क्या दिल्ली में शब्दोत्सव 2026 में माधवी लता ने महत्वपूर्ण बातें कहीं?
सारांश
Key Takeaways
- माधवी लता ने हिन्दू धर्म की परिभाषा दी।
- भाजपा की राजनीति को स्वच्छ बताया।
- 2029 में तेलंगाना में भाजपा की सरकार बनाने का दावा।
- एकता और शक्ति का महत्व।
नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शब्दोत्सव 2026 के दूसरे दिन के सत्र में हैदराबाद से असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ चुनाव लड़ चुकीं माधवी लता ने भाग लिया। उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।
माधवी लता ने भारत के दक्षिण में पीएम मोदी के प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि उत्तर की ओर जाने का अर्थ है शक्ति प्राप्त करना। वहीं, दक्षिण की ओर जाने का मतलब है किसी शक्ति का समन्वय करना, जो कि सभ्यता के भीतर यात्रा करने का संकेत है। उन्होंने कहा कि वेद की भाषा सनातन है और यह हमारे अस्तित्व से पहले की है।
दक्षिण पथ का अर्थ है व्यक्ति का आगे बढ़ना जबकि उत्तर पथ पर व्यक्ति की शक्ति में वृद्धि होती है। पीएम मोदी ‘सबका साथ, सबका विकास’ के माध्यम से यही कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिन्दू एक मजहब नहीं, बल्कि एक धर्म है जो भारतवासियों से ‘जय भारत’ कहलवाता है। यह धर्म ही है जो पीएम मोदी को दुनिया में वैक्सीन बांटने की प्रेरणा देता है।
माधवी लता ने कहा कि चुनाव के दौरान ‘तीर’ चलाने के इशारे को लेकर वह विवादों में रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामचंद्र का तीर उज्ज्वल भारत की ओर ले जाने के लिए था, लेकिन कुछ लोगों ने इसे स्वार्थ में बदल दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को सत्ता में आना था, लेकिन कांग्रेस ने कैसे जीत हासिल की? यह बताता है कि भाजपा कितनी स्वच्छ राजनीति करती है। उन्हें टिकट मिलने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया।
माधवी लता ने यह दावा किया कि 2029 में तेलंगाना में भाजपा सरकार बनाएगी और असदुद्दीन ओवैसी को हैदराबाद से भगा देंगे।
उन्होंने अंत में कहा कि उत्तर भारत ने मुगलों के प्रभाव को रोका और दक्षिण ने सनातन को संरक्षित किया। हम न बटेंगे और न ही कटेंगे, हम एक हैं और एक रहेंगे।