दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने DU विधि छात्रों से की संसदीय संवाद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 21 अगस्त 2026 को युवा संपर्क कार्यक्रम के अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय के विधि केंद्र-2 के छात्रों के साथ विस्तृत संवाद किया। इस बातचीत में उन्होंने संसदीय प्रक्रियाओं, लोकतांत्रिक संस्थाओं और भारत की विधायी विरासत पर अपने अनुभव और दृष्टिकोण साझा किए।
संवाद का मुख्य विषय
आधिकारिक बयान के अनुसार, अध्यक्ष गुप्ता ने छात्रों को लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका और देश की समृद्ध विधायी परंपराओं से परिचित कराया। उन्होंने विधि के छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए संसदीय कार्यप्रणाली की बारीकियों पर प्रकाश डाला। यह कार्यक्रम भावी कानूनविदों को विधायिका की व्यावहारिक समझ देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
अगस्त में हुए अन्य युवा संवाद
इसी माह के आरंभ में चल रहे साप्ताहिक युवा संपर्क कार्यक्रम के तहत गुप्ता ने दो अन्य प्रतिनिधिमंडलों की भी मेजबानी की। पहला प्रतिनिधिमंडल ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री यूथ लीडरशिप डायलॉग 3.0 के प्रतिभागियों का था, जिसमें भारत सहित ब्रिक्स और ब्रिक्स-प्लस देशों के छात्र, युवा पेशेवर, शोधकर्ता और उभरते नेता शामिल थे। दूसरा प्रतिनिधिमंडल नागपुर की छात्र संसद के युवा सांसदों का था।
वैश्विक युवा नेतृत्व पर चर्चा
ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद में अध्यक्ष गुप्ता ने सार्वजनिक नीति, कूटनीति, उद्यमिता और वैश्विक सहयोग जैसे विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि 'लोकतंत्र और सुशासन सार्वभौमिक मूल्य हैं जो तब फलते-फूलते हैं जब विभिन्न देशों के युवा सीमा पार संवाद में शामिल होते हैं।' उनके अनुसार, युवाओं को नीतिगत अंतर्दृष्टि और कूटनीतिक समझ से सशक्त बनाना सतत विकास और वैश्विक स्थिरता के लिए अनिवार्य है।
छात्र संसद को विधायी अनुभव
नागपुर की छात्र संसद के प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष अभिविन्यास सत्र आयोजित किया गया, जो नागरिक चेतना और विधायी प्रक्रियाओं की समझ को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया था। युवा प्रतिनिधियों को विधेयकों पर बहस, कानून-निर्माण और कार्यपालिका की जवाबदेही से जुड़े तंत्रों का प्रत्यक्ष अनुभव मिला। दोनों प्रतिनिधिमंडलों को ऐतिहासिक विधानसभा भवन का निर्देशित भ्रमण भी कराया गया।
विरासत और इतिहास से परिचय
भ्रमण के दौरान आगंतुकों को विट्ठलभाई पटेल सहित अग्रणी सांसदों की संस्थागत विरासत और 1993 में विधानसभा की पुनर्स्थापना के बाद से उसकी यात्रा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और विधायी विकास से जुड़ी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। यह युवा संपर्क कार्यक्रम आने वाले सप्ताहों में भी जारी रहने की संभावना है।