14 जुलाई 2026
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दिल्ली में 48 घंटों में 9°C की गिरावट, IMD ने पश्चिमी विक्षोभ को बताया कारण

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दिल्ली में 48 घंटों में 9°C की गिरावट, IMD ने पश्चिमी विक्षोभ को बताया कारण

सारांश

45 डिग्री के पार पहुँची दिल्ली की तपती गर्मी को पश्चिमी विक्षोभ ने महज 48 घंटों में 9°C नीचे खींच लिया। रिज से पालम तक हर स्टेशन ने बड़ी गिरावट दर्ज की — लेकिन IMD की चेतावनी है कि यह राहत अस्थायी है।

मुख्य बातें

27 मई से 29 मई 2026 के बीच 48 घंटों में दिल्ली का तापमान 9°C तक गिरा।
रिज स्टेशन पर तापमान 45.6°C से 36.8°C पर आया; पालम में 44.6°C से 35.2°C पर।
IMD के अनुसार, यह गिरावट उत्तर-पश्चिमी भारत पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई।
अगले कुछ दिन अधिकतम तापमान 35–38°C के बीच रहने का अनुमान, फिर धीरे-धीरे बढ़ोतरी संभव।
लू के मामलों में कमी और बिजली माँग में राहत की उम्मीद; विशेषज्ञों ने पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी।

नई दिल्ली में 27 मई से 29 मई 2026 के बीच मात्र 48 घंटों में तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे कई दिनों की भीषण लू से झुलस रहे दिल्लीवासियों को बड़ी राहत मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस नाटकीय बदलाव की पुष्टि करते हुए इसका कारण उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ बताया है।

मुख्य तापमान आँकड़े

27 मई को राजधानी के कई मौसम केंद्रों पर भीषण गर्मी का प्रकोप रहा। रिज स्टेशन पर 45.6°C, आया नगर में 45.4°C, पालम में 44.6°C, लोधी रोड पर 44.6°C और सफदरजंग में 44.3°C तापमान दर्ज किया गया था।

29 मई तक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। रिज में तापमान गिरकर 36.8°C, आया नगर में 36.0°C, पालम में 35.2°C, लोधी रोड में 35.7°C और सफदरजंग में 36.8°C पर आ गया — कई स्थानों पर 8 से 9 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई।

पश्चिमी विक्षोभ की भूमिका

IMD के अधिकारियों के अनुसार, यह अचानक तापमान परिवर्तन उत्तर-पश्चिमी भारत पर सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हुआ। इस मौसमी प्रणाली के कारण कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएँ, बादल और हल्की बारिश हुई, जिसने लू की तीव्रता को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाई। विभाग के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि इस तरह की गिरावट से बुजुर्गों, बच्चों और बाहरी कामगारों को विशेष राहत मिली है।

आम जनता पर असर

तापमान में गिरावट से वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज किया गया है। भीषण गर्मी के दौरान अस्पतालों में लू लगने के मामले बढ़ गए थे, अब उनमें कमी आने की उम्मीद है। एयर कंडीशनर के अत्यधिक उपयोग के चलते बिजली की माँग रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई थी, उसमें भी राहत मिलने के संकेत हैं।

आगे का मौसम पूर्वानुमान

IMD ने अगले कुछ दिनों के लिए अपेक्षाकृत सुहावने मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। अधिकतम तापमान 35 से 38°C के बीच रहने की संभावना है, जिसके बाद धीरे-धीरे फिर बढ़ोतरी हो सकती है। गौरतलब है कि दिल्ली में मई और जून का मौसम अनिश्चित रहता है और यह राहत अस्थायी हो सकती है।

विशेषज्ञों की सलाह

मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि पश्चिमी विक्षोभ से मिली राहत अल्पकालिक है। निवासियों को सलाह दी गई है कि वे पर्याप्त पानी पीते रहें, दोपहर की धूप में निकलने से बचें और मौसम विभाग के अपडेट पर नज़र रखें। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे उत्तर भारत में मानसून-पूर्व की गर्मी असामान्य रूप से तीव्र रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल को नहीं छुपाती — मई के अंत में 45°C से ऊपर का तापमान अब असामान्य नहीं रहा। पश्चिमी विक्षोभ हर बार बचाव में नहीं आएगा, और शहरी ताप द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island) दिल्ली की गर्मी को हर साल और घातक बना रहा है। IMD का पूर्वानुमान तंत्र बेहतर हुआ है, पर लू से होने वाली मौतों की रोकथाम के लिए नगर निगम-स्तर की तैयारी अभी भी पर्याप्त नहीं दिखती। अस्थायी राहत को स्थायी नीति का विकल्प मानना खतरनाक होगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में तापमान इतनी तेज़ी से क्यों गिरा?
IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी भारत पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण तेज हवाएँ, बादल और हल्की बारिश हुई, जिसने 48 घंटों में तापमान 9°C तक गिरा दिया। यह मौसमी प्रणाली लू की तीव्रता को कम करने में सहायक रही।
29 मई 2026 को दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कितना तापमान दर्ज हुआ?
29 मई को रिज और सफदरजंग में 36.8°C, आया नगर में 36.0°C, लोधी रोड में 35.7°C और पालम में 35.2°C तापमान रिकॉर्ड किया गया — जो 27 मई के मुकाबले 8 से 9 डिग्री कम है।
क्या दिल्ली में यह राहत लंबे समय तक रहेगी?
IMD के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह राहत अस्थायी है। अगले कुछ दिन अधिकतम तापमान 35–38°C के बीच रहेगा, लेकिन उसके बाद फिर से बढ़ोतरी की संभावना है। मई-जून में दिल्ली का मौसम अनिश्चित रहता है।
इस तापमान गिरावट से आम जनता को क्या फायदा हुआ?
तापमान घटने से लू लगने के मामलों में कमी आई है, वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है और एयर कंडीशनर के अत्यधिक उपयोग से बढ़ी बिजली माँग में भी राहत मिलने की उम्मीद है। बुजुर्गों, बच्चों और बाहरी कामगारों को सबसे अधिक राहत मिली है।
दिल्ली में गर्मी के दौरान क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
IMD और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीएँ, दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें और मौसम विभाग के अपडेट पर नज़र रखें। भले ही तापमान अभी कम है, सतर्कता ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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