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यमुना में डूबा 14 वर्षीय गणेश: अलीपुर में NDRF और गोताखोरों का तलाशी अभियान जारी

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यमुना में डूबा 14 वर्षीय गणेश: अलीपुर में NDRF और गोताखोरों का तलाशी अभियान जारी

सारांश

दिल्ली के अलीपुर में शुक्रवार शाम यमुना में डूबे 14 वर्षीय गणेश का अभी तक कोई सुराग नहीं। NDRF और बोट क्लब के गोताखोर झंगोला गाँव के पास तलाशी अभियान में जुटे हैं। परिवार महाराष्ट्र मूल का है और घाट पर प्रतीक्षारत है।

मुख्य बातें

14 वर्षीय गणेश शुक्रवार शाम 26 सितंबर 2026 को दिल्ली के अलीपुर के पास झंगोला गाँव के निकट यमुना में डूब गया।
किशोर अपने 3-4 दोस्तों के साथ बिना परिजनों को बताए नदी में नहाने उतरा था।
NDRF और बोट क्लब के गोताखोरों ने तलाशी अभियान शुरू किया; शनिवार तक किशोर का पता नहीं चला।
परिवार मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है और दिल्ली में बसा है।
घटनास्थल पर कोई आधिकारिक स्नान घाट नहीं है, जिससे सुरक्षा की चिंताएँ उभरी हैं।

दिल्ली के अलीपुर इलाके में झंगोला गाँव के पास यमुना नदी में 26 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को डूबे 14 वर्षीय गणेश की तलाश शनिवार को भी जारी रही। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और बोट क्लब के गोताखोरों ने तलाशी अभियान फिर से शुरू किया, परंतु किशोर का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

घटना का विवरण

परिजनों के अनुसार, गणेश शुक्रवार शाम अपने तीन-चार दोस्तों के साथ यमुना नदी में नहाने गया था। शाम करीब 6 बजे परिजनों को फोन पर सूचना मिली कि गणेश नदी में डूब गया है। उसके साथ गए अन्य लड़कों ने बताया कि वे नदी में उतरे थे और गणेश अचानक पानी में समा गया।

परिवार के एक सदस्य मुंगेश कुमार ने बताया, 'मुझे शाम करीब 6 बजे फोन आया कि चाची का बेटा अपने दोस्तों के साथ यमुना में तैरने आया था और उनमें से एक — जिसका नाम गणेश है — नदी में डूब गया है। तब से न कोई खबर आई है और न बॉडी मिली है।'

बचाव अभियान की स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही NDRF की टीम और बोट क्लब के गोताखोर मौके पर पहुँचे और रात भर तलाशी जारी रही। शनिवार को सुबह से अभियान फिर से तेज किया गया। गोताखोर यमुना के उस हिस्से में गहन खोज कर रहे हैं जहाँ गणेश के डूबने की आशंका है, लेकिन तेज धारा के कारण खोज कार्य में कठिनाई आ रही है।

परिवार की पृष्ठभूमि

मुंगेश कुमार ने बताया कि परिवार मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है और रोज़गार के सिलसिले में दिल्ली में बसा है। घटना वाले दिन गणेश घर से दोस्तों के साथ 'बाहर घूमने' जाने की बात कहकर निकला था — परिजनों को यमुना जाने की भनक तक नहीं थी। जब लड़का देर तक नहीं लौटा तब फोन पर दुखद खबर मिली।

आम जनता पर असर और सुरक्षा की चिंता

यह घटना एक बार फिर यमुना के खतरनाक घाटों पर युवाओं की अनियंत्रित पहुँच और सुरक्षा उपायों की कमी को रेखांकित करती है। अलीपुर क्षेत्र के इस हिस्से में कोई आधिकारिक स्नान घाट नहीं है, जहाँ किशोर नहाने उतरे थे। गौरतलब है कि यमुना में डूबने की ऐसी घटनाएँ हर वर्ष मानसून और उसके बाद के महीनों में सामने आती हैं, जब नदी का जलस्तर अस्थिर रहता है।

बचाव दल की कोशिशें जारी हैं और परिजन घाट पर डेरा डाले बैठे हैं। जैसे ही कोई ठोस जानकारी सामने आएगी, अधिकारी परिवार को सूचित करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

न सुरक्षाकर्मी। हर साल मानसून के बाद ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती हैं, और हर बार NDRF को बुलाकर खानापूर्ति की जाती है। सवाल यह है कि बचाव की प्रतिक्रिया के बजाय रोकथाम की व्यवस्था कब बनेगी।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में यमुना नदी में कौन डूबा और कब?
दिल्ली के अलीपुर इलाके में झंगोला गाँव के पास 26 सितंबर 2026 (शुक्रवार) शाम को 14 वर्षीय गणेश यमुना नदी में डूब गया। वह अपने 3-4 दोस्तों के साथ नदी में नहाने उतरा था।
गणेश की तलाश में कौन-सी एजेंसियाँ लगी हैं?
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और बोट क्लब के गोताखोर मिलकर तलाशी अभियान चला रहे हैं। शुक्रवार रात से शुरू हुई खोज शनिवार को भी जारी रही, लेकिन किशोर का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
गणेश का परिवार कहाँ का रहने वाला है?
परिवार मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है और रोज़गार के लिए दिल्ली में बसा है। परिजन घटनास्थल पर डेरा डाले बचाव दल की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
क्या घटनास्थल पर कोई आधिकारिक स्नान घाट है?
नहीं। अलीपुर के झंगोला गाँव के पास यमुना किनारे का वह हिस्सा कोई अधिकृत स्नान घाट नहीं है। किशोर और उसके दोस्त बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था वाले स्थान पर नदी में उतरे थे।
यमुना में डूबने की ऐसी घटनाएँ दिल्ली में कितनी आम हैं?
दिल्ली में यमुना के किनारे अनधिकृत स्थानों पर नहाने जाने से डूबने की घटनाएँ हर साल मानसून और उसके बाद के महीनों में सामने आती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चेतावनी बोर्डों और सुरक्षाकर्मियों की कमी ऐसी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है।
राष्ट्र प्रेस
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