दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 6 राज्यों के 170 छात्रों से की लोकतंत्र पर संवाद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को 'माई भारत' कार्यक्रम के अंतर्गत नई दिल्ली आए 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 170 छात्रों से सीधी बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत के युवा न केवल कल के नेता हैं, बल्कि आज के राष्ट्र निर्माता भी हैं, जो 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में मूलभूत भूमिका निभाएंगे।
किन राज्यों से आए थे छात्र
इस शैक्षिक यात्रा में गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश के छात्र शामिल थे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस संवाद ने छात्रों को विधायी संस्थाओं के कामकाज, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संसदीय परंपराओं की व्यावहारिक समझ विकसित करने का दुर्लभ अवसर दिया।
अध्यक्ष का संदेश
गुप्ता ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जब विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवा राष्ट्रीय उद्देश्य की भावना से एकजुट होते हैं, तो वे 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की नींव को और सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने छात्रों को भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं की गहरी समझ विकसित करने तथा देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को मजबूत करने में अपनी भूमिका पहचानने के लिए प्रेरित किया।
दिल्ली विधानसभा परिसर का दौरा
शैक्षिक कार्यक्रम के तहत छात्रों ने ऐतिहासिक दिल्ली विधानसभा परिसर का निर्देशित भ्रमण किया। वृत्तचित्रों और प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्हें केंद्रीय विधानसभा से भवन के ऐतिहासिक संबंध तथा उन प्रख्यात हस्तियों और ऐतिहासिक विकासों से अवगत कराया गया, जिन्होंने इस संस्था की विरासत को गढ़ा है।
छात्रों ने मुख्य विधानसभा कक्ष का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें विधायी बहसों और कार्यवाही के वातावरण का प्रत्यक्ष अनुभव मिला। इस यात्रा ने उन्हें संसदीय लोकतंत्र की परंपराओं, जिम्मेदारियों और संस्थागत मूल्यों से जोड़ा।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी
मेरा युवा भारत के राज्य निदेशक अंकित कुमार गौर और सहायक निदेशक रमेश सोनी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। गौरतलब है कि 'माई भारत' केंद्र सरकार की वह पहल है जो युवाओं को देश की शासन-प्रक्रियाओं और संस्थाओं से सीधे जोड़ने का कार्य करती है।
आगे की राह
यह संवाद उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसमें देशभर के युवाओं को विधायी संस्थाओं के भ्रमण के ज़रिये लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से व्यावहारिक रूप से परिचित कराया जा रहा है। ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भारत के राजनीतिक और नागरिक जीवन में सक्रिय भागीदारी की नींव तैयार करते हैं।