृतिक सुगंध मिट्टी में जाकर इन जीवों को सक्रिय कर देती है, जिससे मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि होती है।

डीके हरि ने रासायनिक खाद और कीटनाशकों की आलोचना करते हुए कहा कि जब खेतों में केमिकल फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड डाले जाते हैं, तो वे इन सूक्ष्म जीवों को सक्रिय नहीं करते। रसायन भले ही फसलों को अस्थायी लाभ दें, लेकिन वे मिट्टी की प्राकृतिक शक्ति को कमजोर कर देते हैं। इसके विपरीत, गाय का गोबर मिट्टी को जीवित रखता है और प्राकृतिक तरीके से उसकी सेहत में सुधार करता है।

उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि यह गुण केवल देसी गाय के गोबर में ही मौजूद है, न कि विदेशी नस्लों के गोबर में। उनके अनुसार, देसी गाय का गोबर ही मिट्टी और पर्यावरण के लिए सबसे अधिक लाभकारी है।

डीके हरि ने भविष्य की ओर इशारा करते हुए चेतावनी दी कि आने वाले पचास वर्षों में फैक्ट्रियों से गोबर जैसा प्राकृतिक पदार्थ प्राप्त करना असंभव होगा। उन्होंने कहा कि गोबर किसी उद्योग में नहीं बनाया जा सकता, यह केवल गाय से प्राप्त होता है और वह भी देसी गाय से। इसलिए, यदि प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखना है, तो देसी गायों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी दर्शाता है। जैसे-जैसे हम आधुनिकता की ओर बढ़ते हैं, हमें अपनी परंपराओं को भी संजोकर रखना चाहिए। देसी गायों का संरक्षण न केवल मिट्टी की उर्वरता के लिए, बल्कि हमारे पारिस्थितिकी संतुलन के लिए भी आवश्यक है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या देसी गाय का गोबर मिट्टी के लिए फायदेमंद है?
जी हां, देसी गाय का गोबर मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाता है और सूक्ष्म जीवों को सक्रिय करता है।
रासायनिक खादों का उपयोग क्यों नहीं करना चाहिए?
रासायनिक खादें मिट्टी की प्राकृतिक शक्ति को कमजोर कर देती हैं, जबकि गोबर प्राकृतिक रूप से मिट्टी को स्वस्थ रखता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले