भारत में सेंट किट्स और नेविस के विदेश मंत्री डेन्जिल डगलस का स्वागत, उच्चायोग का उद्घाटन
सारांश
Key Takeaways
- सेंट किट्स और नेविस के विदेश मंत्री का नई दिल्ली में स्वागत।
- दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने का उद्देश्य।
- उच्चायोग का उद्घाटन यात्रा के दौरान होगा।
- डेन्जिल डगलस एक अनुभवी राजनीतिक नेता हैं।
- भारत और सेंट किट्स के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के प्रयास।
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सेंट किट्स और नेविस के विदेश मंत्री डेन्जिल डगलस का नई दिल्ली में अतुलनीय स्वागत हुआ। यह यात्रा दोनों देशों के बीच के प्राचीन संबंधों को और अधिक दृढ़ बनाने और द्विपक्षीय सहयोग में नई संभावनाओं को खोजने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, "सेंट किट्स और नेविस के विदेश मंत्री डेन्जिल डगलस का नई दिल्ली आगमन पर दिल से स्वागत है। यह यात्रा हमारे देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस यात्रा के दौरान, भारत में सेंट किट्स और नेविस के उच्चायोग का उद्घाटन भी किया जाएगा।"
डेन्जिल डगलस अपनी आधिकारिक यात्रा पर 3 से 8 अप्रैल तक भारत में रहेंगे।
उन्होंने सोमवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया, और 7 अप्रैल को दोपहर एक बजे हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इसके बाद, 8 अप्रैल को उनकी वापसी होगी।
डेन्जिल डगलस सेंट किट्स और नेविस के राजनीतिक परिदृश्य में एक अनुभवी नेता हैं, जिन्होंने कई दशकों से देश की सेवा की है।
वे 1995 से 2015 तक संघ के दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत रहे। 2022 में उन्हें पुनः सरकार में शामिल किया गया और वे विदेश, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, उद्योग, वाणिज्य, उपभोक्ता मामलों और निवेश के मंत्री नियुक्त हुए।
विदेश मंत्री के रूप में, वे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बैठकों और सहयोग कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं, जिसमें भारत सहित कई देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के प्रयास शामिल हैं।
इससे पहले, डेन्जिल डगलस ने अगस्त 2024 में भारत का दौरा किया था, जिसमें उन्होंने सेंट किट्स और नेविस के विदेश मंत्री की मेजबानी की थी। दोनों मंत्रियों ने रक्षा एवं सुरक्षा, स्वास्थ्य व फार्मास्यूटिकल्स, स्टाफ प्रशिक्षण, अक्षय ऊर्जा, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे साझा करने और विकास सहयोग जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की थी।