क्या विदेशी शक्तियां भारत को तोड़ना चाहती हैं? एसपी वैद का बयान
सारांश
Key Takeaways
- विदेशी शक्तियों का भारत में हस्तक्षेप बढ़ रहा है।
- कश्मीर की स्थिति में बदलाव आया है।
- ऑपरेशन सिंदूर का महत्व समझा गया।
- सोशल मीडिया पर निगरानी आवश्यक है।
- नागरिकों को एकजुटता से काम करना होगा।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शब्दोत्सव 2026 कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजीपी एस.पी. वैद ने कहा, “यह एक अद्भुत कार्यक्रम है और इससे लोगों में जागरूकता बढ़नी चाहिए। कई विदेशी शक्तियां भारत को तोड़ने और तख्तापलट का प्रयास कर रही हैं। इन शक्तियों का मुकाबला करना हमारी जिम्मेदारी है। यह तभी संभव है जब देश का हर नागरिक भारत सरकार के साथ मिलकर इनका सामना करे।”
वैद ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद की स्थिति को लेकर कहा, “जो डर कभी कश्मीर के लोगों में था, वही अब आतंकवादियों के मन में है। 370 हटने के बाद भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए एक कड़ा जवाब दिया है और स्पष्ट संदेश दिया है कि हम भारत में बदलाव लाने के साथ-साथ पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं। यह एक रणनीति में बदलाव है। ऑपरेशन सिंदूर के साथ-साथ सिंधु नदी जल समझौते को रद्द करने का निर्णय पाकिस्तान को आने वाले समय में बड़ी कीमत चुकाने पर मजबूर करेगा।”
उन्होंने कहा कि जिस तरह गृह मंत्री ने तीन नए आपराधिक कानून लागू किए हैं, उसका बड़ा प्रभाव देखने को मिल रहा है। एनआईए और एसआईए द्वारा की जा रही जांचों से भी असर पड़ा है। आतंकी या ड्रग तस्कर जिस घर का इस्तेमाल करते हैं, उसे सीज करने से प्रभाव ज्यादा हो रहा है। अब कोई व्यक्ति किसी आतंकवादी को अपना घर इस्तेमाल करने देने से पहले बार-बार सोचता है। पहले उन्हें खुली छूट मिली थी।”
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कट्टरता फैलाने के खिलाफ सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। हर जिले में सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं पर नजर रखी जानी चाहिए, ताकि अगर किसी का देशविरोधी ताकतों से संपर्क है तो उसकी पहचान की जा सके और उसके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
जोहरान ममदानी को लेकर उन्होंने कहा, “वह कौन है? आज भारत 90 के दशक का भारत नहीं है, यह हमें याद रखना चाहिए।” उन्होंने ममदानी को अपने घर का दौरा करने की सलाह दी।